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100 years old jammu ggm science college produced cji cm and army chief now hi tech

Last Updated:April 19, 2026, 19:04 IST

GGM Science College Jammu: जम्मू का 100 साल से भी पुराना गवर्नमेंट गांधी मेमोरियल (GGM) साइंस कॉलेज आज भी शिक्षा का प्रमुख केंद्र है. इसी कॉलेज ने देश को सेना प्रमुख, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और कला जगत के कई दिग्गज दिए हैं. आधुनिक लैब और नए इंटीग्रेटेड कोर्सेज के साथ यह संस्थान आज भी युवाओं और छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है.

जम्मू: शिक्षा और सफलता की मजबूत नींव कहे जाने वाले जम्मू के गवर्नमेंट गांधी मेमोरियल (GGM) साइंस कॉलेज का इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है. यह सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है. जिसने देश को सेना प्रमुख, मुख्य न्यायाधीश, राजनीतिज्ञ और खेल प्रशासक दिए हैं. इस कॉलेज के पूर्व छात्रों की सूची इसकी महान विरासत को दर्शाती है. भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एनसी विज, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद जैसे शीर्ष दिग्गज इसी संस्थान से निकले हैं. इसके अलावा, संगीत की दुनिया में भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन करने वाले प्रसिद्ध संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक बलराज पुरी और बीसीसीआई प्रशासक मिथुन मन्हास भी यहीं के छात्र रहे हैं.

1905 में हुई थी शुरुआतजीजीएम साइंस कॉलेज की कहानी 1905 से शुरू होती है. जब तत्कालीन महाराजा प्रताप सिंह ने प्रिंस ऑफ वेल्स कॉलेज खोलने की घोषणा की थी. उस समय केवल 26 छात्रों के साथ इस संस्थान की शुरुआत हुई थी. यह जम्मू क्षेत्र का पहला बड़ा उच्च शिक्षण संस्थान था. शुरुआत में यहां अंग्रेजी, गणित, इतिहास और संस्कृत जैसे विषय पढ़ाए जाते थे. 1948 में इसका नाम बदलकर गवर्नमेंट गांधी मेमोरियल कॉलेज कर दिया गया. 1954 में विज्ञान संकाय अलग होने पर यह पूरी तरह विज्ञान की पढ़ाई का केंद्र बन गया.

आधुनिक लैब और नए कोर्स की सुविधाएक सदी से अधिक का सफर तय करने के बाद आज भी यह कॉलेज विज्ञान और शोध का प्रमुख हब बना हुआ है. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोमेश गुप्ता के अनुसार संस्थान में अब आधुनिक प्रयोगशालाएं, एक बड़ा डिजिटल पुस्तकालय और वाई-फाई की सुविधा मौजूद है. भौतिक विज्ञान और आईटी के क्षेत्र में इसे एक रिसर्च हब के रूप में विकसित किया गया है.

भूगोल में 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरूमौजूदा सत्र में कॉलेज ने बीएससी और बीसीए के अलावा भूगोल में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स भी शुरू किया है. इन्हीं बेहतरीन सुविधाओं और गौरवशाली इतिहास के कारण आज भी हर साल विभिन्न कोर्सों में लगभग 1600 से ज्यादा छात्र यहां दाखिला लेते हैं.

About the AuthorAmit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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Location :

Jammu and Kashmir

First Published :

April 19, 2026, 19:04 IST

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