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अगर आपको खूब पसंद आई ‘धुरंधर’, तो गारंटी है ये 6 फिल्में आपकी फेवरेट लिस्ट में होंगी, 1 तो बन गई थी 2012 की फेवरेट

Last Updated:May 15, 2026, 18:26 IST

2026 में बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक ₹3,000 करोड़ का आंकड़ा पार किया करने वाली रणवीर सिंह की फिल्म सीरीज ‘धुरंधर’ ने भारतीय सिनेमा में हाई-ऑक्टेन स्पाई-थ्रिलर और देशभक्ति जॉनर को एक नए लेवल पर पहुंचा दिया है. फिल्म के जबरदस्त एक्शन, सस्पेंस और देशभक्ति की भावना ने दर्शकों को थिएटर में खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया. अगर आपको भी ‘धुरंधर’ के रोमांचक सफर, सीक्रेट मिशन और रोंगटे खड़े कर देने वाले ट्विस्ट एंड टर्न्स से प्यार हो गया है, तो बॉलीवुड के पास 6 और बेहतरीन फिल्में हैं जो आपकी पसंदीदा लिस्ट का हिस्सा बनने की गारंटी हैं. इनमें से एक फिल्म 2012 में हर कल्ट सिनेमा लवर की पहली पसंद बन गई थी. तो आइए, इन 6 ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बारे में जानें.

नई दिल्ली. सिनेमा की दुनिया में जब कोई फिल्म ‘धुरंधर’ जैसी बड़ी सफलता हासिल करती है, तो यह न केवल रेवेन्यू जेनरेट करती है, बल्कि दर्शकों की एक अनोखे तरह के सिनेमा के लिए भूख भी बढ़ाती है. ‘धुरंधर’ में एक जासूस और देश के रक्षक के तौर पर रणवीर सिंह की एनर्जी ने दर्शकों को हॉलीवुड की ‘जेम्स बॉन्ड’ और ‘मिशन: इम्पॉसिबल’ को भूलने पर मजबूर कर दिया. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड में इंटेलिजेंस एजेंसियों (RAW) और अंडरकवर एजेंट्स की कहानियों का एक शानदार इतिहास रहा है? अगर आपको ‘धुरंधर’ का सस्पेंस, दुश्मन के ऑपरेशन्स में घुसपैठ और देशभक्ति वाला बैकग्राउंड म्यूजिक पसंद आया, तो नीचे दी गई 6 फिल्में आपके लिए एक खजाना हैं.

1. एक था टाइगर (2012): यह लिस्ट उस फिल्म से शुरू होनी चाहिए जिसने बॉलीवुड में स्पाई-थ्रिलर जॉनर को पूरी तरह से बदल दिया. हम 2012 की सबसे पसंदीदा और कल्ट फिल्म ‘एक था टाइगर’ की बात कर रहे हैं. कबीर खान के डायरेक्शन और सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारिंग इस फिल्म ने इतिहास रच दिया. कहानी टाइगर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक टॉप RAW एजेंट है, जिसे एक साइंटिस्ट की एक्टिविटीज पर नजर रखने के लिए डबलिन भेजा जाता है, लेकिन वहां उसे ISI एजेंट जोया से प्यार हो जाता है. ‘धुरंधर’ की तरह, इस फिल्म में भी इंटरनेशनल लेवल के एक्शन सीन थे. यह फिल्म 2012 में सबकी पसंदीदा बन गई क्योंकि यह पहली फिल्म थी जिसमें एक जासूस की जिंदगी के इंसानी और इमोशनल पहलुओं को खूबसूरती से दिखाया गया था. अगर आपको ‘धुरंधर’ का स्टाइल और स्वैग पसंद आया, तो टाइगर का पहला मिशन आपको आज भी रोमांचित कर देगा.

2. मद्रास कैफे (2013): ‘एक था टाइगर’ के कमर्शियल सिनेमा के बिल्कुल उलट, डायरेक्टर शूजित सरकार ने 2013 में एक ऐसी फिल्म दी जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया. जॉन अब्राहम स्टारर ‘मद्रास कैफे’ एक बहुत ही दमदार, रॉ और रियलिस्टिक स्पाई थ्रिलर है. यह 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में श्रीलंका के सिविल वॉर और एक पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री की हत्या के बैकग्राउंड पर बनी है. जॉन अब्राहम एक इंडियन आर्मी इंटेलिजेंस ऑफिसर का रोल कर रहे हैं जो एक सीक्रेट ऑपरेशन को लीड कर रहे हैं. फिल्म में घिसे-पिटे गाने या कमर्शियल ड्रामा नहीं है. ‘धुरंधर’ में नेशनल सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसियों के अंदरूनी कामकाज को लेकर जो सीरियस चिंता है, वही ‘मद्रास कैफे’ में शुरू से आखिर तक साफ दिखती है. यह फिल्म इंडियन सिनेमा की सबसे बेहतरीन पॉलिटिकल थ्रिलर में से एक है.

