गर्मी में सेहत और स्वाद का खजाना! करौली की खास मिश्री, मुस्लिम कारीगरों की सीक्रेट रेसिपी से बनती है 8 दिन में

Last Updated:April 20, 2026, 16:54 IST
Karauli Special Mishri: राजस्थान के करौली जिले की ‘बाल वाली मिश्री’ अपने अनोखे स्वाद और पारंपरिक बनाने की विधि के कारण खास पहचान बना चुकी है. यह मिश्री खासतौर पर गर्मियों में शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने के लिए जानी जाती है. इसे तैयार करने में लगभग 8 दिन का समय लगता है, जिसमें मुस्लिम कारीगर अपनी पीढ़ियों से चली आ रही सीक्रेट रेसिपी का उपयोग करते हैं. इस प्रक्रिया में प्राकृतिक तरीके से चीनी के क्रिस्टल तैयार किए जाते हैं, जो देखने में बाल जैसे बारीक और स्वाद में बेहद खास होते हैं.
करौली शहर का ऐतिहासिक बूरे बतासे बाजार एक बार फिर अपनी खास पहचान बाल वाली देसी मिश्री को लेकर सुर्खियों में है. गर्मी की दस्तक के साथ ही इस पारंपरिक मिठास की मांग तेज हो गई है. खास बात यह है कि यह मिश्री सालभर नहीं, बल्कि केवल तीन से चार महीने ही इस बाजार रहती है, जिससे इसकी खासियत और भी बढ़ जाती है.
इस अनोखी मिश्री को तैयार करने की कला पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है. मुस्लिम कारीगरों के परिवार इस हुनर को आज भी उसी पारंपरिक तरीके से निभा रहे हैं.मिश्री व्यापारी मोहम्मद कमर बताते हैं कि यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि करौली की पहचान है.
इस खास मिश्री को बनाने में करीब 8 दिन की मेहनत लगती है. हाथों से तैयार होने वाली यह मिश्री चाशनी से धीरे-धीरे धागों और बाल जैसी संरचना में ढलती है.
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बाजार में मिलने वाली सामान्य मिश्री से यह पूरी तरह अलग है. कारीगरों का कहना है कि दूसरी जगह मिलने वाली मिश्री मशीन से तैयार होती है, जबकि करौली की यह मिश्री पूरी तरह हस्तनिर्मित होती है. यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे बड़े शहरों से भी लोग खास तौर पर इसे मंगवाते हैं.
इस मिश्री को तैयार करने वाले कारीगर सद्दाम खान बताते है कि यह मिश्री शरीर को ठंडक देने में बेहद असरदार मानी जाती है.यह पेशाब में जलन और नकसीर जैसी समस्याओं में भी राहत देती है. तेज गर्मी बढ़ने के साथ ही इसकी मांग में जबरदस्त उछाल आता है.
बूरे बतासे बाजार में इन दिनों रोजाना 1 से 1.5 क्विंटल तक मिश्री की बिक्री हो रही है. व्यापारी मोहम्मद कासिम बताते हैं कि मेहनत से तैयार होने के बावजूद इसकी कीमत आम लोगों की पहुंच में रखी गई है. फिलहाल यह देसी बाल वाली मिश्री करीब 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है.
करौली की यह देसी बाल वाली मिश्री न सिर्फ स्वाद में खास है, बल्कि स्थानीय कारीगरों की मेहनत और परंपरा की जीवंत मिसाल भी है.
First Published :
April 20, 2026, 16:54 IST



