Rajasthan
घोड़े की टापों से गूंजता था जोधपुर, अब सन्नाटा! 3000 तांगों का शहर सिमटा सिर्फ 19 पर, क्या खत्म हो रही विरासत?

टैक्सी और ई-रिक्शा के आगे हारा तांगा! जोधपुर में कभी हजारों की संख्या, अब बचे
Jodhpur News: जोधपुर में कभी घोड़ों की टापों और तांगों की आवाज से गूंजने वाली सड़कों पर अब सन्नाटा छा गया है. एक समय था जब यहां करीब 3000 तांगे चलते थे, जो शहर की पहचान और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा थे. लेकिन बदलते वक्त, आधुनिक परिवहन और आर्थिक चुनौतियों के चलते यह संख्या घटकर अब सिर्फ 19 रह गई है. तांगा चलाने वाले ये लोग आज भी अपनी परंपरा को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं. खास बात यह है कि शहर के बच्चे इन्हें प्यार से “तांगे वाले अंकल” कहकर बुलाते हैं, जिससे इस विरासत में भावनात्मक जुड़ाव भी बना हुआ है. यह कहानी न सिर्फ एक पेशे के खत्म होने की है, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर के धीरे-धीरे मिटने का संकेत भी देती है.




