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शेख हसीना और शाकिब-अल-हसन के बीच क्या रिश्ता? पूर्व बांग्लादेशी कप्तान के घर क्यों लगाई गई आग? समझें पूरी कहानी

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शेख हसीना और शाकिब के बीच क्या रिश्ता? क्यों जलाया गया पूर्व BAN कप्तान का घर

Last Updated:August 06, 2026, 07:41 IST

Shakib Al Hasan and Sheikh Hasina relation: शाकिब-अल-हसन के उदय और पतन की कहानी बहुत अनोखी है, जो क्रिकेट-राजनीति और सरकारी हिंसा के कॉकटेल से निकलती है. चलिए समझते हैं कि कैसे एक टैलेंटड खिलाड़ी की एक ‘तथाकथित’ तानाशाही सरकार के साथ मिलीभगत ने बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार का करियर खत्म कर दिया.शेख हसीना और शाकिब के बीच क्या रिश्ता? क्यों जलाया गया पूर्व BAN कप्तान का घरZoomशेख हसीना और शाकिब-अल-हसन की करीबियांनई दिल्ली: बहुत से बांग्लादेशियों के लिए शेख हसीना सरकारी आतंक का प्रतीक हैं. उनके शासनकाल में सत्ता पर बने रहने के लिए सरकारी हिंसा का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई लोगों की जिंदगी बर्बाद हो गई. इस बात को न समझकर पूर्व क्रिकेट कप्तान शाकिब-अल-हसन ने अपने निजी स्वार्थ के लिए शेख हसीना के साथ करीबियां बढ़ाई और इसका दिखावा भी करने लगे, यही कारण रहा कि एक वक्त युवाओं के रोल मॉडल रहे इस क्रिकेटर को आज अपने ही देश से भागना पड़ा. यहां तक कि उनके घर को ही आग के हवाले कर दिया गया.

अब कट टू अगस्त 2024याद कीजिए, अगस्त 2024 का वो चिपचिपा उमस भरा महीना. बांग्लादेश में लोग सड़कों पर थे. भयंकर विरोध और हिंसा के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना ही देश छोड़ना पड़ा था. जान बचाकर भारत में किसी अज्ञात जगह पर रह रहीं 78 साल की शेख हसीना अब दो साल बाद पहली बार दुनिया के सामने आईं. पांच अगस्त को उन्होंने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. शेख हसीना की इसी डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व बांग्लादेशी कप्तान शाकिब-अल-हसन भी मौजूद थे. बांग्लादेशियों को जैसे ही ये बात पता चली, उन्होंने शाकिब के घर पर आग लगा दी.

शेख हसीना के वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब-अल-हसन

शेख हसीना और शाकिब के बीच क्या रिश्ता?वो शाकिब-अल-हसन जिसे पूरा बांग्लादेश एक वक्त अपने नेशनल हीरो की तरह देखता था. वो अचानक विलेन कैसे बन गया, कैसे एक पूर्व प्रधानमंत्री का गुस्सा उनके घर पर पेट्रोल बम फेंककर निकाला जा रहा है. घनघोर गरीबी, राजनीतिक हिंसा और प्राकृतिक आपदाओं जैसी समस्याओं से जूझ रहे देश में शाकिब-अल-हसन किसी हीरो से कम नहीं थे, जिन्होंने कई मौकों पर देश का मान-सम्मान बढ़ाया. नोबेल पुरस्कार विजेता और शेख हसीना के बाद अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए गए मुहम्मद यूनुस के बाद शायद वह सबसे मशहूर बांग्लादेशी थे. मगर शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में कई लोगों के लिए शाकिब अब हीरो नहीं रहे. क्रिकेटर रहते हुए ही शाकिब 2023 में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग (AL) में शामिल हो गए. जिसने 15 से ज्यादा साल तक बांग्लादेश में एक कठोक ‘तानाशाह’ की तरह काम किया.

शाकिब ने उसे चुना, जिसे बांग्लादेश नकार चुका थाढाका से 170 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित मागुरा जिले के एक साधारण परिवार में 1987 में पैदा हुए शाकिब ने 2004 में डिविजनल लीग में क्रिकेट खेलना शुरू किया. बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर बल्लेबाज ने 2006 में बांग्लादेश के लिए अपना पहला मैच खेला. लगभग दो दशकों के अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में 447 इंटरनेशनल मैच में 14,730 रन और 712 विकेट के बाद उन्हें बांग्लादेश का अब तक का ‘सबसे बेहतरीन खिलाड़ी’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा. इस बीच शाकिब ने सोने के व्यापार सहित अपने कई बिजनेस बढ़ाए. दरअसल इस फैसले के साथ शाकिब ने एक पक्ष चुन लिया, ऐसा पक्ष जिसके खिलाफ लोगों का गुस्सा था. आवामी लीग के शासनकाल के दौरान शाकिब ने शेख हसीना के साथ अपने करीबी रिश्तों का जमकर दिखावा किया. उनके साथ अपनी और अपने परिवार की फोटोज पोस्ट करते रहते. सत्ता से हसीना के हटने के बाद भी यह आदत जारी रही, जो उन्हें भारी पड़ गई.

Bombs were allegedly hurled towards the house of Bangladesh’s former cricket captain Shakib Al Hasan after it was announced that he would attend Former Prime Minister Sheikh Hasina’s virtual presser in Delhi. However, he couldn’t take part as he was in Colombo pic.twitter.com/n57vcbnNOl

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