IPL 2026: मुझे चेट्टा मत बुलाओ! मैच विनिंग पारी के बाद भी संजू सैमसन खुश नहीं, आखिर किस बात से हुए मायूस

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मैच विनिंग पारी के बाद भी संजू सैमसन खुश नहीं, आखिर किस बात से हुए मायूस
Last Updated:May 06, 2026, 00:09 IST
Sanju Samson: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में संजू सैमसन ने दमदार अर्धशतकीय पारी खेलकर चेन्नई सुपर किंग्स को जीत दिलाई. हालांकि, संजू मैच में अपना शतक पूरा नहीं कर पाए. मैच के बाद संजू से जब इसके बारे में पूछा गया तो वह इससे निराश दिखे.
दिल्ली के खिलाफ संजू ने खेली अर्धशतकीय पारी
नई दिल्ली: संजू सैमसन की नाबाद 87 रनों की अर्धशतकीय पारी से चेन्नई सुपर किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हरा दिया. सीएसके की इस सीजन ये 10 मैचों में 5वीं जीत थी. संजू ने सीएसके लिए अपनी पारी में 52 गेंदों का सामना किया, जिसमें 7 चौके और 6 छक्के भी शामिल रहा. संजू को उनके इस दमदार खेल के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. हालांकि, संजू शतक पूरा नहीं कर पाने से थोड़ा निराश जरूर दिखे. इस सीजन संजू 2 शतक लगा चुके हैं.
मैच के बाद संजू सैमसन ने कहा, “शतक हमेशा खास होता है. मन में इच्छा तो थी, लेकिन उसे पूरा करने के लिए मुझे थोड़ा स्वार्थी होना पड़ता. मेरा साथी खिलाड़ी भी अच्छा खेल रहा था और मैच जीतना आपको ज्यादा खुशी और आत्मविश्वास देता है. अभी कुछ और मैच बाकी हैं देखते हैं शतक फिर कभी लग जाए.”
चेट्टा बुलाना संजू सैमसन को नहीं पसंद
बता दें कि संजू सैमसन को फैंस चेट्टा के निक नेम से बुलाते हैं. दक्षिण भारत में चेट्टा का मतलब बड़ा भाई होता है, लेकिन संजू को चेट्टा बुलाना पसंद नहीं है. उन्होंने कहा, “लोग मुझे चेट्टा बुला रहे हैं, लेकिन मुझे संजू नाम ज्यादा पसंद है.” उन्होंने आगे कहा, “आप बस यही देखते हैं कि क्या सही काम कर रहा है, अपनी बुनियादी चीजों पर टिके रहते हैं और अपने हुनर पर भरोसा करते हैं. मैं बस अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा हूं और यह मेरे लिए अच्छा काम कर रहा है.”
अपनी बल्लेबाजी को लेकर संजू ने कहा, “पिछले 3-5 सालों से मैं यही कर रहा हूं यह एक रणनीति का हिस्सा है. मैं गेंदबाजों के हिसाब से अपनी जगह बदलता रहता हूं. मैं हमेशा ऐसा ही शांत रहता हूं, बस अब आप मुझे ज्यादा देख रहे हैं.” उन्होंने कहा, “जिस तरह का लक्ष्य हम पीछा कर रहे थे और जैसा पिच का बर्ताव था, मुझे भरोसा था कि अगर हम पावरप्ले में 30-35 रन पर 1 विकेट भी होते तब भी मैं स्पिनरों के खिलाफ बीच के ओवरों में रन बना सकता था.”
About the AuthorJitendra Kumar
जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें
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