‘ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे’, डेब्यू मूवी से लोगों को रुलाया, 7वीं फिल्म से भर दिया जोश, बन गया सुपरस्टार

Last Updated:May 16, 2026, 05:01 IST
एक्टर इंजीनियरिंग करने के बाद सुरक्षित करियर अपना सकते थे, लेकिन उन्होंने बॉलीवुड एक्टर बनने का जोखिम उठाया. एक्टर की डेब्यू फिल्म का एक डायलॉग ‘ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे’ आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. फिल्म ‘मसान’ से बतौर लीड हीरो करियर की शुरुआत की. उन्हें फिर एक वॉर ड्रामा ने रातों-रात स्टार बना दिया . वे नेशनल अवॉर्ड जीतने में भी सफल रहे. उन्होंने ‘सरदार उधम’, ‘सैम बहादुर’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी एक्टिंग क्षमता का लोहा मनवाया है. कैटरीना कैफ के साथ उनकी शादी और अपने परिवार के लिए उनका लगाव, उन्हें लोगों का चहेता बनाता है.
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के सबसे चहेते सितारों में से एक का जन्मदिन है. एक्टर का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वे मुंबई के चेंबूर की तंग गलियों से निकलकर सिल्वर स्क्रीन का चमकता सितारा बने. उन्होंने साबित कर दिया कि अगर हुनर और मेहनत साथ हो, तो मंजिल मिल ही जाती है. आज वह केवल एक एक्टर नहीं, बल्कि अभिनय की एक नई परिभाषा बन चुके हैं. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
हैरानी की बात यह है कि विक्की कभी एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे. उन्होंने अपनी पढ़ाई लिखाई पर पूरा ध्यान दिया और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. कॉलेज के दिनों में जब वे थिएटर से जुड़े, तो उन्हें अहसास हुआ कि उनकी असली जगह ऑफिस के केबिन में नहीं, बल्कि कैमरे के सामने है. बस फिर क्या था, उन्होंने सुरक्षित करियर छोड़कर एक्टिंग की कठिन राह चुन ली. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
साल 2015 में फिल्म ‘मसान’ आई और इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा को एक ऐसा हीरा दिया जिसकी चमक आज तक फीकी नहीं पड़ी. फिल्म में ‘दीपक’ के किरदार में उनकी सादगी और वो मशहूर डायलॉग ‘ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे’ ने दर्शकों की रूह को छू लिया. पहली ही फिल्म से उन्होंने जता दिया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं और इंडस्ट्री में अपनी जगह खुद बनाएंगे. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
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विक्की के करियर में असली टर्निंग पॉइंट साल 2019 में आया, जब फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ रिलीज हुई. ‘हाउ इज द जोश?’ के नारे ने पूरे देश में देशभक्ति की लहर दौड़ा दी. मेजर विहान सिंह शेरगिल के रोल में विक्की ने जो जान फूंकी, उसने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया, जो उनकी कड़ी मेहनत का फल था. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
विक्की ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘सरदार उधम’ से लेकर ‘सैम बहादुर’ तक, उन्होंने ऐतिहासिक किरदारों को पर्दे पर जीवंत कर दिया. हाल में फिल्म ‘छावा’ के टीजर और चर्चाओं ने उनकी पॉपुलैरिटी को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है. वे उन गिने-चुने एक्टरओं में से हैं जो मसाला फिल्मों और संजीदा सिनेमा के बीच बड़ी आसानी से तालमेल बिठा लेते हैं. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
विक्की की सबसे खास बात उनकी सादगी है. उनके पिता शाम कौशल बॉलीवुड के मशहूर एक्शन डायरेक्टर रहे हैं, लेकिन विक्की ने कभी ‘नेपोटिज्म’ का सहारा नहीं लिया. उन्होंने एक छोटे से रोल से शुरुआत की और अपनी मेहनत के दम पर आज यहां तक पहुंचे हैं. ग्लैमर की चकाचौंध के बीच भी वे जमीन से जुड़े हुए इंसान बने रहे, यही उनकी सबसे बड़ी जीत है. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
विक्की की निजी जिंदगी भी किसी हसीन सपने जैसी रही है. साल 2021 में उन्होंने बॉलीवुड की ‘ग्लैमर क्वीन’ कैटरीना कैफ के साथ सात फेरे लिए. राजस्थान के शाही किले में हुई उनकी शादी की तस्वीरों ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था. आज यह जोड़ी इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा और स्टेबल जोड़ियों में से एक मानी जाती है, जो अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी केमिस्ट्री से फैंस का दिल जीत लेती है. (फोटो साभार: Instagram@vickykaushal09)
आज विक्की कौशल युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं. वे दिखाते हैं कि कामयाबी शॉर्टकट से नहीं, बल्कि सब्र और लगन से मिलती है. चाहे एक्शन हो, कॉमेडी हो या फिर इमोशनल ड्रामा, विक्की हर किरदार में ऐसे ढल जाते हैं जैसे वह उन्हीं के लिए बना हो. उनके फैंस को उम्मीद है कि आने वाले समय में वे ‘छावा’ जैसी और भी शानदार फिल्मों से देश का नाम रोशन करते रहेंगे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम@vickykaushal)
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