Rajasthan

कोटा नारी निकेतन बेटियों की शादी

Last Updated:April 25, 2026, 05:17 IST

Kota Nari Niketan Girls Marriage Proposals: कोटा के कुन्हाड़ी स्थित नारी निकेतन की दो बेटियों, रानी और गंगा के विवाह के लिए समाज ने बड़ी पहल की है. केवल 10 दिनों में 50 से ज्यादा विवाह प्रस्ताव आए हैं, जिनमें राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश के युवक भी शामिल हैं. अधीक्षक अंशुल मेहंदीरत्ता के अनुसार, दूल्हे का चयन पूरी तरह बेटियों की पसंद और परिवार के भौतिक सत्यापन के बाद किया जाएगा. विवाह के बाद भी प्रशासन बेटियों की सुरक्षा और खुशहाली की निगरानी रखेगा.

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कोटा. राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा के कुन्हाड़ी स्थित नारी निकेतन में इन दिनों उत्सव जैसा माहौल है. यहाँ रहने वाली दो बेटियाँ, रानी और गंगा, जल्द ही वैवाहिक बंधन में बंधने जा रही हैं. जिस आँगन ने इन्हें अब तक पीहर जैसा स्नेह, सुरक्षा और संबल दिया, वहीं अब इनके विवाह की मंगल शहनाइयाँ गूँजने वाली हैं. यह पहल न केवल इन बेटियों को एक नया घर देगी, बल्कि समाज के लिए संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण भी पेश कर रही है.

इन बेटियों के विवाह के लिए प्रशासन की अपील पर समाज ने जो प्रतिक्रिया दी है, वह वाकई काबिले तारीफ है. महज 10 दिनों के भीतर प्रशासन के पास 50 से अधिक विवाह प्रस्ताव पहुँच चुके हैं. यह दर्शाता है कि मानवता और जिम्मेदारी की भावना आज भी लोगों के दिलों में जीवित है. दिलचस्प बात यह है कि ये प्रस्ताव केवल राजस्थान के कोटा, अलवर या पाली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी लोग आगे आए हैं. मध्य प्रदेश का एक युवक तो प्रशासन की हर कड़ी शर्त को मानकर इन बेटियों का हाथ थामने के लिए तैयार है.

कड़ी सुरक्षा और जांच के बीच होगा चयननारी निकेतन की अधीक्षक अंशुल मेहंदीरत्ता ने बताया कि विवाह प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 10 मई तय की गई है. रोजाना 4 से 5 परिवार विवाह के सिलसिले में कार्यालय से संपर्क कर रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. केवल कागजी औपचारिकताएं ही काफी नहीं होंगी; संभावित दूल्हे का मेडिकल परीक्षण, आय प्रमाण पत्र और उसके परिवार के वातावरण का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा. विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेटियों को न केवल घर मिले, बल्कि एक सुरक्षित और खुशहाल भविष्य भी मिले.

बेटियों की मर्जी सर्वोपरिइस पूरी प्रक्रिया का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि अंतिम फैसला प्रशासन नहीं, बल्कि खुद रानी और गंगा करेंगी. दोनों बेटियों को संभावित वरों और उनके परिवारों से मिलवाया जाएगा. उनकी पसंद और सहमति के बाद ही रिश्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा. प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि उनकी जिम्मेदारी फेरों तक ही सीमित नहीं रहेगी. विवाह के बाद भी विभाग नियमित रूप से ससुराल पक्ष से फीडबैक लेता रहेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बेटियाँ अपने नए घर में सम्मानपूर्वक और सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं.

रीना की शादी ने बनी थी मिसालबता दें कि यह पहली बार नहीं है जब कोटा प्रशासन और समाज ने ऐसा नेक काम किया हो. इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को नारी निकेतन की मूकबधिर बेटी रीना का विवाह भी इसी तरह धूमधाम से संपन्न हुआ था. उस समय कोटा के भामाशाहों ने आगे बढ़कर कन्यादान की रस्म निभाई थी. आज रीना अपने ससुराल में बेहद खुश है. वही उम्मीद और सकारात्मकता अब रानी और गंगा के सुनहरे भविष्य की आधारशिला बन रही है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Location :

Kota,Kota,Rajasthan

First Published :

April 25, 2026, 05:17 IST

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