संकटमोचक बनकर चमके ‘रॉयल’ प्रिंस, दिल्ली से दंगल में गेंदबाजों को जमकर धोया, 90 रनों की कप्तानी पारी

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संकटमोचक बनकर चमके ‘रॉयल’ प्रिंस, दिल्ली से दंगल में गेंदबाजों को जमकर धोया
Last Updated:May 01, 2026, 21:02 IST
राजस्थान की शुरुआत किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रही. लंबे कद के गेंदबाज स्टार्क और जैमिसन के दबाव में सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और वैभव जल्दी पवेलियन लौट गए. टीम मुश्किल में थी और डगआउट में सन्नाटा पसरा था. ऐसे में कप्तान रियान पराग क्रीज पर उतरे और खेल दी टीम के लिए संकटमोचक पारी
वेपिंग कांड के बाद गरजा कप्तान का बल्ला, रियान पराग ने खेली 90 रनों की पारी
नई दिल्ली. जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब राजस्थान रॉयल्स के योद्धा रियान पराग ने अपने बल्ले से रनों की ऐसी बारिश की कि विपक्षी खेमा देखता रह गया. आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में पराग ने न केवल अपनी टीम को संकट से निकाला, बल्कि एक कप्तानी पारी खेलते हुए यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस पीढ़ी का सबसे निडर बल्लेबाज माना जाता है.
राजस्थान की शुरुआत किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रही. लंबे कद के गेंदबाज स्टार्क और जैमिसन के दबाव में सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और वैभव जल्दी पवेलियन लौट गए. टीम मुश्किल में थी और डगआउट में सन्नाटा पसरा था. ऐसे में कप्तान रियान पराग क्रीज पर उतरे और खेल दी टीम के लिए संकटमोचक पारी
पराग की कप्तानी पारी
शुरुआती ओवरों में काइल जैमीसन और मिचेल स्टार्क की आग उगलती गेंदों को पूरे सम्मान के साथ खेला और खुद को पिच पर सेट किया. एक बार जब पराग की नजरें जम गईं, तो उन्होंने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया. तेज गेंदबाजों को संभलकर खेलने के बाद, पराग ने विपक्षी स्पिनरों को अपना निशाना बनाया. उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और मात्र 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. उनकी इस पारी ने स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया. सेट होने के बाद पराग ने कुलदीप और अक्षर के खिलाफ कई दिलकश शॉट्स लगाए. पराग भले ही शतक से चूक गए हो पर अपनी 90 रनों की पारी के दौरान 8 चौके और 5 छक्के लगाए और कुल गेंद खेली 50.
ध्रुव जुरेल के साथ रिकॉर्ड साझेदारी
पराग को दूसरे छोर पर ध्रुव जुरेल का बखूबी साथ मिला. 12 रनों पर दोनों ओपनर पवेलिए लौट चुके थे जब ये पार्टनरशिप शुरु हुई. दोनों युवाओं ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण पेश करते हुए तीसरे विकेट के लिए 102 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की. ध्रुव जुरेल 42 रन बना कर आउट हुए. इस साझेदारी ने न केवल राजस्थान के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति में पहुँचाया, बल्कि विपक्षी टीम के गेंदबाजी आक्रमण की कमर भी तोड़ दी. रियान पराग की यह पारी महज रनों का आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके परिपक्व होते खेल और ‘बड़े मैच के खिलाड़ी’ बनने की गवाही है.
About the Authorराजीव मिश्रAssociate editor
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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