जिम में डेडलिफ्ट करने का क्या है सही तरीका? इस 1 गलती से वॉशरूम जाना हो जाएगा मुश्किल, ये एक्ट्रेस झेल चूकीं हैं दर्द

Last Updated:June 17, 2026, 14:42 IST
Deadlift Mistakes To Avoid: मसल्स बिल्डिंग और बोन्स डेंसिटी के लिए डेडलिफ्ट बहुत ही कारगर एक्सरसाइज माना जाता है. इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम किया जा सकता है. लेकिन इसे करते समय छोटी सी भी गलती आपको बेड रेस्ट पर डाल सकती है.
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डेडलिफ्ट एक बहुत ही इफेक्टिव एक्सरसाइज है. इसे करने से हड्डियों का मिनरल डेंसिटी बढ़ता है , खासकर कूल्हे और पीठ के निचले हिस्से में. इसे अपनी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग रूटीन में शामिल करने से उम्र से संबंधित हड्डियों के घीसने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है. लेकिन इसे एक्सपर्ट की निगरानी में और सावधानी के साथ करना बहुत जरूरी होता है. इसे गलत तरीके से करने पर गंभीर चोट लग सकती है.
हाल ही में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने अपनी दर्दनाक चोट का अनुभव साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि एक छोटी सी गलती की वजह से उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा. रकुल ने नेहा धूपिया के चैट शॉ डबल डेट में बताया कि वह 80 किलो वजन की डेडलिफ्ट कर रही थीं. आमतौर पर वह यह वजन सेफ्टी बेल्ट पहनकर उठाती थीं, लेकिन उस दिन उन्होंने बेल्ट का इस्तेमाल नहीं किया. वजन उठाने के दौरान उनकी रीढ़ की डिस्क पर दबाव पड़ा, जिससे उन्हें गंभीर बैक इंजरी हो गई. हालत इतनी खराब हो गई कि उन्हें करीब 40 दिनों तक बिस्तर से उठने में परेशानी हुई. वह न तो ठीक से चल पा रही थीं और न ही करवट बदल पा रही थीं. यहां तक कि वॉशरूम जाने जैसे सामान्य काम भी मुश्किल हो गए थे.
डेडलिफ्ट करते समय बेल्ट पहनना क्यों जरूरी?एक्सपर्ट्स के अनुसार, वेटलिफ्टिंग बेल्ट पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं देती, लेकिन यह पेट और रीढ़ के आसपास सहारा देकर चोट के जोखिम को कम कर सकती है. यदि एक्सरसाइज करते समय तकनीक गलत हो, शरीर का कोर मजबूत न हो या व्यक्ति अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करे, तो रीढ़ की डिस्क पर दबाव बढ़ सकता है. इससे स्लिप डिस्क या डिस्क प्रोलैप्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि जिम में होने वाली ज्यादातर रीढ़ की चोटें किसी एक गलती की वजह से नहीं होतीं. भारी वजन उठाना, गलत फॉर्म, वार्म-अप न करना, थकान, कमजोर कोर मसल्स और बहुत तेजी से वेट लिफ्ट करना इसके प्रमुख कारण हैं. कई बार अनुभवी लोग भी चोटिल हो सकते हैं यदि उनका शरीर उस दिन उठाए जाने वाले वजन के लिए तैयार न हो.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाजस्लिप डिस्क के लक्षणों में अचानक कमर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी शामिल है. यदि डिस्क नस पर दबाव डालती है, तो दर्द पैरों और कूल्हों तक फैल सकता है. साथ ही सुन्नपन, झनझनाहट और कमजोरी भी महसूस हो सकती है. अगर पेशाब या मल त्याग पर कंट्रोल प्रभावित हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
डेडलिफ्ट करते समय ध्यान रखें ये बातेंविशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डेडलिफ्ट करते समय सही तकनीक अपनाएं, धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं, कोर मसल्स को मजबूत करें और शरीर को पर्याप्त आराम दें. हमेशा फॉर्म को प्राथमिकता दें, वजन को नहीं. शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करना ही चोट से बचने का सबसे अच्छा तरीका है.
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About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



