नीट पेपर लीक पर बड़ा खुलासा, बिवाल परिवार के 5 सदस्यों का राज खुला, पेपर खरीदकर बने थे डॉक्टर

सीकर. नीट 2026 पेपर लीक मामले में गुरुग्राम के यश से पेपर खरीदने वाले विकास बिवाल और उसके पूरे परिवार को लेकर अब सनसनीखेज खुलासा सामने आया है. न्यूज18 इंडिया की पड़ताल में यह सामने आया कि बिवाल परिवार ने नीट 2025 में भी कथित रूप से पेपर खरीदकर पांच सदस्यों को सफलता दिलाई थी. परिवार की तीन बेटियां और दो बेटे कथित तौर पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन ले चुके हैं.
पाली जिले के इस परिवार की बेटियां पलक बिवाल (रैंक 662), सानिया बिवाल (रैंक 5583) और गुंजन बिवाल (रैंक 8674) नीट 2025 में सफल घोषित हुई थीं. इन तीनों की तस्वीरें सीकर के दीप कैरियर इंस्टीट्यूट द्वारा बड़े पोस्टरों में प्रकाशित की गई थीं. पोस्टर में दावा किया गया था कि “सिलेक्शन नहीं तो पैसे वापस”. हालांकि, नीट परिणामों के कुछ समय बाद ही यह कोचिंग संस्थान बंद हो गया.
बिवाल परिवार के पांच सदस्य सिर्फ टेस्ट सीरीज के लिए रजिस्टर्ड थे
न्यूज18 की टीम द्वारा की गई पड़ताल में यह भी सामने आया कि बिवाल परिवार के पांचों सदस्य विकास बिवाल, प्रगति बिवाल, सानिया बिवाल, पलक बिवाल और गुंजन बिवाल सीकर की प्रसिद्ध सीएलसी कोचिंग में केवल टेस्ट सीरीज के लिए रजिस्टर्ड थे. किसी भी सदस्य ने नियमित क्लासरूम कोर्स में पढ़ाई नहीं की थी. सीएलसी कोचिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण चौधरी ने न्यूज18 से विशेष बातचीत में कहा, “बिवाल परिवार का कोई भी सदस्य हमारे यहां रेगुलर कोर्स में नहीं था. सभी ने केवल टेस्ट सीरीज जॉइन की थी. अगर किसी के अभिभावक ने बाहर से पेपर लाकर दिया, तो उसमें कोचिंग संस्थान की क्या भूमिका हो सकती है? हमारा पेपर लीक से कोई लेना-देना नहीं है.”
विकास बिवाल ने 2026 नीट का पेपर भी कथित रूप से खरीदा था
विकास बिवाल की 12वीं कक्षा में मात्र 55 प्रतिशत अंक थे, लेकिन नीट में उसकी रैंक इतनी बेहतर रही कि उसे सवाई माधोपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल गया. अब आरोप है कि विकास बिवाल ने 2026 नीट का पेपर भी कथित रूप से खरीदा और अपने चाचा दिनेश बिवाल के बेटे ऋषि बिवाल को उपलब्ध कराया. ऋषि ने भी सीएलसी में टेस्ट सीरीज जॉइन की थी, लेकिन कुछ समय बाद उसने कोचिंग छोड़ दी थी.
मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल हो चुके हैं गिरफ्तार
सीबीआई पहले ही इस मामले में मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल को गिरफ्तार कर चुकी है. पलक और सानिया इन्हीं आरोपियों की बेटियां हैं, जो फिलहाल सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं. परिवार के इतने सदस्यों के एक साथ मेडिकल में चयन और “डॉक्टर बनाने की गारंटी” देने वाले कोचिंग संस्थान के अचानक बंद होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. क्या यह सिर्फ एक लुभावना विज्ञापन था या किसी बड़े रैकेट का हिस्सा?
कोचिंग हब सीकर में हड़कंप मचा हुआ है
पुलिस और सीबीआई अब पूरे बिवाल परिवार के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है. विकास बिवाल पर 2025 और 2026 दोनों वर्षों में पेपर खरीदने के गंभीर आरोप हैं. राजस्थान के कोचिंग हब सीकर में इस खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है और अभिभावकों में भी गहरी चिंता देखी जा रही है.



