IPS Officer: IG पर महिला ने लगाए आरोप, कौन हैं ये IPS अधिकारी, प्रेमानंद-धीरेंद्र शास्त्री पर बयान से मचा था हंगामा

Last Updated:May 02, 2026, 13:08 IST
IPS Story: राजस्थान के एक सीनियर आईपीएस अधिकारी पर रेप के आरोप लगे हैं. वर्तमान में वह आईजी रैंक पर तैनात हैं. इससे पहले भी वह अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. उन्होंने प्रेमानंद-धीरेंद्र शास्त्री पर भी विवादित बयान दिए थे जिसके बाद काफी हंगामा मचा था. आइए जानते हैं कि ये आईपीएस अधिकारी कौन हैं?
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IPS Officer, rajasthan news, UPSC, ig kishan sahay kaun hai, IPS Kishan Sahay Meena Profile: आईपीएस किशन सहाय पर आरोप लगे.
IPS Kishan Sahay Meena: राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी किशन सहाय मीणा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मामला पहले के विवादों से कहीं ज्यादा गंभीर है. एक 53 वर्षीय महिला ने उनके खिलाफ रेप, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करवाई है. शिकायत डाक के माध्यम से भेजी गई जिसके बाद जयपुर के मालवीय नगर थाने में मामला दर्ज किया गया. इस घटनाक्रम ने न सिर्फ पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है, बल्कि आम लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.आखिर इतने वरिष्ठ पद पर बैठे अधिकारी पर ऐसे आरोप कैसे लगे? क्या है पूरा मामला? और कौन हैं किशन सहाय मीणा? बता दें कि इनका नाम पहले भी कई विवादों में सामने आता रहा है.
कौन हैं किशन सहाय मीणा?
किशन सहाय मीणा राजस्थान कैडर के अधिकारी है.वह मूल रूप से राजस्थान के अलवर के रहने वाले हैं. उनका जन्म 10 जुलाई 1966 को हुआ था. उनका पुलिस सेवा में प्रवेश सीधा IPS के तौर पर नहीं हुआ था. वह पहले आरपीएस अफसर के रूप में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे और DSP (डिप्टी एसपी) के रूप में नियुक्त हुए. इसके बाद साल 2013 में उन्हें प्रमोट कर IPS अधिकारी बनाया गया. एसपी रहते हुए वे करीब पांच महीने तक एपीओ भी रहे. पिछले 13 सालों में वह दो प्रमोशन पा चुके हैं. वर्ष 2019 में वह अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) बने और वर्ष 2023 में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बने.वर्तमान में वे IG रैंक के अधिकारी हैं और लंबे समय से पुलिस सेवा में कार्यरत हैं.28 जून 2023 से वह पुलिस हेडक्वार्टर जयपुर में आईजी हयूमन राइटस के पद पर तैनात हैं.
कहां कहां रही तैनाती?
किशन सहाय मीणा के वर्ष 2013 में प्रमोशन पाने के बाद राजस्थान सरकारों के बदलने का दौर चलता रहा.2013 से अब तक राज्य में चार बार सरकारें बदली.जिसमें दो बार भाजपा और दो बार कांग्रेस की सरकार रही लेकिन खास बात यह रही कि उन्हें कभी भी फील्ड पोस्टिंग नहीं दी गई.सिर्फ जब पहली बार उनको आईपीएस के तौर पर प्रमोट किया गया था तब उन्हें कुछ समय के लिए टोंक जिले का एसपी बनाया गया था. जहां वह महज पांच महीने ही रहे. जनवरी 2014 में उन्हें जीआरपी अजमेर भेज दिया गया.जनवरी 2015 से जून 2015 तक वह एपीओ रहे.इसके बाद सीआईडी क्राइम ब्रांच में उनकी पोस्टिंग हुई जहां वह चार साल तक रहे. 2019 में वह प्रमोट होकर डीआईजी बने और वर्ष 2023 में आईजी. इस दौरान वह सीआईडी, जेल और आरएसी में तैनात रहे.
क्या है पूरा मामला?
एक 53 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि आईपीएस किशन सहाय मीणा ने उसे शादी का झांसा दिया और बाद में उसके साथ जबरदस्ती की. महिला का कहना है कि यह घटना सरकारी आवास पर हुई जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया.FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला के साथ मारपीट की गई और उसे धमकाया भी गया ताकि वह इस मामले को आगे न बढ़ाए.महिला की शिकायत के आधार पर जयपुर के मालवीय नगर थाने में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और पीड़िता के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
अभी किस पद पर तैनात हैं?
किशन सहाय मीणा इस समय राजस्थान पुलिस में महानिरीक्षक (IG) मानवाधिकार के पद पर तैनात हैं. यह पद बेहद महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरा होता है क्योंकि इसमें मानवाधिकार से जुड़े मामलों की निगरानी और संवेदनशील मुद्दों पर कार्रवाई शामिल होती है.ऐसे में इस पद पर बैठे अधिकारी पर इस तरह के आरोप लगना और भी ज्यादा गंभीर माना जा रहा है.
पहले भी विवादों में रहे है
किशन सहाय मीणा का नाम पहले भी कई बार विवादों में रहा है.हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध धर्मगुरुओं प्रेमानंद महाराज और धीरेंद्र शास्त्री को लेकर तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि ये लोग समाज में अंधविश्वास फैलाते हैं, हालांकि उन्होंने उनके कुछ सकारात्मक पहलुओं की भी सराहना की थी.उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी और उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था.
धार्मिक बयानों को लेकर भी रहे सुर्खियों में
किशन सहाय मीणा कई बार सार्वजनिक मंचों पर धर्म और आस्था को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं.एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि भगवान,अल्लाह या वाहेगुरु जैसी कोई शक्ति नहीं होती और यह सब अंधविश्वास को जन्म देता है. उनके अनुसार दुनिया विज्ञान के आधार पर चलती है.इस बयान के बाद भी काफी विवाद हुआ था और उनके खिलाफ विरोध देखने को मिला था.
चुनाव ड्यूटी के दौरान भी हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन वे बिना अनुमति के जयपुर लौट आए थे.इस मामले को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ने कार्रवाई की सिफारिश की थी और राज्य के अधिकारियों को उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे. इस घटनाक्रम ने भी उन्हें विवादों में ला दिया था.किशन सहाय मीणा सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर काफी सक्रिय रहते हैं. वे अक्सर सामाजिक, धार्मिक और वैज्ञानिक मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं.उनकी पोस्ट और बयान कई बार लोगों के बीच बहस का विषय बन जाते हैं जिससे वे लगातार चर्चा में बने रहते हैं.
अब क्यों बढ़ी मुश्किलें?
इस बार मामला किसी बयान या टिप्पणी का नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक आरोप का है. रेप,मारपीट और धमकी जैसे आरोपों के चलते यह केस बेहद संवेदनशील हो गया है.FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर की जाएगी.फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है.इतने वरिष्ठ अधिकारी पर लगे इन आरोपों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या नतीजे सामने आते हैं.
About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें
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