उदयपुर में भी अब दिखेंगे जिराफ! सज्जनगढ़ पार्क में शुरू होगी नई सफारी, टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट

Last Updated:April 17, 2026, 12:42 IST
Udaipur Sajjangarh Biological Park : झीलों की नगरी उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में जल्द ही जिराफ देखने को मिलेंगे. वन विभाग ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं और मानसून से पहले एनक्लोजर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ पार्क की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को भी एक नया और खास आकर्षण मिलेगा.
झीलों की नगरी उदयपुर में वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को एक नया आयाम मिलने जा रहा है. सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लायन सफारी और रेप्टाइल हाउस के बाद अब जिराफ को बसाने की तैयारी तेजी से चल रही है. वन विभाग ने इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब काम जमीन पर उतरने जा रहा है. अधिकारियों का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले जिराफ के लिए पूरा एनक्लोजर तैयार कर लिया जाए.
जानकारी के अनुसार इसी हफ्ते से जमीन समतल करने और एनक्लोजर की बेस लाइनिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा. यह प्रोजेक्ट न सिर्फ पार्क की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक नया और खास आकर्षण बनेगा. सज्जनगढ़ सेंचुरी के गेट नंबर-3 के पास करीब 3 बीघा यानी लगभग 6200 वर्गमीटर क्षेत्र में जिराफ के लिए बड़ा और खुला एनक्लोजर बनाया जाएगा.
इसमें जिराफ के घूमने-फिरने और आराम करने के लिए पर्याप्त जगह होगी. पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए 9 फीट चौड़ा और 450 मीटर लंबा वॉकिंग पाथवे भी तैयार किया जाएगा, जहां से लोग सुरक्षित दूरी बनाकर जिराफ को करीब से देख सकेंगे. एनक्लोजर में जिराफ के रात में रुकने के लिए करीब 15 हजार वर्गफीट का होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा, जबकि दिन में घूमने के लिए 61 हजार वर्गफीट का ओपन डिस्प्ले एरिया होगा.
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जिराफ की लंबी कद-काठी को देखते हुए उनके खाने के लिए खास ऊंचाई वाले फीडिंग स्टैंड भी लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें प्राकृतिक माहौल जैसा अनुभव मिल सके. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 2.70 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.इसमें से उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने 2 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है. पहले चरण में करीब 1.70 करोड़ रुपए की लागत से एनक्लोजर और शेल्टर हाउस तैयार किया जाएगा.
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिराफ को यहां लाने के लिए एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का सहारा लिया जाएगा. इसके तहत उदयपुर में जिराफ का एक जोड़ा, यानी नर और मादा दोनों लाए जाएंगे.इससे आगे चलकर यहां जिराफ की ब्रीडिंग भी करवाई जा सकेगी, जिससे पार्क में उनकी संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी.<br />फिलहाल देश के कुछ बड़े बायोलॉजिकल पार्क जैसे मैसूर, पटना और कोलकाता में जिराफ मौजूद हैं. इनमें से मैसूर से जिराफ लाने की संभावना सबसे ज्यादा बताई जा रही है. जैसे ही एनक्लोजर का काम पूरा होगा, वैसे ही जिराफ लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
वन विभाग का मानना है कि जिराफ की एंट्री के बाद सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की पहचान और मजबूत होगी. इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा. खासकर बच्चों और परिवारों के लिए यह एक नया आकर्षण बनेगा. उदयपुर के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को नई ऊंचाई देने वाला साबित हो सकता है.आने वाले समय में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है.
First Published :
April 17, 2026, 12:42 IST



