न तेल गिरेगा, न दही बिगड़ेगा! राजस्थान की मिट्टी का ऐसा कमाल, देखकर हैरान रह जाएंगे आप

Last Updated:April 25, 2026, 12:34 IST
Pali Hindi News: राजस्थान की पारंपरिक कला और पुरखों के ज्ञान का एक अनोखा उदाहरण इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मिट्टी के बर्तनों का ऐसा उपयोग सामने आया है, जिसमें न तेल गिरता है और न ही दही खराब होता है. यह केवल एक जुगाड़ नहीं, बल्कि वर्षों पुराने वैज्ञानिक समझ और अनुभव का परिणाम है. कुम्हारों द्वारा बनाए गए ये विशेष बर्तन तापमान को संतुलित रखते हैं और सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखते हैं. आधुनिक तकनीकों के बीच यह देसी ज्ञान लोगों को आकर्षित कर रहा है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प भी प्रस्तुत करता है.
ख़बरें फटाफट
पाली. क्या आपने कभी ऐसा मटका देखा है जो विज्ञान के नियमों को ही चुनौती दे दे? सोशल मीडिया पर राजस्थान के एक बुजुर्ग का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो ऐसी मिट्टी की चीजें दिखा रहे हैं जिसे देखकर बड़े-बड़े इंजीनियर भी सोच में पड़ गए हैं! एक ऐसा जादुई मटका जिसमें आप नीचे से तेल डालते हैं, फिर उसे सीधा कर देते हैं, लेकिन तेल की एक बूंद भी नीचे नहीं गिरती! ये कोई जादू नहीं, बल्कि राजस्थान की माटी और इस बुजुर्ग के बरसों का तजुर्बा है.
इतना ही नहीं, यहाँ मिल रहा है ‘स्पेशल दही जमाने वाला मटका’ और मिट्टी की ऐसी बोतलें जो इस चिलचिलाती गर्मी में पानी को फ्रिज से भी ज्यादा ठंडा रखती हैं. लोग अब प्लास्टिक छोड़कर फिर से अपनी जड़ों की तरफ लौट रहे हैं.
उल्टा करने पर भी नहीं गिरता तेलइस वायरल वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा उस ‘जादुई दिए’ और मटके की हो रही है, जिसे भरने का तरीका बिल्कुल अलग है. इस बर्तन की खासियत यह है कि इसमें तेल भरने के लिए इसे उल्टा करना पड़ता है. नीचे से तेल डालने के बाद जब इसे वापस सीधा किया जाता है, तो तेल की एक बूंद भी नीचे नहीं गिरती. लोग यह देखकर हैरान हैं कि बिना किसी ढक्कन या सील के यह तकनीक कैसे काम कर रही है.
दही जमाने का ‘नेचुरल’ पॉटगर्मियों के सीजन में यहाँ एक ‘स्पेशल दही जमाने वाला मटका’ भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. इस मिट्टी के बर्तन की वैज्ञानिक खासियत यह है कि यह दूध के अंदर मौजूद अतिरिक्त पानी को सोख लेता है. परिणाम स्वरूप, इसमें जमने वाला दही इतना गाढ़ा और मीठा होता है कि लोग अब प्लास्टिक और स्टील के बर्तनों को छोड़कर फिर से मिट्टी की ओर लौट रहे हैं.
पानी पीने का नायाब बर्तन: फ्रिज भी फेलपानी पीने के लिए भी यहाँ एक खास डिजाइन का बर्तन उपलब्ध है. इसमें पानी भरने के लिए इसे नीचे से उपयोग किया जाता है, लेकिन वहां से पानी वापस नहीं निकलता. पानी पीने के लिए जब इसे आगे की तरफ झुकाया जाता है, तभी पानी बाहर आता है. मिट्टी से बनी ये बोतलें और बर्तन इस चिलचिलाती गर्मी में पानी को फ्रिज से भी ज्यादा ठंडा और सेहतमंद रखते हैं.
डेकोरेशन और पूजा के लिए मल्टीपरपज आइटमसिर्फ रसोई ही नहीं, बल्कि पूजा घर के लिए भी इस बुजुर्ग के पास हुनर का खजाना है. उन्होंने एक ऐसा अगरबत्ती स्टैंड तैयार किया है जो ‘टू-इन-वन’ काम करता है. इसमें नीचे की तरफ दिया-बाती लगाने की जगह है और ऊपर की तरफ अगरबत्ती स्टैंड. इसके अलावा घर की सजावट (डेकोरेशन) के लिए भी मिट्टी के कई आकर्षक और बारीक नक्काशी वाले आइटम यहाँ उपलब्ध हैं.
सोशल मीडिया पर छाया हुनरइस बुजुर्ग कलाकार का वीडियो सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर धूम मचा रहा है. लोग इस कला को देखकर न सिर्फ दांतों तले उंगली दबा रहे हैं, बल्कि इस पारंपरिक ज्ञान को सहेजने की बात भी कह रहे हैं. प्लास्टिक के बढ़ते चलन के बीच, राजस्थान की यह माटी एक बार फिर साबित कर रही है कि हमारे पुराने तौर-तरीके आज भी आधुनिक विज्ञान से कहीं आगे हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
First Published :
April 25, 2026, 12:34 IST



