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Jaipur Fruit Market Price Hike | जयपुर में फलों के दाम बढ़े

Last Updated:April 20, 2026, 09:40 IST

Fruit Prices Increase in Jaipur Mandi: जयपुर की मंडियों में भीषण गर्मी और आवक की कमी के चलते फलों की कीमतों में 20 से 50 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है. विदेशी फलों, विशेषकर ईरानी कीवी और सेब के दाम दोगुने से अधिक हो गए हैं, जिसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में देरी और युद्ध के हालात हैं. बढ़ती महंगाई की वजह से व्यापारियों का मुनाफा घटा है और छोटे फल विक्रेताओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. आम ग्राहक अब ए-ग्रेड के बजाय सामान्य क्वालिटी के फलों की ओर रुख कर रहे हैं.

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Fruit Prices Increase in Jaipur Mandi: राजस्थान में जारी भीषण गर्मी के दौर के बीच जयपुर की फल मंडियों में महंगाई का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है. गर्मियों के सीजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और जूस की बढ़ती खपत के कारण फलों की मांग अन्य मौसमों की तुलना में काफी ज्यादा रहती है लेकिन इस बार मांग के साथ-साथ कीमतों ने भी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. मंडी विक्रेताओं के अनुसार सेब, अनार, कीवी, संतरा और आम जैसे सभी प्रमुख फलों के दामों में प्रति किलो 20 से 50 रुपए तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उदाहरण के तौर पर संतरे का जो कट्टा कुछ महीने पहले 400 रुपए में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 550 रुपए तक पहुँच गई है. इसी तरह 60-70 रुपए किलो बिकने वाला चीकू अब बाजार में 100 रुपए के पार जा चुका है. विक्रेताओं का कहना है कि थोक भाव बढ़ने के कारण उन्हें मजबूरी में ऊंचे दामों पर फल बेचने पड़ रहे हैं जिससे आम ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हो रही है.

फलों की कीमतों में इस भारी उछाल का सबसे प्रमुख कारण मंडियों में फलों की आवक का कम होना बताया जा रहा है. विशेष रूप से खाड़ी देशों और विदेशों से आने वाले प्रीमियम क्वालिटी के फलों की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के हालातों और समुद्री रास्तों में हो रही देरी की वजह से कीवी, सेब और खजूर जैसे फलों की खेप 15 से 20 दिनों के अंतराल पर पहुँच रही है. ईरानी सेब की 10 किलो की पेटी जो पहले 1200-1300 रुपए में बिकती थी, अब उसका भाव 1800 रुपए तक पहुँच गया है. सबसे ज्यादा असर कीवी की कीमतों पर पड़ा है, जहाँ 1500 रुपए वाली ईरानी कीवी की पेटी अब 4000 रुपए के आसपास बिक रही है. लंबी दूरी और परिवहन में लगने वाले अधिक समय के कारण फलों की गुणवत्ता पर भी विपरीत असर पड़ रहा है जिससे ए-वन क्वालिटी के फलों की डिमांड में भारी गिरावट आई है.

व्यापारियों और छोटे मजदूरों पर आर्थिक संकटबढ़ती कीमतों ने न केवल ग्राहकों को परेशान किया है बल्कि जयपुर की मंडियों के व्यापारियों के व्यापार को भी संकट में डाल दिया है. अमूमन गर्मियों का सीजन फल व्यापारियों के लिए बंपर मुनाफे का समय होता है लेकिन इस बार ऊंचे भावों के कारण ग्राहकों ने महंगे फलों से दूरी बना ली है. थोक व्यापारियों के साथ-साथ मंडियों से फल लेकर गलियों और ठेलों पर बेचने वाले छोटे मजदूर भी अब नुकसान झेलने को मजबूर हैं. लोग अब महंगे ए-ग्रेड फलों के बजाय सामान्य क्वालिटी के सस्ते फलों की मांग कर रहे हैं क्योंकि हर ग्राहक 150-200 रुपए किलो के फल खरीदने में सक्षम नहीं है. इसके अलावा फल एक ऐसी वस्तु है जिसे ज्यादा समय तक स्टोर नहीं किया जा सकता है. गर्मी के कारण फल जल्दी खराब होने लगते हैं जिससे बचने के लिए व्यापारी कई बार लागत मूल्य या उससे भी कम दाम पर फल बेचने को मजबूर हैं जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

मंडी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चिंतावर्तमान में जयपुर की मुहाना मंडी और अन्य फल बाजारों में ग्राहकी सामान्य से काफी कम है. व्यापारियों का मानना है कि यदि विदेशों से आवक में सुधार नहीं हुआ और परिवहन के रास्ते सुगम नहीं हुए तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं. फिलहाल मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए फलों को दैनिक आहार में शामिल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है. दुकानदार अपनी लागत निकालने के लिए जूझ रहे हैं जबकि उपभोक्ता अपनी जरूरत में कटौती कर रहे हैं. शहर की मंडियों में फैले इस सन्नाटे और बढ़ते दामों ने पूरे फल व्यापार चक्र को अस्त-व्यस्त कर दिया है जिसका समाधान केवल आवक बढ़ने और मौसम की अनुकूलता पर ही निर्भर नजर आता है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

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Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

April 20, 2026, 09:40 IST

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