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जिम जॉइन करने से पहले जरूर कराएं ये 3 टेस्ट! डॉ. शेट्टी ने बताया क्यों बढ़ रहे हैं युवाओं में साइलेंट हार्ट अटैक की समस्या

आजकल कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई बार व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ दिखता है, नियमित जिम भी जाता है, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने से जान तक चली जाती है. मशहूर कार्डियक सर्जन डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी का कहना है कि फिटनेस की शुरुआत सिर्फ एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि हेल्थ चेकअप से होनी चाहिए. उनका मानना है कि अगर लोग समय पर कुछ जरूरी जांच करवा लें, तो कई गंभीर हृदय रोगों का खतरा पहले ही पता लगाया जा सकता है.

ANI को दिए इंटरव्यू में डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी के मुताबिक, भारत में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते, जब तक कोई गंभीर परेशानी सामने न आ जाए. ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि अगर उन्हें कोई दर्द या तकलीफ नहीं है, तो उनका दिल पूरी तरह स्वस्थ है. लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं होता. अगर कोई व्यक्ति पहली बार जिम जॉइन कर रहा है, दौड़ना शुरू कर रहा है या किसी तरह की हाई-इंटेंसिटी फिटनेस एक्टिविटी करने जा रहा है, तो पहले शरीर की बेसिक जांच कराना बेहद जरूरी है. इससे यह पता चल सकता है कि कहीं पहले से कोई ऐसी समस्या तो नहीं है, जो भारी एक्सरसाइज के दौरान खतरा बन सकती है.

ये तीन टेस्ट कराना हो सकता है फायदेमंदडॉ. शेट्टी के अनुसार, फिटनेस की शुरुआत से पहले कुछ जरूरी जांच कराई जा सकती हैं.ब्लड टेस्ट – इससे शुगर, कोलेस्ट्रॉल, किडनी और अन्य जरूरी स्वास्थ्य संकेतकों की जानकारी मिलती है.ECG और Echocardiogram – ये जांच दिल की धड़कन, वाल्व और हृदय की कार्यप्रणाली का आकलन करने में मदद करती हैं.Cardiac CT Scan – कुछ लोगों में डॉक्टर की सलाह पर यह जांच धमनियों में कैल्शियम या ब्लॉकेज के जोखिम का आकलन करने के लिए उपयोगी हो सकती है.

यह तीनों टेस्ट रोडसाइड के किसी भी हेल्थ कैंप और डायग्नोस्टिक सेंटर में आसानी से हो सकते हैं.

क्यों बढ़ रहे हैं युवाओं में साइलेंट हार्ट अटैक?डॉ. शेट्टी के अनुसार, कई लोगों में हार्ट अटैक आने से पहले कोई स्पष्ट चेतावनी नहीं मिलती. कई मरीजों को कभी सीने में दर्द नहीं हुआ होता, फिर भी अचानक हार्ट अटैक हो जाता है. इसकी एक वजह यह हो सकती है कि हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और व्यक्ति को इसका एहसास नहीं होता. उन्होंने बताया कि कई मरीजों में हार्ट अटैक से पहले पारंपरिक लक्षण नहीं दिखते. विशेष रूप से डायबिटीज के मरीजों में ऐसा हो सकता है, क्योंकि उनमें नसों की संवेदनशीलता प्रभावित होने के कारण सीने का दर्द सामान्य लोगों की तुलना में कम महसूस हो सकता है. इसलिए जोखिम वाले लोगों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है.

क्या सिर्फ फिट दिखना ही स्वस्थ होने की गारंटी है?आजकल सोशल मीडिया के दौर में लोग फिट दिखने पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन फिट दिखना और दिल का पूरी तरह स्वस्थ होना हमेशा एक जैसी बात नहीं है. किसी व्यक्ति का वजन सामान्य हो सकता है, वह नियमित व्यायाम भी करता हो, फिर भी हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर या धमनियों में शुरुआती ब्लॉकेज जैसी समस्याएं मौजूद हो सकती हैं. ऐसी स्थितियों का पता केवल मेडिकल जांच से ही चल सकता है.

बढ़ रही है जागरूकता, लेकिन अभी लंबा सफर बाकीडॉ. देवी प्रसाद शेट्टी का मानना है कि पहले की तुलना में अब लोगों में हार्ट अटैक और हृदय रोगों को लेकर जागरूकता बढ़ी है. अधिक लोग हेल्थ चेकअप और स्वस्थ जीवनशैली की ओर ध्यान दे रहे हैं. फिर भी बड़ी संख्या में लोग बिना जांच कराए ही खुद को पूरी तरह स्वस्थ मान लेते हैं.

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