Kota Ragging Case: कोटा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का आरोप, इंटरेक्शन के नाम पर जूनियर्स से अश्लील हरकतें करवाने का दावा

Last Updated:October 16, 2026, 14:45 IST
Kota Medical College Ragging Case:कोटा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का गंभीर मामला सामने आया है, एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्रों ने सीनियर्स पर इंटरेक्शन के नाम पर अश्लील हरकतें करवाने, मुर्गा-बिच्छू बनाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. छात्रों ने NMC को ई-मेल भेजकर कार्रवाई की मांग की है. वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही है.
कोटा. कोटा मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग का मामला सामने आने से मेडिकल शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्रों ने सीनियर विद्यार्थियों पर रैगिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि इंटरेक्शन के नाम पर उनसे अश्लील हरकतें करवाई गई और उन्हें मुर्गा-बिच्छू जैसी अपमानजनक मुद्राओं में खड़ा किया, इसके साथ ही मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए गए हैं.
मामले को लेकर पीड़ित बताए जा रहे छात्रों ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी है. शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए संबंधित विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. छात्रों की शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में रैगिंग की रोकथाम और जूनियर विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
इंटरेक्शन के नाम पर प्रताड़ित करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने जूनियर विद्यार्थियों के साथ सामान्य परिचय और बातचीत यानी इंटरेक्शन के नाम पर कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया. छात्रों ने दावा किया कि उनसे अशोभनीय गतिविधियां करवाई गई और अपमानजनक तरीके अपनाए गए. इस तरह के व्यवहार से विद्यार्थियों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है. मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
हॉस्टल और कैंपस के बाहर भी रैगिंग का दावा
छात्रों की शिकायत में केवल कॉलेज परिसर ही नहीं, बल्कि हॉस्टल और कैंपस के बाहर भी रैगिंग होने की बात कही गई है. इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए लागू व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर सकता है. मामले पर कॉलेज प्रबंधन ने फिलहाल आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही है. प्रबंधन की ओर से शिकायतकर्ताओं से अधिक जानकारी मांगी गई है, ताकि पूरे मामले के तथ्यों को समझा जा सके. वहीं, डॉक्टरों के संगठन ने भी मामले को गंभीर बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग उठाई है. अब इस मामले में जांच और तथ्यों के सत्यापन पर नजर रहेगी. रैगिंग के आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आना बाकी है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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October 16, 2026, 14:45 IST



