Entertainment

हीरोगिरी से जुटाई भरपूर दौलत, अब नेतागिरी में ऐसा फंसा एक्टर, सवालों के घेरे में 220 करोड़ की प्रोपर्टी

Last Updated:April 16, 2026, 22:56 IST

सुपरस्टार ने सिनेमा में बिताए बीते 30 सालों में दौलत-शोहरत खूब कमाई, जिस पर विरोधी अब अपनी पैनी नजर लगाए हैं. फिल्म पर विवाद के बाद अब वे अपनी अरबों की संपत्ति की वजह से कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में बताया गया है कि 2026 विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल प्रॉपर्टी डिटेल में विसंगतियां पाई गई हैं. थलापति विजय ने त्रिची (पूर्व) के लिए 220.15 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी, जबकि पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र के हलफनामे में यह आंकड़ा मात्र 115.13 करोड़ दिखाया गया है. 105 करोड़ रुपये के अंतर और गायब संपत्तियों की जांच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से कराने की मांग की गई है.

नई दिल्ली: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार जब तक सिनेमा में रहे, तब तक विवादों से दूर रहे. राजनीति में आते ही चौतरफा दुश्मनों से घिर गए. दशकों में कमाए अरबों की संपत्ति उन्हें मुसीबत में डाल रही है. दरअसल, राजनीति में एंट्री के बाद उन्हें विरोधियों ने घेर लिया है. उन्होंने जनता की सेवा के लिए ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) पार्टी की नींव रखी थी, मगर अब नए मामले में ऐसे घिरे कि उन पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं. हाल में मद्रास हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें थलापति विजय द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए संपत्ति के ब्यौरे में भारी विसंगतियों का आरोप लगाया गया है. इस याचिका ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि अभिनेता की साफगोई पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

चेन्नई के निवासी वी. विग्नेश द्वारा दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जो चुनावी हलफनामा दाखिल किया है, उसमें विरोधाभासी आंकड़े मौजूद हैं. याचिकाकर्ता का तर्क यह है कि एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए दाखिल किए गए दस्तावेजों में संपत्ति का इतना बड़ा अंतर कैसे हो सकता है. यह मामला अब पूरी तरह से अदालत की निगरानी में है, जो विजय के राजनीतिक भविष्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है.<br />(फोटो साभार: IMDb)

विवाद की अहम वजह विजय द्वारा दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों त्रिची (पूर्व) और पेरंबूर के रिटर्निंग अधिकारियों के समक्ष पेश किए गए हलफनामे हैं. याचिका के अनुसार, त्रिची (पूर्व) सीट के लिए दाखिल किए गए दस्तावेजों में विजय ने अपनी कुल संपत्ति लगभग 220,15,62,010 रुपये घोषित की है. वहीं दूसरी ओर, पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र के लिए जमा किए गए हलफनामे में यही आंकड़ा घटकर मात्र 115,13,63,000 रुपये रह गया है, जो बेहद चौंकाने वाला है. (फोटो साभार: IMDb)

Add as Preferred Source on Google

याचिकाकर्ता ने अदालत का ध्यान इस ओर दिलाया है कि संपत्ति के इन दो अलग-अलग आंकड़ों के बीच लगभग 105 करोड़ रुपये का भारी अंतर है. दस्तावेजों में मौजूद इस विसंगति के पीछे थलापति विजय की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब या सहायक दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं. विग्नेश का आरोप है कि संपत्ति के विवरण में इस तरह का हेरफेर मतदाताओं को गुमराह करने और वास्तविक वित्तीय स्थिति को छिपाने की एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है. (फोटो साभार: IMDb)

थलापति विजय पर केस सिर्फ आंकड़ों के अंतर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संपत्तियों के गायब होने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है. याचिका में कहा गया है कि एक खास अचल संपत्ति, जिसका उल्लेख त्रिची निर्वाचन क्षेत्र के शपथ पत्र में प्रमुखता से किया गया था, वह चेन्नई–पेरंबूर सीट के हलफनामे से पूरी तरह नदारद है. एक ही समय के दौरान दो आधिकारिक दस्तावेजों में संपत्ति का इस तरह ‘गायब’ हो जाना जांच की जरूरत की ओर इशारा करता है.(फोटो साभार: IMDb)

याचिका में अदालत से यह मांग की गई है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सौंपा जाए. याचिकाकर्ता का मानना है कि केवल एक निष्पक्ष जांच ही यह स्पष्ट कर सकती है कि क्या यह महज एक गलती है या फिर इसके पीछे कर चोरी या बेनामी संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा मामला है. अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस मामले में हस्तक्षेप करता है, तो विजय की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं. (फोटो साभार: IMDb)

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि थलापति विजय के लिए यह समय काफी नाजुक है क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा करके अपनी पार्टी टीवीके की नींव रखी है. ऐसे में चुनाव से ठीक पहले संपत्ति विवरण में विसंगतियों के आरोपों का सामना करना उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है. विपक्षी दल भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अगले विधानसभा चुनावों की सरगर्मी और बढ़ गई है. (फोटो साभार: IMDb)

थलापति विजय की फिल्म ‘जय नायकन’ की रिलीज पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. राजनीति में एंट्री के बाद रिलीज होने जा रही यह फिल्म उनके सिनेमाई सफर का अंत मानी जा रही है. गौरतलब है कि उन्होंने बतौर बाल कलाकार फिल्मों में एंट्री की थी. उन्होंने 1992 में आई फिल्म ‘नालय्या थीरपू’ लीड हीरो के तौर पर डेब्यू किया था. (फोटो साभार: IMDb)

साल 1994 में आई फिल्म ‘रसिगन’ ने उन्हें युवाओं के बीच पॉपुलर बना दिया, जिसके बाद उनके नाम के आगे इलाया थलापति जुड़ने लगा. वे फिर रोमांटिक हीरो के तौर पर मशहूर हुए. एक्शन में कदम रखा, तो यहां भी पॉपुलर हुए. 2003 में आई फिल्म ‘घिल्ली’ ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए. यह फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी. अब उनके फैंस उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

April 16, 2026, 22:56 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj