नौकर ने सिखाया एक्टिंग का हुनर, बन गए कॉमेडी के बादशाह, मनोज कुमार-राजेश खन्ना-अमिताभ संग दे डाली कई हिट

Last Updated:May 13, 2026, 04:01 IST
हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर और कॉमेडियन असित सेन ने अपने करियर में लोगों को खूब एंटरटेन किया. अपने करियर में उन्होंने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया. अपन दौर में उन्होंने तकरीबन हर एक्ट्रेस सुचित्रा सेन (ममता), शर्मिला टैगोर (अनाड़ी), मौसमी चटर्जी (अनाड़ी), हेमा मालिनी (शराफत), और हेलन जैसी हर एक्ट्रेस संग काम किया.
नई दिल्ली. पुराने दौर की हिंदी फिल्मों में जब भी कॉमेडी एक्टर्स की बात होती है, तो असित सेन का नाम जरूर लिया जाता है. उनकी धीमी आवाज, रुक-रुक कर बोलने का अंदाज और खास डायलॉग डिलीवरी लोगों को खूब हंसाती थी. दिलचस्प बात यह है कि उनका यह यूनिक स्टाइल किसी एक्टिंग स्कूल या थिएटर ट्रेनिंग से नहीं आया था, बल्कि बचपन की एक याद से जुड़ा था.
कहा जाता है कि असित सेन ने अपनी मशहूर स्लो डायलॉग डिलीवरी अपने घर के एक नौकर से सीखी थी. वह नौकर बहुत धीरे-धीरे बात करता था. असित सेन को उसका बोलने का तरीका इतना अलग लगा कि बाद में उन्होंने फिल्मों में उसी अंदाज को अपनाया. यही स्टाइल आगे चलकर उनकी पहचान बन गया.
असित सेन का जन्म 13 मई 1917 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था. उनका परिवार मूल रूप से पश्चिम बंगाल के बर्दवान का रहने वाला था, लेकिन बाद में गोरखपुर आकर बस गया था. बचपन से ही असित सेन का झुकाव कला और फोटोग्राफी की तरफ था. उन्हें कैमरे के साथ समय बिताना काफी पसंद था और कम उम्र में ही उन्होंने लोगों की तस्वीरें खींचना शुरू कर दिया था. बाद में उन्होंने गोरखपुर में अपना फोटो स्टूडियो भी खोला, जिसका नाम सेन फोटो स्टूडियो था.
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युवा होने के बाद असित सेन कोलकाता पहुंचे. घरवालों से उन्होंने पढ़ाई का बहाना किया, लेकिन असल में उनका सपना फिल्मों और थिएटर की दुनिया में कदम रखने का था. कोलकाता में उन्होंने थिएटर करना शुरू किया और इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर फिल्ममेकर बिमल रॉय से हुई. बिमल रॉय ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और अपने साथ काम करने का मौका दिया.
शुरुआत में असित सेन कैमरा और प्रोडक्शन से जुड़े काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में छोटे-छोटे रोल मिलने लगे. असली पहचान तब मिली, जब उन्होंने अपने अलग अंदाज में डायलॉग बोलने शुरू किए.
उनकी धीमी आवाज और ठहर-ठहर कर बात करने का स्टाइल दर्शकों को इतना पसंद आया कि वह उनकी यूएसपी बन गया. फिल्म बीस साल बाद में निभाया गया उनका गोपीचंद जासूस का किरदार काफी पॉपुलर हुआ.
अपने लंबे करियर में असित सेन ने करीब 250 फिल्मों में काम किया. आराधना, आनंद, अमर प्रेम, बॉम्बे टू गोवा, भूत बंगला, ब्रह्मचारी, मेरा गांव मेरा देश और पूरब और पश्चिम जैसी फिल्मों में उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं. एक्टिंग के साथ-साथ उन्होंने परिवार और अपराधी कौन जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया.
निजी जिंदगी में भी असित सेन ने कई उतार-चढ़ाव देखे. उनकी पत्नी मुकुल सेन उनके बेहद करीब थीं. पत्नी के निधन के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे. इस दुख से वह उबर नहीं पाए और कुछ महीनों बाद 18 सितंबर 1993 को उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया.
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