जोधपुर कुड़ी थाना डिजिटल पुलिसिंग

Last Updated:April 23, 2026, 10:27 IST
Jodhpur Kudi Police Station Digital High-Tech System: जोधपुर का कुड़ी पुलिस थाना अब पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक हो गया है. यहाँ केस डायरी, रोजनामचा और ड्यूटी रिपोर्ट्स अब पूरी तरह ऑनलाइन संधारित की जा रही हैं जिससे रीयल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है. पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के निर्देशों के बाद थाना प्रभारी तेजकरण परिहार के नेतृत्व में यह सिस्टम लागू किया गया है. यह पहल विशेष रूप से कुड़ी क्षेत्र की विविध आबादी और श्रमिकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है. अब एक क्लिक पर पुलिसकर्मियों की लोकेशन और कार्य की जानकारी उपलब्ध है जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी.
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Jodhpur: जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम क्षेत्र में स्थित कुड़ी पुलिस थाना अब हाईटेक पुलिसिंग का नया चेहरा बनकर उभरा है. पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के विजन को धरातल पर उतारते हुए इस थाने को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया गया है. अब थाने में केस डायरी, रोजनामचा और ड्यूटी चार्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को मैन्युअल तरीके से भरने की पुरानी परंपरा समाप्त हो गई है. इसकी जगह अब आधुनिक कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल एप्लीकेशन ने ले ली है. यह बदलाव न केवल पुलिसिंग को स्मार्ट बना रहा है बल्कि आम जनता का पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत कर रहा है.
डिप्टी पुलिस कमिश्नर कमल शेखावत और असिस्टेंट कमिश्नर आनंद सिंह राजपुरोहित की देखरेख में लागू हुए इस सिस्टम से कार्यक्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है. थाना प्रभारी तेजकरण परिहार के नेतृत्व में अब अधिकारी एक क्लिक के माध्यम से यह जान सकते हैं कि कौन सा पुलिसकर्मी किस क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है. रीयल टाइम डेटा उपलब्ध होने से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स देना आसान हो गया है. पहले कागजी कार्रवाई में लगने वाला समय अब अपराध नियंत्रण और गश्त में लगाया जा रहा है जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आई है.
संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा का नया घेराकुड़ी थाना क्षेत्र की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है. यहाँ लगभग 8 अलग-अलग राज्यों से आए हुए श्रमिक वर्ग के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं. इतनी विविध और घनी आबादी वाले क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पहले एक बड़ी चुनौती थी. पुराने सिस्टम में रिकॉर्ड अपडेट होने में समय लगता था लेकिन अब डिजिटल मॉनिटरिंग के चलते हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है. बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के सत्यापन और उनकी गतिविधियों के रिकॉर्ड को संधारित करना अब पहले से कहीं अधिक सरल और सटीक हो गया है.
भविष्य के थानों के लिए बना प्रेरणाकुड़ी थाने की यह डिजिटल पहल जोधपुर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के अन्य थानों के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है. तकनीक के उपयोग से पुलिस अब अपराधियों से दो कदम आगे रहने की तैयारी में है. इस हाईटेक व्यवस्था से न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम हो गई है. अधिकारियों का मानना है कि पुलिसिंग का यह डिजिटल स्वरूप आने वाले समय में अपराध मुक्त समाज बनाने की दिशा में सबसे बड़ा हथियार साबित होगा. अब जनता की शिकायतों का समाधान और जाँच की प्रक्रिया भी इस सिस्टम के कारण काफी तेज हो गई है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
April 23, 2026, 10:27 IST



