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Gajra For Mental Health :गजरा लगाने से मूड सचमुच होता है बूस्ट? डॉक्‍टर ने बताया खुशबू और मेंटल हेल्थ का वैज्ञानिक सच

Gajra mental health benefits : बालों में महकता हुआ गजरा लगाना हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक खूबसूरत हिस्सा रहा है. त्यौहार हो, शादी-ब्याह हो या कोई खास मौका, गजरे की भीनी-भीनी खुशबू पूरे माहौल को तरोताजा कर देती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बालों में गजरा सजाने से न सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ती है, बल्कि यह आपके मूड को भी बूस्ट कर सकता है? हाल ही में बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल की कंसलटेंट मनोचिकित्सक (Psychiatrist) डॉ. शारधी सी. ने एचटी को दिए एक इंटरव्यू में इसके पीछे के साइकोलॉजिकल फैक्ट्स (मनोवैज्ञानिक कारणों) के बारे में बताया. आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि क्या सच में गजरा मेंटल हेल्‍थ के लिए मददगार है.

रिसर्च में पाया गया है कि मोगरे और चमेली के फूलों की प्राकृतिक खुशबू इंसान को रिलैक्स महसूस कराती है और तनाव (स्ट्रेस) को कम करने में मदद करती है.

दिमाग और खुशबू का खास कनेक्शनडॉ. शारधी बताती हैं कि दरअसल जब हम मोगरे या चमेली जैसी फूलों की खुशबू सूंघते हैं, तो यह सीधे हमारे दिमाग के उस हिस्से यानी ऑलफैक्ट्री सिस्टम  (Olfactory System) तक पहुँचती है जो हमारी भावनाओं और पुरानी यादों को कंट्रोल करता है. रिसर्च में पाया गया है कि मोगरे और चमेली के फूलों की प्राकृतिक खुशबू इंसान को रिलैक्स महसूस कराती है और तनाव (स्ट्रेस) को कम करने में मदद करती है. दरअसल, गजरा लगाने का रिवाज आमतौर पर घर के खुशनुमा माहौल, खुशियों और यादों से जुड़ा होता है. जब कोई इसे पहनता है, तो उसे एक अपनेपन और सुकून का अहसास होता है, जो मूड को बेहतर बनाता है.

क्या गजरा मानसिक बीमारियों का इलाज है?हमारा मानसिक स्वास्थ्य कई चीजों से तय होता है, जैसे हमारे जेनेटिक्स (आनुवंशिकी), खान-पान, नींद, शारीरिक सेहत, रिश्ते और दिनभर का तनाव. अगर कोई व्यक्ति काफी समय से उदास महसूस कर रहा है, उसे घबराहट या पैनिक अटैक आते हैं, या रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत हो रही है, तो उसे गजरे जैसे नुस्खों के भरोसे रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

डॉक्टर शारधी इस बात पर भी जोर देती हैं कि गजरे को किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता. गजरा लगाना केवल एक महसूस करने वाली (Sensory) एक्टिविटी है. इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि सिर्फ गजरा लगाने से डिप्रेशन (अवसाद), एंग्जाइटी (चिंता) या कोई अन्य दिमागी बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है.

मेंटल हेल्‍थ बेहतर करने के उपाय-मानसिक रूप से मजबूत और खुश रहने के लिए डॉ. शारधी ने कुछ वैज्ञानिक तरीकों की सलाह दी है:

पूरी नींद और एक्सरसाइज: रोजाना थोड़ी शारीरिक कसरत करें और 7-8 घंटे की गहरी नींद लें.
मेडिटेशन और प्रकृति: ध्यान (Mindfulness) लगाएं और थोड़ा समय प्रकृति के बीच बिताएं.
सोशल कनेक्टिविटी: दोस्तों और परिवार के लोगों से जुड़े रहें और अपनी बातें शेयर करें.
समय पर डॉक्टरी मदद: जरूरत पड़ने पर किसी थेरेपिस्ट या मनोचिकित्सक की मदद लेने में संकोच न करें.

अगर गजरा लगाने या प्राकृतिक फूलों की खुशबू से आपको खुशी और शांति मिलती है, तो इसे अपनी दिनचर्या और वेलनेस रूटीन में शामिल करने में कोई बुराई नहीं है. यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में एक छोटा सा सकारात्मक बदलाव ला सकता है. लेकिन ध्यान रहे, यह आपकी खुशी बढ़ाने का एक साधन (Complementary Ritual) हो सकता है, गंभीर मानसिक समस्याओं के इलाज का विकल्प नहीं.

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