Rajasthan

रेलवे का नया SPAU सिस्टम

Last Updated:May 01, 2026, 09:46 IST

Railway SPAU System for Train Safety in Jodhpur Division: जोधपुर रेल मंडल ने मानवीय भूलों को रोकने के लिए 112 स्टेशनों पर ‘सेफ्टी अलार्म पॉइंट यूनिट’ (SPAU) सिस्टम सक्रिय किया है। यह सिस्टम ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आते ही 3 मिनट का काउंटडाउन शुरू करता है। यदि तय समय में ट्रैक पॉइंट्स सेट नहीं होते हैं, तो तेज ऑडियो-विजुअल अलार्म बजता है जो स्टाफ को सतर्क कर देता है। सिग्नल और इंटरलॉकिंग से जुड़ा यह सिस्टम व्यस्त स्टेशनों पर शंटिंग और क्रॉसओवर के दौरान सुरक्षा का एक अतिरिक्त बैकअप प्रदान करता है。

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Jodhpur Railway News: भारतीय रेलवे अब स्टेशनों पर परिचालन के दौरान होने वाली छोटी से छोटी लापरवाही को भी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। जोधपुर मंडल के 112 रेलवे स्टेशनों पर ‘सेफ्टी अलार्म पॉइंट यूनिट’ (SPAU) सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की शंटिंग और क्रॉसओवर के दौरान होने वाली मानवीय चूकों को पूरी तरह से समाप्त करना है। यह तकनीक न केवल स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि रेल यात्रा को भी अधिक सुरक्षित बनाएगी。

इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सख्त समय सीमा है। जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह से पहुंचती है, स्टेशन मास्टर के पैनल पर लगी एलईडी लाइट जलने लगती है और एक बजर के माध्यम से सूचित किया जाता है。 यह लाइट और बजर स्टाफ के लिए संकेत होता है कि ट्रेन आ चुकी है और अब आगे की प्रक्रिया शुरू करनी है। इसके बाद स्टेशन मास्टर को ‘पावती बटन’ दबाकर इसकी पुष्टि करनी होती है। पुष्टि के साथ ही 3 मिनट का काउंटडाउन शुरू हो जाता है। यदि इन तीन मिनटों के भीतर ट्रैक बदलने वाले पॉइंट्स को सही तरीके से सेट नहीं किया गया, तो सिस्टम तुरंत एक तेज ऑडियो-विजुअल अलार्म बजाना शुरू कर देता है。 यह अलार्म संबंधित स्टाफ को सचेत करता है कि कार्य में देरी हो रही है या कहीं कोई चूक हो रही है。

सिग्नल और इंटरलॉकिंग से सीधा जुड़ावजोधपुर के अपर मंडल रेल प्रबंधक करनीराम के अनुसार, इस सिस्टम को रेलवे के मौजूदा इंटरलॉकिंग और सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सीधे तौर पर जोड़ा गया है。 इससे रेलवे ट्रैक और सिग्नल दोनों की एक साथ निगरानी करना संभव हो गया है。 यह तकनीक विशेष रूप से उन स्टेशनों के लिए डिजाइन की गई है जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक होता है और ट्रेन संचालन की प्रक्रिया जटिल होती है。 रेलवे का मानना है कि शंटिंग के दौरान होने वाली छोटी सी मानवीय गलती भी भविष्य में बड़े हादसे का सबब बन सकती है, जिसे रोकने के लिए एसपीएयू एक मजबूत सेफ्टी बैकअप के रूप में उभरा है。

विभिन्न सेक्शन में सिस्टम की तैनातीजोधपुर मंडल ने इस तकनीक को अपने विभिन्न रेलखंडों में व्यापक स्तर पर फैलाया है। मंडल के कुल 112 स्टेशनों पर इसे स्थापित किया जा चुका है, जिसका विवरण निम्नलिखित है:

डेगाना-रतनगढ़: 8 सिस्टम
मेड़ता-फुलेरा: 12 सिस्टम
राईका बाग-जैसलमेर: 21 सिस्टम
जोधपुर-मेड़ता: 9 सिस्टम
मेड़ता-बीकानेर: 12 सिस्टम
जोधपुर-मारवाड़ जंक्शन: 9 सिस्टम
समदड़ी-भीलड़ी: 22 सिस्टम
समदड़ी-मुनाबाव: 15 सिस्टम
लूनी-समदड़ी: 112 कुल स्टेशनों के लक्ष्य के तहत शेष कार्य पूरा किया गया है。
About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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