राजस्थान के अस्पतालों में क्या हो रहा है? कोटा-बीकानेर के बाद जोधपुर में 8 प्रसूताएं बीमार, मचा हड़कंप

Last Updated:June 22, 2026, 08:47 IST
Jodhpur Pawta District Hospital Caesarean Delivery Case : कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार 20 जून को हुई सर्जरी के बाद महिलाओं में संक्रमण के लक्षण सामने आए. इनमें 6 प्रसूताओं में सेप्टीसीमिया की आशंका जताई गई है, जबकि दो की किडनी प्रभावित होने की सूचना है. गंभीर हालत में दो महिलाओं को एमडीएम अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है. संक्रमण की आशंका को देखते हुए ऑपरेशन थिएटर सीज कर दिया गया है और दवाओं व चिकित्सा सामग्री के नमूनों की जांच शुरू कर दी गई है.
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कोटा और बीकानेर के बाद जोधपुर में भी 8 प्रसूताओं की बिगड़ी तबियत
जोधपुर. राजस्थान में प्रसूताओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का मामला थमने का नहीं ले रही है. कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर में भी प्रसूताओं की तबियत बिगड़ने का मामला सामने आया है. जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल से गंभीर मामला सामने आया है. यहां सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है.
बताया जा रहा है कि 20 जून को पावटा जिला अस्पताल में इन महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी कराई गई थी. ऑपरेशन के कुछ समय बाद प्रसूताओं में संक्रमण से जुड़े लक्षण दिखाई देने लगे. बताया जा रहा है कि 8 में से 6 प्रसूताओं में सेप्टीसीमिया (रक्त संक्रमण) की आशंका जताई गई है, जबकि दो प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने की सूचना सामने आई है.
दो प्रसूताओं की हालत बनी हुई है गंभीर
दो प्रसूताओं की हालत गंभीर बनी हुई है. उन्हें बेहतर उपचार के लिए डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है. अन्य प्रभावित महिलाओं की भी लगातार निगरानी की जा रही है. घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संबंधित ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया है.
दवाओं, उपकरणों और अन्य चिकित्सा सामग्री के सैंपल जांच शुरू
संक्रमण की आशंका को देखते हुए वहां उपयोग में ली गई दवाओं, उपकरणों और अन्य चिकित्सा सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. साथ ही ऑपरेशन थिएटर में अपनाई गई संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है. मामले की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया. विशेषज्ञों की एक टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है. जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे संक्रमण, दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण जिम्मेदार है.
अब तक सात प्रसूताओं की राजस्थान में हो चुकी है मौत
गौरतलब है कि हाल के दिनों में राजस्थान के कोटा और बीकानेर के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों सात मौतें हो चुकी है. कोटा में पांच और बीकानेर में दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है. ऐसे में जोधपुर का यह मामला भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर रहा है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल सभी प्रभावित प्रसूताओं का उपचार जारी है और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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