Entertainment

1991 की कल्ट फिल्म, जिसके गाने की 2 साल पहले ब्लॉकबस्टर में सुनाई गई थी धुन, थिएटर में कोई नहीं पकड़ पाया ये राज

Last Updated:May 10, 2026, 17:36 IST

यशराज फिल्म्स की बेहतरीन फिल्मों की जब भी बात होती है, साल 1991 में आई फिल्म ‘लम्हे’ का जिक्र जरूर होता है. फिल्म में श्रीदेवी और अनिल कपूर लीड रोल में नजर आए थे. इस फिल्म के गाने की धुन पहले ही फिल्म चांदनी में सुना दी गई थी.

नई दिल्ली. श्रीदेवी ने अपने करियर में कई हिट फिल्मों में काम किया है. लेकिन साल 1991 में आई उनकी फिल्म ‘लम्हें’ फ्लॉप होकर भी कल्ट साबित हुआ थी.फिल्म के गाने की धुन तो उनकी फिल्म चांदनी में 2 साल पहले ही सुना दी गई थी. लेकिन कोई नोटिस नहीं कर पाया था.

श्रीदेवी ने फिल्म ‘लम्हें’ में डबल रोल निभाया था. इस फिल्म में उन्होंने पल्लवी और उसकी बेटी दोनों के ही रोल में इतिहास रच दिया था. फिल्म उस दौर के हिसाब से काफी लंबी थी और फ्लॉप साबित हुई थी.

फिल्म में श्रीदेवी के साथ अनिल कपूर नजर आए थे. दोनों उस दौर में हिट की गारंटी थे. लेकिन उनकी ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी. लेकिन बाद में इस फिल्म को कल्ट क्लासिक का दर्जा दिया गया था.

Add as Preferred Source on Google

इस फिल्म के गानों ने तो तहलका ही मचा दिया था. आज भी लोग इस फिल्म के गानों ने गुनगुनाते हैं. खासतौर पर इस फिल्म के गाने कभी मैं कहूं… कभी तुम कहो कि मैंने तुम्हें ये दिल दे दिया. इस गाने की धुन तो शिव हरि 2 साल पहले चादंनी में इस्तेमाल कर चुके थे.

दरअसल लम्हें के 2 साल पहले साल 1989 में ही यश चोपड़ा फिल्म चादंनी लेकर आए थे. इस फिल्म ने यश चोपड़ा का डूबता हुआ करियर बचाया था. फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे. इस फिल्म में इस धुन का इस्तेमाल शिव हरि ने किया था.

फिल्म चांदनी में शिव-हरि की जोड़ी ने मिलकर चांदनी फिल्म के गाने ‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां’ का संगीत दिया था. यह गाना श्रीदेवी पर फिल्माया गया था.उस दौर में भी ये गाना काफी हिट हुआ और आज भी काफी पसंद किया जाता है.

इसी तरह फिल्म चांदनी में बैकग्राउंड में ‘कभी मैं कहूं’ गाना बज रहा होता है. दरअसल, जब ऋषि कपूर का किरदार रोहित, श्रीदेवी को अपना कमरा दिखाने लेकर जाता है, तो वह देखती हैं कि उस वक्त रोहित का पूरा कमरा चांदनी की फोटोज से भरा पड़ा होता है.

अक्सर ऐसा होता है कि संगीतकार किसी फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक के लिए कोई धुन बनाते हैं जो निर्देशक को बेहद पसंद आ जाती है. फिर उसी धुन को आगे चलकर किसी दूसरी फिल्म में एक पूरा गाना बना दिया जाता है. क्योंकि ‘चांदनी’ और ‘लम्हे’ दोनों के डायरेक्टर यश चोपड़ा थे और संगीतकार भी शिव-हरी ही थे, इसलिए यह धुन ‘चांदनी’ से होते हुए ‘लम्हे’ के स्टूडियो तक आसानी से पहुंच गई.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj