Sunil Batesar Nagaur | चाय वाले का बेटा जाएगा इटली

Last Updated:May 11, 2026, 09:41 IST
Sunil Batesar Nagaur: नागौर के जारोड़ा गांव के सुनील बटेसर का चयन इटली के प्रतिष्ठित Abdus Salam ICTP संस्थान के अंतरराष्ट्रीय शोध कार्यक्रम के लिए हुआ है. सुनील वर्तमान में IIT जोधपुर में उच्च तापमान चालकता पर शोध कर रहे हैं और 31 मई को इटली रवाना होंगे. उनके पिता रतन बटेसर मेड़ता रोड पुलिस थाने के बाहर चाय की केबिन चलाते हैं. संघर्ष और मेहनत के दम पर सुनील अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर नागौर का मान बढ़ाएंगे.
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नागौर: चाय वाले का बेटा अब इटली में दिखाएगा वैज्ञानिक प्रतिभा
जारोड़ा/नागौर. प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और न ही आर्थिक तंगी उसे आगे बढ़ने से रोक सकती है. इस बात को नागौर जिले की मेड़ता तहसील के एक छोटे से गांव जारोड़ा के युवा वैज्ञानिक सुनील बटेसर ने साबित कर दिखाया है. सुनील का चयन इटली के ट्राइस्टे स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘अब्दुल सलाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स’ (ICTP) में होने वाले एक विशेष अंतरराष्ट्रीय शोध कार्यक्रम के लिए हुआ है. यह उपलब्धि न केवल सुनील के परिवार के लिए बल्कि पूरे नागौर और राजस्थान के लिए गर्व का विषय है.
सुनील बटेसर का चयन विशेष रूप से “Materials Simulation in the Age of AI” (एआई के दौर में पदार्थ सिमुलेशन) नामक शोध कार्यक्रम के लिए हुआ है. वर्तमान में सुनील भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में रिसर्च स्कॉलर हैं और ‘हाई टेंपरेचर कंडक्टिविटी’ (उच्च तापमान चालकता) जैसे जटिल और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विषय पर शोध कर रहे हैं. इटली में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैटेरियल साइंस के अंतर्संबंधों पर अपने विचार और शोध निष्कर्ष साझा करेंगे.
चाय की केबिन से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफरसुनील की इस सफलता के पीछे उनके पिता रतन बटेसर का कड़ा संघर्ष और सुनील की अटूट मेहनत छिपी है. रतन बटेसर मेड़ता रोड पुलिस थाने के बाहर एक छोटी सी चाय की केबिन चलाते हैं. सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी. पिता की मेहनत को सुनील ने अपनी प्रेरणा बनाया और अपनी मेधा के दम पर आज देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT तक पहुंचे और अब विदेश जाने की तैयारी में हैं.
31 मई को इटली के लिए होंगे रवानासुनील बटेसर 31 मई को अपने शोध कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इटली रवाना होंगे. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच पर नागौर के इस लाल को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. उनकी इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही जारोड़ा गांव और मेड़ता क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है. ग्रामीण इसे गांव के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मान रहे हैं.
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोतसुनील की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को छोड़ देते हैं. सुनील ने साबित किया है कि अगर इरादे मजबूत हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो गांव की गलियों से निकलकर भी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक का सफर तय किया जा सकता है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सुनील के उज्जवल भविष्य की कामना की है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Nagaur,Nagaur,Rajasthan



