‘शहर में रहकर भी गांव से बदतर जिंदगी’, भीलवाड़ा के लोग बोले- पानी भरने में ही निकल जाता है दिन

Last Updated:May 08, 2026, 15:03 IST
Bhilwara Water Crisis Ground Report: भीलवाड़ा के राधे नगर कॉलोनी क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. करीब 200 परिवार एक हैंडपंप के सहारे पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं. गर्मी बढ़ने के साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घंटों लाइन में लगकर पानी भरना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया. क्षेत्रवासियों का कहना है कि चंबल परियोजना की पाइपलाइन पास होने के बावजूद कॉलोनी को नहीं जोड़ा गया. लोगों ने प्रशासन से जल्द जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
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भीलवाड़ा. राजस्थान के भीलवाड़ा शहर स्थित राधे नगर कॉलोनी क्षेत्र में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है. स्थानीय निवासी पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं और पूरे इलाके की निर्भरता महज एक हैंडपंप पर बनी हुई है. गर्मी का मौसम बढ़ने के साथ ही पानी की मांग भी बढ़ गई है, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को लंबी कतारों में लगकर पानी भरना पड़ रहा है. सुबह से लेकर देर शाम तक महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी के लिए जद्दोजहद करते नजर आते हैं. यहां 200 से अधिक परिवार इस समस्या से परेशान हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है.
स्थानीय निवासी महिला रूबी सिंह ने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि हम राधे नगर में 5 सालों से रह रहे हैं. यहां शहर में होने के बावजूद भी गांव से बदतर जिंदगी जी रहे हैं. यहां सिर्फ एक हैंडपंप है, जिससे सभी लोग पानी भरते हैं. पानी भरने को लेकर महिलाओं में रोज झगड़े होते हैं. यहां नलों में पानी आता ही नहीं है. यहां से कुछ दूरी पर चंबल परियोजना की पाइपलाइन है, लेकिन उससे हमें नहीं जोड़ा गया है. सुबह होते ही हैंडपंप के पास लंबी कतारें लग जाती हैं. महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं. कई बार तो पानी भरने के लिए लोगों को दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. ऐसे में दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ गई है. यह समस्या पिछले काफी समय से बनी हुई है.
पांच वर्षो से बरकरार है पानी की समस्या
वहीं दूसरी ओर, गृहिणी सुनीता देवी छीपा ने बताया कि हम यहां पिछले 5 साल से रह रहे हैं और पिछले 5 साल से ही पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. पानी भरने के कारण घरेलू कामकाज पर भी असर पड़ रहा है. दिन का बड़ा हिस्सा पानी की व्यवस्था में ही निकल जाता है. जब हम पानी भरकर घर ले जाते हैं, तब भी पानी का काफी ध्यान रखना पड़ता है. बच्चों को पानी बर्बाद करने से रोकना पड़ता है, क्योंकि पानी इकट्ठा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. इस समस्या ने पूरे क्षेत्र की जीवनशैली को प्रभावित कर दिया है. हम चाहते हैं कि इस समस्या का समाधान मिले.
विधायक के जायजा लेने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय निवासी लोकेंद्र छीपा और राजू वर्मा ने बताया कि कई बार नगर विकास न्यास, संबंधित विभागों, जिला कलेक्टर और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. कुछ समय पहले स्थानीय विधायक भी मौके पर आकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है. गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी ने स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया है. पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोगों को साफ-सफाई में भी परेशानी हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक बनती जा रही है. क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है. इलाके में अतिरिक्त हैंडपंप लगाए जाएं या नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके. यदि जल्द ही इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी विकराल रूप ले सकता है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Bhilwara,Rajasthan



