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Thalapathy Vijay TVK | Humayun Kabir | तमिलनाडु में TVK को घाटा, तो बंगाल में बीजेपी को ‘डबल’ फायदा, थलापति विजय और कबीर छोड़ेंगे सीट

Last Updated:May 05, 2026, 18:04 IST

तमिलनाडु में थलापति विजय को दो सीटों पर जीत के बाद एक सीट छोड़नी होगी, जिससे टीवीके का आंकड़ा कम होगा. टीवीके 108 से घटकर 107 सीट पर आ जाएगी. वहीं, बंगाल में हुमायूं कबीर दो सीटों पर जीत दर्ज की है. कबीर को छोड़नी होगी एक सीट. दूसरी तरफ फालटा सीट पर होने वाले चुनाव में भी अब बीजेपी की जीत के आसार बढ़ गए हैं. जानिए कैसे दक्षिण का नुकसान बंगाल में बीजेपी के लिए फायदे का सौदा बनने जा रहा है.तमिलनाडु में TVK को घाटा, तो बंगाल में बीजेपी को 'डबल' फायदा, क्या है माजरा?Zoomलेकिन कहानी सिर्फ सोने पर खत्म नहीं होती, क्योंकि TVK के पिटारे में और भी कई बड़े वादे हैं. पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने की बात कही है. अगर राज्य की 1 करोड़ महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र पाई जाती हैं, तो यह अकेला वादा ही सरकार की जेब पर सालाना 30,000 करोड़ रुपये का चपत लगाएगा. इसके अलावा 25 लाख रुपये का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस, फ्री LPG सिलेंडर, और बस में मुफ्त सफर जैसे वादे इस लिस्ट को और भी लंबा और खर्चीला बना देते हैं. तमिलनाडु का कुल बजट साल 2025-26 के लिए करीब 3,89,000 करोड़ रुपये है, और राज्य पहले से ही कर्ज के नीचे दबा हुआ है.

देश में पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद अब सीटों के गुणा-भाग का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ जहां तमिलनाडु में सुपरस्टार थलापति विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटों के साथ शानदार आगाज किया है, वहीं बंगाल में बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है. लेकिन आने वाले दिनों में तमिलनाडु में विजय की पार्टी की एक सीट कम होने वाली है, जबकि बंगाल में बीजेपी की सीटों का आंकड़ा और बढ़ने के आसार हैं. इस दिलचस्प मोड़ ने दोनों राज्यों की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.

तमिलनाडु चुनाव 2026 में टीवीके चीफ थलापति विजय ने अपनी राजनीतिक ताकत दिखाते हुए दो सीटों पेराम्बुर (Perambur) और तिरुचिरापल्ली ईस्ट (Trichy East) से जीत दर्ज की है. नियम के अनुसार, कोई भी निर्वाचित सदस्य दो सीटों पर कब्जा नहीं रख सकता, इसलिए विजय को अगले 14 दिनों के भीतर एक सीट से इस्तीफा देना होगा. इससे विधानसभा में टीवीके का संख्या बल 108 से घटकर 107 रह जाएगा. हालांकि विजय के लिए यह केवल संवैधानिक मजबूरी है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से उनकी पार्टी की एक सीट फिलहाल खाली हो जाएगी.

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर देशभर में चर्चा में कबीर अपने गढ़ में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं. (फाइल फोटो)

बंगाल में बीजेपी का ‘मिशन 208’

तमिलनाडु के विपरीत, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सीटों में इजाफा होने की प्रबल संभावना है. बंगाल में ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने भी रेजीनगर (Rejinagar) और नोदा (Nowda) दोनों सीटों पर जीत हासिल की है. कबीर को भी एक सीट छोड़नी होगी. बंगाल की वर्तमान राजनीतिक लहर को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि कबीर द्वारा खाली की गई सीट पर होने वाले उपचुनाव में बीजेपी बाजी मार सकती है, क्योंकि वहां टीएमसी का आधार पूरी तरह हिल चुका है.

इसके अलावा, दक्षिण 24 परगना की फालटा (Falta) विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग ने मतदान रद्द कर दिया है. वहां ईवीएम के साथ छेड़छाड़ और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों द्वारा गड़बड़ी की शिकायतों के बाद अब 21 मई को दोबारा मतदान होगा. बीजेपी ने इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. अगर बीजेपी फालटा और कबीर की छोड़ी सीट जीत लेती है, तो विधानसभा में उसका आंकड़ा 206 से बढ़कर 208 तक पहुंच सकता है.

फालटा का परिणाम 24 मई को आएगा.

कुल मिलाकर, आने वाले उपचुनावों और इस्तीफों का खेल तमिलनाडु में थलापति विजय के लिए संख्या बल का घाटा लेकर आएगा, जबकि बंगाल में बीजेपी अपनी सत्ता को और अधिक मजबूती देने की ओर बढ़ेगी. बंगाल में 84 साल बाद हिंदुत्ववादी विचारधारा की वापसी के बाद अब बीजेपी एक-एक सीट जीतकर अपने विरोधियों को पूरी तरह हाशिए पर धकेलने की रणनीति पर काम कर रही है. फालटा का परिणाम 24 मई को आएगा, जो यह तय करेगा कि बंगाल में ‘भगवा’ लहर कितनी और ऊंची उठती है.

About the Authorरविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

I am an alumnus of Bharatiya Vidya Bhavan, Delhi with a career in journalism that spans across several prestigious newsrooms. Over the years, I have honed my craft at Sahara Samay, Tehelka, P7 and Live India, a…और पढ़ें

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