परंदूर प्रोजेक्ट में नया मोड़: अब कहां बनेगा चेन्नई का दूसरा एयरपोर्ट? CM विजय ने एक्सपर्ट से मांगी रिपोर्ट

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परंदूर प्रोजेक्ट में नया मोड़: अब कहां बनेगा चेन्नई का दूसरा एयरपोर्ट?
Last Updated:August 25, 2026, 13:16 IST
Tamil Nadu International Airport: तमिलनाडु सरकार ने राजधानी चेन्नई के हवाई इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने के लिए नए सिरे से मास्टरप्लान तैयार किया है. कांचीपुरम के परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा योजना को रद्द करने के बाद अब राज्य में किसी दूसरी उपयुक्त जगह पर नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा. उद्योग विभाग के ताजा पॉलिसी नोट के अनुसार, चेन्नई पर बढ़ते यात्रियों और कार्गो उड़ानों के भारी दबाव को संभालने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है.नए एयरपोर्ट को लेकर तमिलनाडु सरकार ने विशेषज्ञों से राय मांगी है. (फाइल फोटो)
चेन्नई. तमिलनाडु सरकार ने राजधानी चेन्नई के पास एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तैयार करने के लिए नए सिरे से कवायद शुरू कर दी है. कांचीपुरम जिले के परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डालने के बाद राज्य सरकार ने अब वैकल्पिक जगहों की पहचान करने का फैसला लिया है. उद्योग विभाग के आधिकारिक पॉलिसी नोट के मुताबिक, चेन्नई में तेजी से बढ़ रहे पैसेंजर और कार्गो ट्रैफिक के भारी दबाव को देखते हुए एक आधुनिक एयरपोर्ट बेहद जरूरी हो गया है. सरकार अब विमानन और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों की मदद से नई संभावित लोकेशंस का सर्वे कराकर अंतिम मुहर लगाएगी.
शॉर्टलिस्ट की गई जगहों की व्यवहार्यता की जांच बाद में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) करेगी, जिसके बाद सरकार एयरपोर्ट बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी. यह कदम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा विधानसभा में यह घोषणा करने के एक दिन बाद उठाया गया है कि उनकी सरकार परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को छोड़ देगी; उन्होंने कृषि भूमि, जल संसाधनों और निवासियों की आजीविका को लेकर चिंताएं जताई थीं.
वैकल्पिक स्थल की तलाशइंडस्ट्रीज पॉलिसी नोट में कहा गया है कि चेन्नई और आस-पास के जिलों से यात्रियों और कार्गो ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए एक नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की योजना बनाई जा रही है. अभी तक किसी दूसरी जगह को फाइनल नहीं किया गया है. सरकार ने कहा है कि नई जगह का चुनाव एक्सपर्ट्स से बातचीत और टेक्निकल फ़ीज़िबिलिटी असेसमेंट के बाद किया जाएगा. यह प्रक्रिया मौजूदा चेन्नई एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की कोशिशों के साथ-साथ चलेगी.
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा था कि भले ही चेन्नई को अपनी लंबी अवधि की एविएशन जरूरतों, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और कार्गो की मांग को पूरा करने के लिए दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत है, लेकिन ऐसा इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट किसानों और स्थानीय समुदायों के नुकसान की कीमत पर नहीं होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने 20 जनवरी, 2025 को एगनापुरम और दूसरे गांवों के अपने दौरे को भी याद किया, जहां वे प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट का विरोध कर रहे निवासियों से मिले थे. विजय ने कहा, “मैं चेन्नई के परंदूर और 12 आसपास के गांवों में बनने वाले एयरपोर्ट का विरोध कर रहे लोगों के साथ मजबूती से खड़ा हूं.”
1700 एकड़ जमीन का क्या होगा?सरकार परंदूर प्रोजेक्ट के लिए पहले ही हासिल की गई लगभग 1,700 एकड़ जमीन के दूसरे औद्योगिक इस्तेमाल पर भी विचार कर रही है. IANS के हवाले से सरकारी सूत्रों ने बताया कि हासिल की गई जमीन को वापस करने या जमीन मालिकों को पहले ही दिए गए मुआवजे को वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है. चूंकि यह जमीन ‘तमिलनाडु एक्विजिशन ऑफ लैंड फॉर इंडस्ट्रियल पर्पज़ेज़ एक्ट’ के तहत हासिल की गई थी, इसलिए इसका इस्तेमाल एयरपोर्ट के अलावा दूसरे कामों के लिए भी किया जा सकता है.
उम्मीद है कि उद्योग विभाग दूसरे विभागों के साथ मिलकर इसके इस्तेमाल की योजना तैयार करेगा. जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट, खेती से जुड़े काम और बिना जोखिम वाले उद्योग शामिल हैं. SIPCOT इंडस्ट्रियल एस्टेट बनाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है. बातचीत पूरी होने के बाद हासिल की गई ज़मीन के लिए एक रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है. परंदूर एयरपोर्ट का प्रस्ताव 13 गांवों में फैली लगभग 5,300 एकड़ जमीन पर था और इसका मकसद चेन्नई की लंबे समय की एविएशन जरूरतों को पूरा करना था.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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Chennai,Tamil Nadu
First Published :
August 25, 2026, 13:05 IST



