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‘भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है’, संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने पर ममता ने उल्टे मोदी सरकार को लिया लपेट!

Last Updated:April 18, 2026, 18:33 IST

Mamata Banerjee Statement on Women Reservation Bill: संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के फेल होने पर ममता बनर्जी ने भाजपा को ‘अपमानित’ बताया. उन्होंने कहा कि बहुमत न होने के कारण बीजेपी अब केवल बैसाखियों पर टिकी है. परिसीमन को देश बांटने की साजिश बताते हुए ममता ने बंगाल चुनाव के बीच दिल्ली की सत्ता को सीधी चुनौती दी है. देखिए दीदी के इस आक्रामक तेवर की पूरी इनसाइड स्टोरी. महिला आरक्षण बिल गिरने पर ममता ने BJP को क्यों लपेटा? बोलीं- पतन की शुरुआतZoomमहिला आरक्षण बिल को लेकर बंगाल में बवाल.

कोलकाता. संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर मचे घमासान के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है. शुक्रवार को लोकसभा में संविधान संशोधन बिल के गिरने के बाद ममता बनर्जी ने हावड़ा के उलुबेरिया में एक रैली के दौरान इसे भाजपा के ‘पतन की शुरुआत’ करार दिया. संसद में ‘131वां संविधान संशोधन बिल’ दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया. इस घटना के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को हावड़ा के उलुबेरिया में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर तीखा प्रहार किया. ममता ने दो-टूक शब्दों में कहा, ‘भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है. वे संसद में बुरी तरह पराजित हुए हैं और अब केवल दूसरों के समर्थन के दम पर सत्ता में बैठे हैं.’

ममता बनर्जी ने रैली में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के पास अपना बहुमत नहीं है और वे देश पर जबरन अपनी नीतियां थोपना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘संसद में बिल का गिरना इस बात का प्रमाण है कि देश अब उनकी तानाशाही को स्वीकार नहीं कर रहा है. वे अपमानित हुए हैं.’ ममता ने दावा किया कि भाजपा 2029 का बहाना बनाकर महिलाओं को मूर्ख बना रही थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने बिना किसी कानून के ही अपनी पार्टी में 36% महिला सांसद भेजकर असली सशक्तिकरण दिखाया है. ‘बीजेपी को हमसे सीखना चाहिए, मैं 1998 से महिला आरक्षण के लिए लड़ रही हूं,’

मुख्यमंत्री ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि यह बिल महिलाओं को हक देने के लिए नहीं, बल्कि देश को बांटने और विपक्षी राज्यों की ताकत कम करने के लिए लाया गया था. उन्होंने कहा कि परिसीमन के बहाने बीजेपी चुनावी नक्शा बदलना चाहती है ताकि दक्षिण भारत और बंगाल जैसे राज्यों की आवाज को दबाया जा सके. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के सुर में सुर मिलाते हुए ममता ने इसे ‘संघीय ढांचे पर हमला’ करार दिया.

(Source: Third Party)

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