Rajasthan

हैदराबाद के 6 धरोहरों का डंका, INTACH अवार्ड 2026 से बढ़ी शान, इतिहास फिर बना शहर की खास पहचान

Last Updated:April 25, 2026, 12:50 IST

INTACH Heritage Award : हैदराबाद और सिकंदराबाद के छह ऐतिहासिक स्थलों को INTACH हेरिटेज अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है. इनमें सैन्य, शैक्षणिक और धार्मिक इमारतें शामिल हैं, जो शहर की समृद्ध विरासत का प्रतीक हैं. यह सम्मान इन धरोहरों के संरक्षण और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

हैदराबाद और सिकंदराबाद के छह ऐतिहासिक स्थलों को वर्ष 2026 के लिए INTACH हेरिटेज अवार्ड से सम्मानित किया गया है. यह गौरवपूर्ण मान्यता जुड़वां शहरों में स्थित प्रमुख सैन्य, शैक्षणिक और धार्मिक इमारतों को प्रदान की गई है. शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और वास्तुशिल्प विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों के तहत यह पुरस्कार इन ऐतिहासिक धरोहरों को दिया गया है जो हैदराबाद की ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करते हैं.

नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल, बेगमपेट<br />1946 में स्थापित यह स्कूल सैन्य विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान रहा है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के दौर में भारतीय वायु सेना के पायलटों और नेविगेटर्स को तैयार करने में इसकी भूमिका ऐतिहासिक रही है. बाद में इसे वायु सेना स्टेशन बेगमपेट में एकीकृत कर दिया गया.

केमेस्ट्री विज्ञान भवन, उस्मानिया विश्वविद्यालय<br />मीर उस्मान अली खान के शासनकाल के दौरान 1917 में निर्मित यह भवन उस्मानिया विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है. अपनी शानदार इंडो-सारासेनिक वास्तुकला और विशाल मेहराबों के लिए प्रसिद्ध, यह भवन आज भी विश्वविद्यालय के सबसे पुराने और प्रमुख विभागों में से एक है.

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श्री पुरी जगन्नाथ मंदिर, जनरल बाजार<br />1986 में प्रसिद्ध परोपकारी रामगोपाल मलानी द्वारा निर्मित, यह मंदिर जुड़वां शहरों में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है. मंदिर की राजस्थानी वास्तुकला और नक्काशी इसे एक अनोखा आकर्षण प्रदान करती है जो शहर के सांस्कृतिक ताने-बाने में विविधता जोड़ती है.

सीएसआई वेस्ली चर्च, सिकंदराबाद<br />1916 में स्थापित यह चर्च शहर पर औपनिवेशिक प्रभाव की एक अमिट छाप है. यह अपने उत्कृष्ट नव-गॉथिक डिजाइन, नुकीले मेहराबों और भव्य कांच की खिड़कियों के लिए जाना जाता है जो एक सदी से अधिक समय से खड़े हैं.

इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, तेलंगाना स्टेट सेंटर<br />1938 में स्थापित यह केंद्र इंजीनियरिंग शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख संस्थान है. इसका भवन दीवान बहादुर अरवामुद्दु अयंगर द्वारा दान की गई भूमि पर बना है, जो उस समय के परोपकारी और दूरदर्शी समाज का उदाहरण है.

कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट हाउस<br />1885 में निर्मित यह इमारत हैदराबाद के सैन्य इतिहास की सबसे पुरानी धरोहरों में से एक है. यह वर्तमान में कमांडेंट के आधिकारिक निवास के रूप में उपयोग की जाती है. यह अपनी विशिष्ट दक्कन शैली की वास्तुकला के लिए जानी जाती है जो स्थानीय जलवायु और सैन्य उपयोगिता के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य स्थापित करती है.

First Published :

April 25, 2026, 12:50 IST

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