हड्डियां तोड़ने की बात करते थे हुमायूं कबीर, सुवेंदु ने चेताया तो बोले-बीजेपी के खिलाफ नहीं दिया कोई बयान

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हड्डियां तोड़ने की बात करते थे हुमायूं कबीर, सुवेंदु ने हड़काया तो नरम पड़े ते
Last Updated:June 29, 2026, 23:12 IST
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर की आपत्तिजनक टिप्पणियों पर चेतावनी दी. ये तक कह दिया कि अब बहुत हो गया, आप ऐसी बातें नहीं कर सकते. अब एक्शन होगा. इसके बाद हुमायूं कबीर के बोल बदल गए.सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को चेताया.
हुमायूं कबीर कभी बीजेपी वालों की हड्डियां तोड़ने की बातें करते थे, लेकिन सोमवार को जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें चेताया तो सुर नरम पड़ गए. अब हुमायूं कबीर कह रहे कि हमने तो कभी बीजेपी के खिलाफ कोई बयान दिया ही नहीं.
26 जून को मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर ने भड़काऊ टिप्पणी की थी. उन्होंने बीजेपी को सैटा भांगा करने यानी डंडे से पीटने और हड्डियां तोड़ने की चेतावनी दी थी. बोले- जिस दिन लिमिट क्रॉस हो जाएगी, जिस दिन दिमाग गर्म हो जाएगा, उस दिन मैं एसपी, चीफ मिनिस्टर कुछ नहीं समझूंगा. इसके अलावा, हुमायूं ने मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर जाकर पुलिस को भी धमकी दी थी. सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं की इन्हीं आपत्तिजनक टिप्पणियों पर चेताया.
सुवेंदु बोले- अब बहुत हो गया
विधानसभा में हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं. एक कमजोर मुख्यमंत्री पाकर आपने जो मन में आया, वह कहा. आपको इतनी बड़ी ताकत किसी ने नहीं दी है. आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह मैं जानता हूं. आपके दो एजेंडे थे. पहला- भरतपुर, नौदा और रेजीनगर की सभी पंचायतों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करना, जो आप नहीं कर पा रहे हैं. और दूसरा- आप दो सीटों पर जीते थे. आप नियमों के तहत रेजीनगर से इस्तीफा देकर उपचुनाव में वहां से अपने बेटे को जिताना चाहते हैं. इसलिए ये सब बोलकर आप मुस्लिम वोटों को एकजुट करना चाहते हैं. लेकिन कान खोलकर सुन लीजिए, मैं आपको इस तरह की धमकियां देने और बेलगाम बातें करने की इजाजत नहीं दूंगा. इनफ इज इनफ, अब बहुत हो गया. अब सबक सिखाने का समय आ गया है.
हुमायूं कबीर की भाषा बदल गई
सुवेंदु के ये तेवर देखकर हुमायूं कबीर की भाषा ही बदल गई. विधानसभा से बाहर आते ही हुमायूं कबीर बोले, बीजेपी के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से मेरा कोई आक्रोश नहीं है. कानून अपना काम करेगा. मैं कानून से ऊपर नहीं हूं. मुझे कानून पर पूरा भरोसा है. सीपीएम के 34 साल के शासन में भी मुझ पर 27 केस दर्ज किए गए थे. एक भी मामले में यह साबित नहीं हुआ कि मैं अपराधी हूं. सभी मामलों में मुझे क्लीनचिट मिली है. टीएमसी के शासनकाल में भी मेरे नाम पर 7 मामले दर्ज किए गए. उन मामलों में भी यह साबित नहीं किया जा सका कि हुमायूं कबीर कोई गुंडागर्दी करता है या किसी पर कोई अत्याचार या जुल्म कर रहा है. मुझे उम्मीद है कि मौजूदा प्रशासन भी कोई आरोप साबित नहीं कर पाएगा.
लोकतंत्र में यह खतरनाक
अपने विवादित बयान पर सफाई देते हुए हुमायूं ने आगे कहा, जो गुंडे ममता बनर्जी की छत्रछाया में हम पर हमला करते थे, उन्हें आज पुलिस का संरक्षण मिल रहा है. लोकतंत्र में यह बेहद खतरनाक है. मैंने कार्यकर्ता सम्मेलन में यही कहा था कि अगर थाने टीएमसी के गुंडों और मवालियों को पनाह देंगे, तो टकराव तय है. मैं इस मामले में कोई समझौता नहीं करूंगा. मैंने बस यही कहा था. व्यक्तिगत तौर पर बीजेपी में किसी के खिलाफ जहर उगलने या मौजूदा सत्ताधारी दल के खिलाफ मेरा कोई बयान नहीं है.
About the Authorज्ञानेंद्र मिश्रDeputy News Editor
<strong>Gyanendra Kumar Mishra</strong> is a senior journalist with nearly <strong>20 years of experience</strong> in the media industry. He is currently associated with <strong> Hindi </strong>(hindi.new…और पढ़ें
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