जयपाल पूनिया मर्डर केस में आया कोर्ट का बड़ा फैसला, 11 में से 9 आरोपी दोषी करार, कल होगा सजा का ऐलान

Last Updated:April 24, 2026, 16:38 IST
Jaipal Poonia Murder Case Verdict : नावां कस्बे के बहुचर्चित जयपाल पूनिया मर्डर केस में आज कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया है. कोर्ट ने जयपाल की हत्या के लिए 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है. केस के 2 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है. दोषियों की सजा का ऐलान 25 अप्रेल को किया जाएगा. जयपाल पूनिया की नावां थाने में हिस्ट्रीशीट खुली हुई थी. पूनिया बीजेपी के किसान मोर्चा से जुड़े हुए थे. इस मर्डर केस ने राजस्थान की राजनीति में बड़ा बवाल किया था. इसके चलते चार-पांच दिन तक पूनिया का शव मोर्चरी में रखा रहा था. केस की सीबीआई जांच की मांग भी उठी थी.
पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी. उनमें से दो को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है.
नागौर. डीडवाना-कुचामन जिले के नावां कस्बे के बहुचर्चित नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया मर्डर केस में शुक्रवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल की अदालत ने इस मर्डर केस के कुल 11 आरोपियों में से 9 को दोषी ठहराया है. जबकि 2 आरोपियों कुलदीप और हनुमान सैनी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. दोषी ठहराए गए अभियुक्तों को किन धाराओं में कितनी सजा दी जाएगी इसका ऐलान कल होगा. इस पर अंतिम फैसला अभी सुरक्षित रखा गया है. साल 2022 में कुचामन के नमक कारोबारी जयपाल पूनिया की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
एपीपी मनीष शर्मा ने बताया कि सजा का ऐलान शनिवार को किया जाएगा. जयपाल पूनिया नमक के बड़े कारोबारी थे और भाजपा के किसान मोर्चा से जुड़े थे. 14 मई 2022 को नावां में जयपाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमलावर बिना नंबर की गाड़ी में सवार होकर आये थे. उनकी हत्या वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिश के चलते की गई थी. पूनिया की हत्या के बाद नावां में तनाव फैल गया था. इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें शनिवार को होने वाले सजा के ऐलान पर टिकी है.
जयपाल पूनिया की 14 मई 2022 को नावां में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
विधायक समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था
जयपाल की हत्या नावां शहर के बालिका स्कूल चौराहे के पास तहसील रोड हुई थी. हालांकि गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हुए जयपाल पूनिया को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था. वहां से उन्हें प्राथमिक उपचार देकर जयपुर रेफर कर दिया गया था. लेकिन जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. मामले में नावां के कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी, उनके भाई मोती सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया था.
पूनिया की हिस्ट्रीशीट को लेकर रहा था विवाद
मामले के तूल पकड़ने के बाद इस पर जमकर राजनीति हुई. पूनिया के परिजनों और उनके वकील का दावा था कि जयपाल पूनिया की हिस्ट्रीशीट राजनीतिक दबाव में खोली गई थी. उन्हें बदनाम करने की नीयत से नावां थाने में ऐसा कराया गया था. हत्या के बाद पूनिया का शव चार-पांच दिन तक मोर्चरी में रखा रहा था. कई राजनीतिक बैठकें हुईं. काफी मशक्कत और समझाइश के बाद परिजनों ने उनका शव लिया था. इस संबंध में जयपाल पत्नी ने नावां विधायक और राजस्थान सरकार के तत्कालीन मुख्य उप सचेतक महेन्द्र चौधरी समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का षड़यंत्र रचने और हत्या का आरोप लगाते हुये उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था.
मर्डर केस को लेकर काफी राजनीति गरमाई थीइस मामले को लेकर काफी राजनीति गरमाई थी और इसकी सीबीआई जांच की मांग भी उठी थी. हाईप्रोफाइल केस होने के कारण पुलिस की सांसें फूल गई थी. पुलिस ने केस की जांच के बाद कोर्ट में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की. केस को लेकर कोर्ट में हुई जिरह, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर 9 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
April 24, 2026, 16:32 IST



