हजारों गायों के बीच क्यों खास है ‘गंगा’, लोग मानते हैं चमत्कारी शक्ति, जानें क्या जुड़ी है मान्यता

Last Updated:May 04, 2026, 15:19 IST
Bikaner Miracle Cow Ganga: बीकानेर के लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास स्थित गंगा जुबली पिंजरा प्रोल गोशाला इन दिनों आस्था का केंद्र बनी हुई है. यहां हजारों गायों के बीच ‘गंगा’ नाम की एक विशेष गाय लोगों की श्रद्धा का प्रतीक बन गई है. गोशाला में काम करने वाले कर्मचारी और श्रद्धालु इसे चमत्कारी मानते हैं. लोगों का मानना है कि इस गाय के कान में मनोकामना कहने से इच्छाएं पूरी होती हैं. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी आस्था लगातार बढ़ती जा रही है.
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बीकानेर. शहर के लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास स्थित गंगा जुबली पिंजरा प्रोल गोशाला इन दिनों केवल गौसेवा ही नहीं, बल्कि आस्था का भी प्रमुख केंद्र बनी हुई है. यहां हजारों गायों के बीच एक विशेष गाय ‘गंगा’ लोगों की श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है. गोशाला में काम करने वाले लोग और यहां आने वाले श्रद्धालु इस गाय को चमत्कारी मानते हैं और इसकी सेवा में विशेष आस्था रखते हैं.
हालांकि इस मान्यता के पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन लोगों की आस्था इस गाय को एक अलग पहचान देती है. श्रद्धालु इसे केवल एक पशु नहीं, बल्कि अपनी आस्था का प्रतीक मानते है.गोशाला में वर्षों से सेवा दे रहे सुरेश छंगाणी ने बताया कि ‘गंगा’बीकानेर इस गोशाला की सबसे पुरानी गायों में से एक है. उम्रदराज होने के कारण अब इसे बुजुर्ग गायों के साथ रखा जाता है, लेकिन इसके प्रति लोगों का लगाव और सम्मान कम नहीं हुआ है.
हजारों गायों में इसलिए खास है गंगा
सुरेश ने बताया कि गोशाला में हजारों गायें हैं, लेकिन ‘गंगा’ का स्थान सबसे अलग और विशेष है. इस गाय को लेकर लोगों के बीच एक अनोखी मान्यता प्रचलित है. कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति ‘गंगा’ गाय के कान में अपनी मनोकामना कहता है, उसकी इच्छा कुछ समय बाद पूरी हो जाती है. यही वजह है कि गोशाला में आने वाले लोग इस गाय के पास जरूर जाते हैं और श्रद्धा के साथ अपनी मनोकामना व्यक्त करते हैं.
गंगा के कान में इच्छा जताने से होती है पूर्ति
सुरेश छंगाणी बताते हैं कि वे पिछले 14 वर्षों से इस गोशाला में कार्यरत हैं और इस दौरान उन्होंने कई ऐसे उदाहरण देखे हैं, जब लोगों की मनोकामनाएं पूरी हुई हैं. उनका कहना है कि उन्होंने खुद भी ‘गंगा’ गाय के कान में अपनी इच्छा जताई थी, जो बाद में पूरी हो गई. इतना ही नहीं, उनके सामने 10 से अधिक लोगों की इच्छाएं पूरी होने की घटनाएं भी सामने आई हैं.
गोशाला के ट्रस्टी और अन्य कर्मचारी भी इस गाय के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं और इसकी सेवा में कोई कमी नहीं रखते. ‘गंगा’ को समय पर चारा, पानी और देखभाल उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वह स्वस्थ रह सके. गोशाला में आने वाले विशेष अतिथियों को भी ‘गंगा’ गाय के बारे में बताया जाता है और उन्हें इसके महत्व से परिचित कराया जाता है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Bikaner,Rajasthan



