जब साइकिल चलाने के लिए भी लेना पड़ता था लाइसेंस… बीकानेर का हैरान करने वाला इतिहास

जब साइकिल चलाने के लिए भी लेना पड़ता था लाइसेंस… जानें हैरान करने वाला इतिहास
Bikaner Famous Bicycle License Story: आज जहां साइकिल को सबसे आसान और स्वतंत्र यातायात साधन माना जाता है, वहीं बीकानेर का एक पुराना इतिहास लोगों को चौंका रहा है. एक समय ऐसा भी था जब शहर में साइकिल चलाने के लिए बाकायदा लाइसेंस लेना जरूरी हुआ करता था. यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि उस दौर की अनुशासित प्रशासनिक व्यवस्था की झलक थी. 1950 के दशक में म्युनिसिपल बोर्ड द्वारा जारी किए जाने वाले ये लाइसेंस कागज के नहीं, बल्कि पीतल के बने छोटे बैज होते थे, जिन्हें साइकिल पर लगाया जाता था. यह बैज साइकिल की पहचान और वैधता का प्रमाण होता था. इतना ही नहीं, रात में साइकिल चलाने के लिए हेडलाइट और बैकलाइट भी अनिवार्य थी. आज भले ही यह व्यवस्था खत्म हो चुकी है, लेकिन उस समय की यह अनोखी पहल बताती है कि यातायात नियमों को लेकर प्रशासन कितना सजग था. बीकानेर के एक परिवार के पास आज भी यह लाइसेंस सुरक्षित है, जो अब एक ऐतिहासिक धरोहर बन चुका है और बीते दौर की कहानी बयां करता है.




