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झुंझुनूं में सिलेंडर ब्लास्ट से दो बड़े हादसे, 19 मवेशियों की मौत, मकान ढहने से मची अफरा-तफरी

झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में रविवार को दो अलग-अलग स्थानों पर गैस सिलेंडर ब्लास्ट से भीषण आग लगने की घटनाएं हुईं, जिनमें जानमाल का काफी नुकसान हुआ. पहली घटना पिलानी के झेरली गांव की गोशाला में हुई, जबकि दूसरी घटना गुढ़ा थाना क्षेत्र के चंवरा-किशोरपुरा रोड पर एक घर में घटी. दोनों हादसों में कुल 18–19 मवेशी जलकर मर गए और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ. पिलानी के झेरली गांव में स्थित एक गोशाला में रसोई में लगी आग अचानक भड़क उठी. खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया.

लकड़ी की छत होने के कारण आग तेजी से फैल गई. हादसे में 4 से 5 गायें जिंदा जलकर मर गईं. गोशाला में रहने वाले परिवार और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और आग बुझाने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने के कारणों की जांच जारी है.

घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटा

दूसरा हादसा झुंझुनूं जिले के गुढ़ा थाना क्षेत्र के चंवरा-किशोरपुरा रोड पर एक घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फट गया. धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. धमाका इतना जोरदार था कि पूरा मकान धराशायी हो गया. घर में बंधे 14 मवेशी और घरेलू सामान पूरी तरह आग की चपेट में आकर जलकर खाक हो गए. परिवार के सदस्य सुरक्षित रहे, जिससे बड़ी जनहानि टल गई. धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. उदयपुरवाटी से दमकल की गाड़ी पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. गुढ़ा थाना और चंवरा चौकी की पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है.

झुंझुनूं जिले में रविवार को गैस सिलेंडर ब्लास्ट के दो बड़े हादसों में हुआ भारी नुकसान

दोनों घटनाओं में सिलेंडर ब्लास्ट मुख्य कारण

दोनों हादसों में गैस सिलेंडर फटना प्राथमिक कारण माना जा रहा है. झुंझुनूं जिले में पिछले कुछ समय में सिलेंडर ब्लास्ट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. पुलिस ने दोनों मामलों में आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है. जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. फायर विभाग ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में गैस सिलेंडरों को छायादार और हवादार स्थान पर रखें, नियमित सेफ्टी जांच करवाएं और रसोई में बच्चों को अकेला न छोड़ें. अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध गैस लीकेज या पुराने सिलेंडर की जानकारी तुरंत फायर ब्रिगेड या पुलिस को दें, ताकि ऐसे हादसों को समय रहते रोका जा सके.

गैस सिलेंडर को लेकर बरतें ये सावधानी

• गैस सिलेंडर हमेशा हवादार और छायादार जगह पर रखें, धूप और गर्मी से दूर रखें

• रेगुलेटर और पाइप की नियमित जांच कराएं, लीकेज होने पर तुरंत बदलवाएं

• गैस लीक की गंध आए तो तुरंत चूल्हा बंद करें, बिजली के स्विच बिल्कुल न चलाएं

• खाना बनाते समय सिलेंडर के पास ज्वलनशील सामान जैसे कपड़ा या कागज न रखें

• पुराने या डैमेज गैस सिलेंडर का उपयोग न करें, समय पर जांच और बदलाव जरूरी है

• बच्चों को रसोई में अकेला न छोड़ें, गैस उपकरणों से दूर और सुरक्षित रखें

गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने पर क्या करें

गैस सिलेंडर ब्लास्ट या आग लगने पर सबसे पहले क्या करें?

सबसे पहले घबराएं नहीं और तुरंत स्थिति को समझें. यदि संभव हो तो गैस का रेगुलेटर बंद करें, लेकिन केवल तभी जब सुरक्षित हो. आग लगने पर तुरंत आसपास के लोगों को सतर्क करें और सभी को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं. बिजली के स्विच ऑन-ऑफ न करें. फायर ब्रिगेड और पुलिस को तुरंत सूचना दें. आग बुझाने के लिए पानी या अग्निशामक यंत्र का उपयोग करें, लेकिन अपनी जान जोखिम में न डालें.

गैस लीक होने का शक हो तो क्या सावधानी बरतें?

यदि गैस लीक की गंध आए तो तुरंत रेगुलेटर बंद करें और खिड़कियां-दरवाजे खोलकर वेंटिलेशन बढ़ाएं. किसी भी प्रकार की आग या चिंगारी पैदा करने वाली गतिविधि से बचें, जैसे माचिस जलाना या बिजली का स्विच ऑन करना. मोबाइल फोन का उपयोग भी उस स्थान से दूर जाकर करें. तुरंत गैस एजेंसी या फायर ब्रिगेड को सूचना दें. यह छोटी सावधानी बड़े हादसे को टाल सकती है.

आग लगने पर लोगों और परिवार को कैसे सुरक्षित करें?

आग लगते ही सबसे पहले घर के सभी सदस्यों को बाहर निकालें और सुरक्षित दूरी पर ले जाएं. बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को प्राथमिकता दें. किसी भी हालत में आग के बीच फंसी चीजों को बचाने की कोशिश न करें. यदि धुआं ज्यादा हो तो नाक और मुंह को कपड़े से ढक लें. खुले स्थान पर जाकर मदद का इंतजार करें. समय रहते बाहर निकलना ही सबसे बड़ा बचाव होता है.

क्या खुद आग बुझाने की कोशिश करनी चाहिए?

छोटी आग होने पर ही आग बुझाने की कोशिश करें, जैसे गीले कपड़े या फायर एक्सटिंग्विशर से. लेकिन अगर आग तेजी से फैल रही हो या सिलेंडर में धमाके का खतरा हो, तो खुद बुझाने की कोशिश न करें. ऐसे में तुरंत दूर हट जाएं और विशेषज्ञों को काम करने दें. अपनी जान को जोखिम में डालना सही नहीं है. पेशेवर फायर ब्रिगेड ही ऐसी स्थिति को बेहतर तरीके से संभाल सकती है.

हादसे के बाद क्या जरूरी कदम उठाने चाहिए?

हादसे के बाद घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं और प्राथमिक उपचार दिलाएं. पुलिस और प्रशासन को घटना की पूरी जानकारी दें. आग लगने के कारणों की जांच में सहयोग करें. भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए गैस उपकरणों की जांच कराएं और सुरक्षा उपाय अपनाएं. यदि नुकसान हुआ है तो सरकारी राहत और मुआवजे के लिए आवेदन करें. जागरूकता और सावधानी ही आगे की सुरक्षा सुनिश्चित करती है.

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