Rajasthan

चित्तौड़गढ़ का वो रहस्यमयी मंदिर जहां आज भी गूंजती है मीरा बाई की कृष्ण भक्ति, दीवारें सुनाती हैं कहानी

Last Updated:May 08, 2026, 21:23 IST

Chittorgarh Famous Temple: चित्तौड़गढ़ किले में स्थित मीरा मंदिर 16वीं शताब्दी का ऐतिहासिक स्थल है, जहां मीरा बाई ने कृष्ण भक्ति की, आज भी यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मीरा बाई के भजन गाकर उन्हें याद करते हैं.

ख़बरें फटाफट

चित्तौड़गढ़. राजस्थान की धरती वीरों, संतों और भक्तों की कहानियों से भरी हुई है. इन्हीं कहानियों में एक नाम कृष्ण भक्त मीरा बाई का भी है, जिनकी भक्ति आज भी लोगों को भावुक कर देती है. बहुत कम लोग जानते हैं कि राजस्थान में एक ऐसी जगह आज भी मौजूद है, जहां मीरा बाई ने लंबे समय तक भगवान कृष्ण की भक्ति में समय बिताया था. यह ऐतिहासिक स्थान चित्तौड़गढ़ किले परिसर में स्थित मीरा मंदिर के नाम से जाना जाता है.

इतिहासकारों के अनुसार मीरा बाई का विवाह मेवाड़ के राजकुमार भोजराज से हुआ था. विवाह के बाद वे चित्तौड़ आईं, लेकिन उनका मन हमेशा भगवान कृष्ण की भक्ति में ही रमा रहा. राजपरिवार की परंपराओं और विरोध के बावजूद उन्होंने भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा. कहा जाता है कि राजमहल से अलग उन्हें यह स्थान दिया गया था, जहां वे भजन-कीर्तन किया करती थीं.

मीरा की भक्ति का साक्षी बना यह मंदिरआज यह स्थान मीरा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. मंदिर परिसर में आज भी वह प्राचीन माहौल महसूस किया जा सकता है, जहां कभी मीरा बाई ने अपने प्रसिद्ध भजन गाए थे. यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक मीरा की भक्ति और इतिहास को करीब से महसूस करते हैं. मंदिर की वास्तुकला भी लोगों को खासा आकर्षित करती है. पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और प्राचीन शैली इस जगह को अलग पहचान देती है.

माना जाता है कि यह मंदिर 16वीं शताब्दी के आसपास का है और वर्षों बाद भी इसकी ऐतिहासिक पहचान बरकरार है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक चित्तौड़गढ़ किले के साथ इस मंदिर को देखने जरूर पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मीरा बाई के भजन गाकर उन्हें याद करते हैं.

आज भी गूंजती है मीरा की भक्तिखासतौर पर कृष्ण जन्माष्टमी और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. राजस्थान की यह ऐतिहासिक जगह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और समर्पण की जीवित मिसाल मानी जाती है. मीरा बाई की कृष्ण भक्ति की कहानी आज भी इस स्थान की दीवारों में गूंजती हुई महसूस होती है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Chittaurgarh,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj