कट्टा, साजिश और खूनी रिश्ते: बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, मां- बेटे ने अब पिता के किए टुकड़े

Last Updated:August 21, 2026, 09:54 IST
Jaipur Crime News: जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय जगदीश जाट की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी बेटे ने पिता का गला दबाने के बाद कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे. बदबू आने पर कैब चालक की सूचना पर पुलिस ने 5 घंटे में खुलासा किया. चौंकाने वाली बात यह है कि यह परिवार टोंक में अपनी बहू की हत्या के आरोप में पहले भी जेल जा चुका था और चार महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था.
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Jaipur Crime News: बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े
जयपुर: जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में झाड़ियों के पीछे पड़ा वो प्लास्टिक का कट्टा सिर्फ एक सड़ती हुई लाश को नहीं छुपा रहा था, बल्कि खून से सने उस खौफनाक सच को भी दबाए बैठा था, जिसने रिश्तों के ताने-बाने को तार-तार कर दिया. 75 साल के बुजुर्ग जगदीश जाट को शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि जिस घर को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, वही घर उनकी कब्र की वजह बनेगा. जब पुलिस ने कट्टे को खोला, तो भीतर पड़े सड़ चुके शव और उससे उठती बदबू ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. लेकिन सांगानेर सदर पुलिस की तीखी नजरों से वो मुजरिम बच न सके, जिन्होंने इस खूनी खेल की पटकथा लिखी थी.
दोपहर के करीब साढ़े तीन बजे जब राहगीरों ने झाड़ियों के पीछे से एक अजीब सी सड़न भरी बदबू महसूस की, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब प्लास्टिक के बोरे को काटा, तो उसमें 75 वर्षीय जगदीश जाट का शव मिला. लाश की हालत देखकर साफ लग रहा था कि कत्ल कई दिन पहले किया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब परिवार वालों को मौके पर बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और पुत्र सवाईराम जाट के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं. उनके चेहरे पर गम की जगह एक अजीब सा डर और हड़बड़ाहट साफ दिखाई दे रही थी. पुलिस उपायुक्त-दक्षिण राजर्षि राज की सतर्क टीम ने दोनों के इन संदिग्ध हाव-भावों को भांप लिया और बिना देर किए उन्हें हिरासत में ले लिया.
शराब की लत और घर की कलह का खूनी अंत
थाने के कड़े पहरे में जब पुलिस ने सजना देवी और सवाईराम से अलग-अलग पूछताछ शुरू की, तो दोनों ज्यादा देर तक झूठ के पुलिंदे के पीछे नहीं छिप सके. कड़ाई से हुई पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि मृतक जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और आए दिन घर में क्लेश और मारपीट करता था. रोज-रोज के इस झगड़े से तंग आकर मां-बेटे ने मिलकर जगदीश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया. उन्होंने मौका पाकर 18 अगस्त की शाम जब शराब के नशे में विवाद हुआ, तो पत्नी सजना देवी (70) और छोटे बेटे सवाईराम जाट (40) ने मिलकर पहले जगदीश का गला दबाया. फिर भी सांसें चलती देख कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली से वार कर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद आरोपी बेटा सवाईराम शव को घसीटकर बाथरूम में ले गया. उसने कुल्हाड़ी से पिता के हाथ और गर्दन काटने का प्रयास किया. जब कुल्हाड़ी से अंग नहीं कटे तो उसने रसोई से चाकू और दांतली लाकर धड़ व हाथ अलग-अलग काट डाले. 19 अगस्त को पूरा दिन और रात शव घर में ही पड़ा रहा. बेटा रातभर लाश के साथ रहकर उसके टुकड़े करता रहा. 20 अगस्त को तड़के करीब 3:30 बजे सवाईराम कट्टे में भरे शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुलाकर ले जाने की फिराक में था. लेकिन कट्टे से आती तेज बदबू के कारण टैक्सी चालक को अनहोनी की आशंका हुई और उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी.
कैब चालक की सतर्कता से खुली कत्ल की परतें
सूचना मिलते ही सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा की टीम मौके पर पहुंची. पानी की टंकी के पास खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच प्लास्टिक के कट्टे में बंद जगदीश चौधरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. पुलिस ने जब परिजनों को बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट के चेहरे के हाव-भाव देखकर पुलिस को तुरंत शक हो गया. डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा के निर्देशन में जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और रोज-रोज के क्लेश व प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया.
टोंक में बहू की हत्या में भी जेल जा चुका है पूरा परिवार
इस अंधे कत्ल की जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि यह परिवार पहले से ही खूनी वारदातों में शामिल रहा है. आरोपी सजना देवी और सवाईराम जाट वर्ष 2024 (टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र) में अपनी ही बहू की हत्या के मामले में जेल जा चुके थे. इस संगीन वारदात में मृतक जगदीश, उसकी पत्नी, दोनों बेटे (सवाईराम और रामअवतार) शामिल थे. पूरा परिवार करीब चार महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था, जबकि बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी जेल में ही बंद है. जमानत पर बाहर आते ही मां-बेटे ने मिलकर घर के मुखिया की ही बलि चढ़ा दी. सांगानेर सदर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 21, 2026, 09:54 IST



