रामा-श्यामा से अलग है कालमेघ तुलसी, औषधीय गुणों से भरपूर इस पौधे की बढ़ी डिमांड, जानें सेहत से जुड़े फायदे

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रामा-श्यामा से अलग है कालमेघ तुलसी,जानें औषधीय गुणों से भरपूर इस पौधे के फायदे
Health Tips: कालमेघ तुलसी एक औषधीय पौधा है, जिसकी पत्तियों का उपयोग पारंपरिक रूप से सर्दी-खांसी और बुखार में किया जाता है. छतरपुर के नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. कमलेश अहिरवार के अनुसार, इसकी मांग काफी अधिक है. सामान्य रामा और श्यामा तुलसी की तुलना में कालमेघ की पत्तियां बड़ी होती हैं. इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर छानकर सेवन किया जाता है. हालांकि, बुखार या किसी बीमारी में इसे इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. मधुमेह में भी इसके सेवन की चर्चा होती है, लेकिन इसके फायदे और सुरक्षित मात्रा के लिए विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है. कालमेघ की खेती के लिए बारिश का मौसम उपयुक्त माना जाता है. करीब 1×1 फीट का गड्ढा खोदकर उसमें आधी गोबर खाद और आधी मिट्टी भरकर पौधा लगाया जा सकता है. इसे नर्सरी, कृषि विज्ञान केंद्र या ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है.
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