पेपर लीक की आशंका से अभ्यर्थियों की नींद उड़ी, राजनीति गरमाई, कांग्रेस हुई हमलावर

Last Updated:May 12, 2026, 10:14 IST
NEET 2026 Paper Leak Case: NEET 2026 पेपर लीक विवाद ने मेरठ में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है. परीक्षण से पहले कथित “गैस पेपर” वायरल होने और सीकर, झुंझुनूं और वास्तविकता से गंदगी के बाद नामांकित सरकार और एनटीए पर शोधकर्ता है. सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और अशोक गहलोत ने इसे युवाओं के भविष्य के लिए जिम्मेदार ठहराया, कर्मचारियों की जांच की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. मामला अब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और लाखों छात्रों की राय से जुड़ा है.
ख़बरें फटाफट

पेपर लीक की आशंका से अभ्यर्थियों की नींद उड़ी (सांकेतिक फोटो)
जयपुर: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है. परीक्षा से पहले पेपर लीक और “गैस पेपर” के नाम पर एक जैसे सवाल वायरल होने के बाद अब यह मामला सिर्फ परीक्षा गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है.
राजस्थान के सीकर, झुंझुनूं और देहरादून से जुड़े तारों ने पूरे मामले को और बड़ा बना दिया है. वहीं केरल से आए एक युवक की गतिविधियों ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है. बताया जा रहा है कि सीकर में मिले क्वेश्चन बैंक में 600 नंबर के सवाल असली पेपर से मेल खाते पाए गए हैं.
केरल से सीकर तक जुड़े तारसूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जिनमें परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले व्हाट्सएप ग्रुप्स पर प्रश्नपत्र और “गैस पेपर” शेयर किए गए है. शुरुआती जांच में केरल के एक युवक का नाम सामने आने के बाद पुलिस और एसओजी की टीमें एक्टिव हो गई. सीकर, झुंझुनूं और देहरादून से अब तक 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि आधिकारिक तौर पर पेपर लीक की बात सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल सवालों और प्रश्नपत्र में समानता ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दिया है.
छात्रों और अभिभावकों में गुस्साNEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार गड़बड़ियों की खबरों से लाखों छात्रों का भरोसा अब टूटता जा रहा है. अभिभावकों का कहना है कि बच्चे सालों तक बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं, कोचिंग और पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं. एक प्रशासन पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर देती है.
NEET को लेकर अब राजनीति गरमा रही इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा- ‘गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए समय, पैसा और उम्मीद दांव पर लगा देते हैं — ऐसे में “पेपर लीक” ईमानदार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करे तो यह सरकार की नाकामी और विफलता है.’
वहीं गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में लगातार भर्ती परीक्षाएं और राष्ट्रीय एग्जाम सवालों के घेरे में आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि “गैस पेपर” के नाम पर असली पेपर वायरल होना बेहद गंभीर मामला है.
नेता प्रतिपक्ष टीका रामजुली ने मुख्यमंत्री के “पेपर लीक नहीं होंगे” वाले दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब पूरी व्यवस्था पर से भरोसा उठ चुका है. उन्होंने कहा कि वायरल पेपर और गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि सिस्टम में बड़ी खामियां मौजूद हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि गड़बड़ी हुई है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है.
जांच पर टिकी सबकी नजरफिलहाल पूरे मामले की जांच एसओजी और अन्य एजेंसियां कर रही हैं. छात्र संगठन और अभिभावक निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. NEET 2024 के बाद अब NEET 2026 पर उठे सवालों ने देश की परीक्षा प्रणाली और NTA की पारदर्शिता पर फिर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Jaipur,Rajasthan