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3. बेबी (2015): जब बिना किसी फालतू ड्रामा के टेररिज्म के खिलाफ सीधे एक्शन की बात आती है, तो डायरेक्टर नीरज पांडे की ‘बेबी’ का कोई मुकाबला नहीं है. 2015 में रिलीज हुई इस फिल्म में अक्षय कुमार, राणा दग्गुबाती, अनुपम खेर और तापसी पन्नू ने लीड रोल किए थे. कहानी इंडिया की सीक्रेट इंटेलिजेंस विंग ‘बेबी’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे देश के खिलाफ टेररिस्ट हमलों को होने से पहले ही नाकाम करने का काम सौंपा गया है. फिल्म का स्क्रीनप्ले इतना जबरदस्त है कि देखने वाले एक सेकंड के लिए भी स्क्रीन से अपनी नजरें नहीं हटा पाते. खासकर दूसरा हाफ, जहां टीम सऊदी अरब से एक खतरनाक टेररिस्ट को इंडिया लाने के लिए एक सीक्रेट मिशन पर निकलती है, ‘धुरंधर’ के क्लाइमैक्स की याद दिलाता है. देशभक्ति के जोश से भरी यह फिल्म आपके रोंगटे खड़े कर देगी.

4. राजी (2018): जासूसी फिल्में सिर्फ बंदूकें चलाने और कारें उड़ाने के बारे में नहीं होतीं. इनमें बहुत ज्यादा मेंटल स्ट्रेस और पर्सनल सैक्रिफाइस भी शामिल होता है. मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी ‘राजी’ इस साइकोलॉजिकल पहलू को खूबसूरती से दिखाती है. हरिंदर सिक्का के नॉवेल ‘कॉल्ड सहमत’ पर आधारित इस फिल्म में आलिया भट्ट और विक्की कौशल हैं. फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय की है, जहां एक जवान कश्मीरी लड़की ‘सहमत’ (आलिया भट्ट) को उसके पिता के कहने पर भारत के लिए जासूसी करने के लिए एक पाकिस्तानी मिलिट्री ऑफिसर के घर बहू के तौर पर भेजा जाता है. जहां ‘धुरंधर’ पूरी तरह से एक्शन के बारे में है, वहीं ‘राजी’ सस्पेंस और इमोशंस का ऐसा तूफान पेश करती है जो आपके दिल को छू जाएगा. आलिया भट्ट की परफॉर्मेंस और ‘ऐ वतन मेरे वतन’ के म्यूजिक ने इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर बना दिया और दर्शकों के दिलों में अमर कर दिया.

5. रोमियो अकबर वाल्टर – RAW (2019): जॉन अब्राहम की एक और बेहतरीन फिल्म जिसका ‘धुरंधर’ के फैंस को जरूर मजा आएगा, वह है ‘रोमियो अकबर वाल्टर’ (RAW), जो 2019 में रिलीज हुई थी. रॉबी ग्रेवाल के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म भी 1971 के ऐतिहासिक समय के बैकग्राउंड पर बनी है. इस फिल्म में जॉन अब्राहम एक बैंक एम्प्लॉई से एक अंडरकवर RAW एजेंट में बदल जाते हैं, जिसे एक नई पहचान के साथ पाकिस्तान भेजा जाता है. फिल्म में गहराई से दिखाया गया है कि कैसे एक जासूस को अपने देश के लिए अपनी पहचान, अपने परिवार और अपनी भावनाओं को कुर्बान करना पड़ता है. फिल्म के ट्विस्ट इतने दिलचस्प हैं कि दर्शकों को आखिरी सीन तक समझ नहीं आता कि आगे क्या होने वाला है. ‘धुरंधर’ का रहस्यमयी और सीक्रेट पहलू इस फिल्म की जान है.

6. पठान (2023): अगर आपको ‘धुरंधर’ का बड़ा स्केल, विदेश में फिल्माए गए खतरनाक स्टंट और शानदार VFX काम पसंद आया, तो 2023 की मेगा-ब्लॉकबस्टर ‘पठान’ आपके लिए एक विजुअल ट्रीट है. सिद्धार्थ आनंद के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने शाहरुख खान की चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी को दिखाया और इतिहास रच दिया. ‘पठान’ पूरी तरह से कमर्शियल और बड़ी जासूसी फिल्म है, जिसमें एक देश निकाला हुआ रॉ एजेंट देश को एक खतरनाक बायोलॉजिकल हमले से बचाने के लिए एक प्राइवेट आतंकवादी संगठन का सामना करता है. दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम की परफॉर्मेंस ने भी फिल्म में आग लगा दी.

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