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जोधपुर की गर्मी से ठाकुरजी भी परेशान! मंदिरों में कूलर-शर्बत से हो रही सेवा, बदले दर्शन के टाइम

Last Updated:April 23, 2026, 13:41 IST

Extreme Heat In Jodhpur : जोधपुर की भीषण गर्मी अब मंदिरों की परंपराओं को भी बदल रही है. कृष्ण मंदिरों में ठाकुरजी के वस्त्र, भोग और सेवा व्यवस्था पूरी तरह मौसम के अनुसार ढाल दी गई है. कूलर-पंखों से ठंडक दी जा रही है, वहीं लस्सी, शर्बत और फल अर्पित किए जा रहे हैं, ताकि भगवान को भी गर्मी से राहत मिल सके.

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जोधपुर : जोधपुर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब आमजन के साथ मंदिरों की परंपराओं में भी साफ नजर आने लगा है. जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में ठाकुरजी की सेवा-व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है. श्रद्धा और भाव के साथ अब ऋतु के अनुरूप भोग, श्रृंगार और दर्शन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ठाकुरजी को भी गर्मी से राहत मिल सके.

मंदिरों में देव विग्रहों के वस्त्र हल्के और शीतल रंगों के कर दिए गए हैं. इसके साथ ही पंखों, कूलर और कहीं-कहीं वातानुकूलित व्यवस्था भी की गई है. रातानाडा स्थित श्री कृष्ण मंदिर में ठाकुरजी के लिए विशेष रूप से मिनी कूलर और अतिरिक्त पंखों का प्रबंध किया गया है, जिससे मंदिर परिसर का वातावरण ठंडा और सहज बना रहे.

ठाकुरजी को अर्पित हो रहे शीतल पेय और फलाहारभोग में भी मौसम के अनुसार बदलाव किया गया है. सुबह और दिन के समय ठाकुरजी को लस्सी, छाछ, शर्बत, फलों का रस, तरबूज और आम जैसे ठंडक देने वाले पदार्थ अर्पित किए जा रहे हैं. यह भोग न केवल परंपरा का हिस्सा है, बल्कि मौसम के अनुसार सेवा भावना का प्रतीक भी है, जिसमें भगवान को भी वही सुख-सुविधाएं देने का प्रयास किया जाता है, जो इंसान खुद चाहता है.

ऋतु के अनुसार बदलती ठाकुरजी की पूजा-पद्धतिमंदिर पुजारी हरिभाई गोस्वामी के अनुसार, ठाकुरजी की सेवा पूरी तरह भावना पर आधारित होती है। जिस तरह इंसान गर्मी और सर्दी को महसूस करता है, उसी तरह भगवान की सेवा भी ऋतु के अनुसार की जाती है. इसलिए गर्मी में जहां ठंडक देने वाले भोग और व्यवस्थाएं बढ़ाई जाती हैं, वहीं सर्दियों में अलग प्रकार की सेवा की जाती है. यह परंपरा भक्तों की आस्था और समर्पण का जीवंत उदाहरण है.

दर्शन समय में भी बदलाव: गर्मी के चलते बदली मंदिरों की दिनचर्याभीषण गर्मी को देखते हुए मंदिरों में दर्शन और सेवा के समय में भी बदलाव किया गया है. सुबह जल्दी मंदिरों के पट खोले जा रहे हैं ताकि श्रद्धालु ठंडे समय में दर्शन कर सकें, वहीं दोपहर की तेज गर्मी में कुछ समय के लिए पट बंद रखे जाते हैं. शाम के समय फिर से दर्शन शुरू होते हैं, जिससे भक्तों को सुविधा मिल सके.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

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Location :

Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan

First Published :

April 23, 2026, 13:41 IST

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