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suvendu adhikari : NANDIGRAM | BHABANAIPUR |शुभेंदु अधिकारी के सामने खड़ा हो गया बड़ा धर्मसंकट, भवानीपुर और नंदीग्राम में से किस सीट से देंगे इस्तीफा?

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शुभेंदु अधिकारी के सामने खड़ा हो गया बड़ा धर्मसंकट, अब क्या करेंगे भावी सीएम?

Last Updated:May 06, 2026, 20:24 IST

Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल के भावी मुख्यमंत्री माने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के सामने दोहरी जीत के बाद अब एक सीट चुनने की चुनौती है. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उन्हें 14 दिनों के भीतर एक सीट छोड़नी होगी. शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर में से कौन सी सीट अपने पास रखेंगे और किस सीट से इस्तीफा दे सकते हैं.शुभेंदु अधिकारी के सामने खड़ा हो गया बड़ा धर्मसंकट, अब क्या करेंगे भावी सीएम?Zoomसुवेंदु ही बनेंगे पश्चिम बंगाल के सीएम-सूत्र

कोलकाता. बंगाल चुनाव 2026 में जीत में अहम रोल अदा करने वाले सुभेंदु अधिकारी के सामने एक धर्मसंकट खड़ा हो गया है. भारतीय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act, 1951) की धारा 33(7) के तहत कोई भी व्यक्ति दो सीटों से चुनाव तो लड़ सकता है, लेकिन वह एक साथ दो निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता. शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही जगहों से जीत हासिल की है. अब नियमानुसार, उन्हें शपथ ग्रहण से पहले या परिणाम घोषित होने के 14 दिनों के भीतर किसी एक सीट से इस्तीफा देना अनिवार्य है. यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी दोनों सीटें रिक्त घोषित की जा सकती हैं.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट को अपने पास रखेंगे. इसके पीछे कई ठोस कारण हैं. नंदीग्राम वही भूमि है जिसने शुभेंदु को ‘जायंट किलर’ का तमगा दिया है. 2021 में भी उन्होंने इसी सीट पर ममता बनर्जी को हराया था और 2026 में फिर से इसी जीत को दोहराकर उन्होंने साबित कर दिया है कि यह उनका अभेद्य किला है. नंदीग्राम के लोगों से उनका जुड़ाव काफी पुराना है और वह इस सीट को छोड़कर अपने समर्थकों को नाराज नहीं करना चाहेंगे. आज भी वह नंदीग्राम में लोगों के बीच जाकर उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं.

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