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सिर्फ मामूली दस्त-उल्टी नहीं, डॉक्टर ने बताया फूड पॉइजनिंग कैसे बनती है जानलेवा

Last Updated:July 10, 2026, 18:54 IST

Can Food Poisoning Be Deadly: फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर में पानी की कमी से बहुत कमजोरी महसूस होती है, जिसे समय रहते इलाज से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. लेकिन इसका गंभीर रूप जानलेवा भी साबित हो सकता है. इसलिए इसके लक्षण को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए.

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अक्सर लोग फूड पॉइजनिंग को एक सामान्य समस्या मान लेते हैं और सोचते हैं कि यह सिर्फ उल्टी, दस्त या पेट दर्द तक ही सीमित रहती है. कई बार लोग घरेलू उपायों से इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं. हालांकि, कुछ मामलों में फूड पॉइजनिंग बेहद गंभीर रूप ले सकती है और समय पर इलाज न मिलने पर जान के लिए खतरा भी बन सकती है. खासकर लगातार उल्टी और दस्त होने पर शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है, जिससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल आगरा में गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी कंसलटेंट, डॉ. सौरभ बंसल बताते हैं कि फूड पॉइजनिंग तब होती है जब व्यक्ति दूषित खाना या पानी का सेवन करता है. इसमें बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या उनके द्वारा पैदा किए गए विषैले तत्व मौजूद हो सकते हैं. सड़क किनारे मिलने वाला अस्वच्छ भोजन, खराब हो चुका खाना, कच्चा मांस और बिना पाश्चराइज्ड डेयरी उत्पाद इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं.

फूड पॉइजनिंग के लक्षण दूषित भोजन खाने के कुछ घंटों या कुछ दिनों के भीतर ही फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसमें शुरुआत में जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है. हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज, किडनी या लिवर की बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसका खतरा अधिक होता है. ऐसे लोगों में डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ सकता है, जिससे लो ब्लड प्रेशर, तेज धड़कन, पेशाब कम आना, भ्रम की स्थिति, किडनी फेलियर और गंभीर मामलों में शॉक तक आ सकता है.

कब डॉक्टर से दिखाना जरूरीएक्सपर्ट बताते हैं कि अगर उल्टी और दस्त दो दिन से ज्यादा समय तक बने रहें, मल या उल्टी में खून दिखाई दे, तेज बुखार हो, शरीर में पानी की कमी के लक्षण जैसे अत्यधिक प्यास, मुंह सूखना, चक्कर आना या आंखें धंसना महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. फूड पॉइजनिंग से गंभीर समस्याएं कम ही होती हैं. लेकिन ये गंभीर और कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती हैं. इसलिए समय रहते इलाज जरूरी है. इलाज के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना सबसे जरूरी होता है. इसके लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस), जरूरत पड़ने पर आईवी फ्लुइड्स और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है.

बचाव के उपायफूड पॉइजनिंग से बचने के लिए हमेशा साफ-सफाई का ध्यान रखें. खाना बनाने और खाने से पहले हाथ धोएं, ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाएं, फल-सब्जियों को अच्छी तरह साफ करें और केवल स्वच्छ पानी का सेवन करें. समय रहते लक्षणों को पहचानना और सही इलाज करवाना गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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