आसिम मुनीर के ईरान पहुंचने से पहले भारत ने बिछा दी बिसात, यहां उतारी मिलिट्री – indian army reached uzbekistan bilateral military exercise Dustlik

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आसिम मुनीर के ईरान पहुंचने से पहले भारत ने बिछा दी बिसात, यहां उतारी मिलिट्री
Last Updated:April 16, 2026, 07:25 IST
India Military Diplomacy: ईरान जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई है. इससे एशिया से लेकर यूरोप तक के देशों के नेशनल इंट्रेस्ट पर भी असर पड़ रहा है. खासकर एनर्जी क्राइसिस की स्थिति पैदा हो गई है. इन सबके बीच भारत ने ऐसा कदम उठाया है, जिसका दूरगामी प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है. 
ईरान जंग के बीच इंडियन आर्मी द्विपक्षीय मिलिट्री एक्सरसाइज के लिए उज्बेकिस्तान पहुंची है. (@adgpi के X अकाउंट से साभार)India Military Diplomacy: ईरान जंग के बीच कई ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिसका व्यापक असर पड़ने की संभावना है. आतंकवाद को स्टेट पॉलिसी की तरह इस्तेमाल करने वाला पाकिस्तान संकट के बीच खुद को शांतिदूत बनाने की हर संभव कोशिश कर रहा है. इन सबके बीच भारत ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसकी धमक दूर तक सुनाई देने लगी है. पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर के ईरान पहुंचने से पहले कूटनीति की बिसात पर भारत ने ऐसी चाल चली है, जिससे दुश्मनों का टेंशन में आना स्वाभाविक है. वेस्ट एशिया में तनाव और होर्मुज क्राइसिस के बीच इंडियन आर्मी की टुकड़ी सेंट्रल एशिया में उतरी है. इसका उद्देश्य अकारण किसी को टार्गेट करना नहीं, बल्कि शांति के लिए हिमालयी प्रयास करना और ऐतिहासिक दोस्ती को और मजबूत करना है. इंडियन आर्मी उज्बेकिस्तान की सेना के साथ ‘डस्टलिक’ (Dustlik) सैन्य अभ्यास के लिए नामंगन पहुंची है. भारत के इस कदम से न केवल भारत-उज्बेकिस्तान के संबंध और मजबूत होंगे, बल्कि सेंट्रल एशिया में भारत को सामरिक बढ़त भी हासिल होगी.
उज्बेकिस्तान के नामंगन क्षेत्र में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ (Dustlik) का सातवां संस्करण शुरू हो गया है. भारतीय सेना के अनुसार, इस अभ्यास का उद्घाटन समारोह गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने भाग लिया. यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 12 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक चलेगा और इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल, क्षमता और आपसी सहयोग को और मजबूत करना है. इस अभ्यास में मुख्य रूप से संयुक्त विशेष अभियानों (Joint Special Operations) पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिनका लक्ष्य अवैध सशस्त्र समूहों को निष्क्रिय करना है. भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय जनसंपर्क (ADGPI) ने बताया कि ‘डस्टलिक’ अभ्यास दोनों देशों के बीच वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है और रक्षा सहयोग को नई दिशा देता है.
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास सेंट्रल एशिया में नई दिल्ली की मजबूत होती मिलिट्री डिप्लोमेसी का बड़ा सबूत है. (@adgpi के X अकाउंट से साभार)
इस बात पर खास जोर
उद्घाटन समारोह में उज़्बेकिस्तान के पूर्वी सैन्य जिले के कमांडर मेजर जनरल सईदोव ओयबेक अजादोविच मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस दौरान दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने अभ्यास के महत्व और इसकी रणनीतिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य पहाड़ी (semi-mountainous) क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने की क्षमता को विकसित करना है. इसमें सैनिकों की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना निर्माण, सामरिक अभ्यास और विशेष हथियारों के उपयोग से संबंधित कौशल पर विशेष जोर दिया जाएगा.
होर्मुज संकट के बीच भारतीय सेना कॉम्बैट हेलीकॉप्टर के साथ उज्बेकिस्तान पहुंची है. (@adgpi के X अकाउंट से साभार)
दुश्मनों का सफाया है उद्देश्य
अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाएं कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों का अभ्यास करेंगी, जिनमें भूमि नेविगेशन, दुश्मन के ठिकानों पर हमला (strike missions) और कब्जे वाले क्षेत्रों को मुक्त कराना शामिल है. इसके साथ ही, दोनों पक्ष एक साझा संचालन प्रणाली (unified operational algorithm) विकसित करेंगे, जिससे कमांड और नियंत्रण संरचनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके. भारतीय दल इस दौरान उज़्बेकिस्तान की सेना की कार्यप्रणाली और अभ्यास पद्धतियों को समझेगा, वहीं अपने अनुभव और तकनीकों को भी साझा करेगा. इस प्रकार, यह अभ्यास न केवल सैन्य कौशल को बढ़ाने का अवसर है, बल्कि ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण मंच है.
The opening ceremony of the 7th edition of the annual bilateral Exercise Dustlik between Indian Army and Uzbekistan Army was held at Gurumsaray Field Training Area, Namangan, Uzbekistan. The exercise is scheduled to be conducted from 12 April to 25 April… pic.twitter.com/IyZI1ZYNDh



