Anurag Meena Wins Gold in Ju-Jitsu | अनुराग मीणा ने जीता गोल्ड मेडल

Last Updated:May 09, 2026, 07:25 IST
Anurag Meena Wins Gold in Ju-Jitsu: कोटा के अनुराग मीणा ने भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी जू-जित्सु टूर्नामेंट के 69 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है. फाइनल में उन्होंने सिंघानिया यूनिवर्सिटी के महिपाल सिंह को हराया. इस जीत के साथ उनका चयन 8 से 13 जून तक ब्राजील में होने वाले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए हुआ है. आर्थिक तंगी के बावजूद अनुराग ने अकादमी और कोच के सहयोग से नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर अब तक कई पदक जीते हैं. अब उनकी नजर वर्ल्ड गेम्स और एशियन गेम्स पर है.
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कोटा. शिक्षा की नगरी कोटा अब खेलों की दुनिया में भी अपनी नई पहचान बना रही है. शहर के युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी अनुराग मीणा ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर कोटा का नाम रोशन किया है. एक साधारण परिवार से आने वाले अनुराग ने तमाम आर्थिक चुनौतियों और संघर्षों के बावजूद मार्शल आर्ट की दुनिया में अपनी अलग पहचान स्थापित की है. हाल ही में भोपाल की एलएनसीटी (LNCT) यूनिवर्सिटी में 20 से 24 अप्रैल 2026 तक आयोजित ‘ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी जू-जित्सु टूर्नामेंट’ में अनुराग ने 69 किलो भार वर्ग में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से कुल 32 शीर्ष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था.
प्रतियोगिता के रोमांचक फाइनल मुकाबले में अनुराग मीणा ने सिंघानिया विश्वविद्यालय के खिलाड़ी महिपाल सिंह को अपनी तकनीक और फुर्ती से मात देते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया. इस शानदार उपलब्धि के साथ ही अनुराग का चयन अब ब्राजील में होने वाले ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स’ के लिए हो गया है. यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 8 जून से 13 जून तक आयोजित की जाएगी, जहाँ अनुराग वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.
संघर्ष से सफलता तक का सफरअनुराग मीणा ने अपने खेल करियर की शुरुआत ताइक्वांडो से की थी, लेकिन वरिष्ठ खिलाड़ियों के कौशल को देखकर उनकी रुचि कराटे और जू-जित्सु की ओर बढ़ी. वर्ष 2018 से वे बोरखेड़ा स्थित ए जे मार्शल आर्ट अकादमी में प्रशिक्षक जय कुमार सेन के मार्गदर्शन में नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. अनुराग बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण खेल जारी रखना मुश्किल था, लेकिन उनके प्रशिक्षक ने एक अभिभावक की तरह हर कदम पर उनका सहयोग किया. उनकी इसी प्रतिभा को देखते हुए भोपाल की एलएनसीटी यूनिवर्सिटी ने उन्हें छात्रवृत्ति (Scholarship) भी प्रदान की है, जिससे वे अपनी बीपीईएस (BPES) की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं.
मैडल की झड़ी और भविष्य के लक्ष्यअनुराग के नाम अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कीर्तिमान दर्ज हैं. वे अब तक 5 ओपन नेशनल और 3 इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कुल 5 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य पदक जीत चुके हैं. इसके अलावा एसजीएफआई (SGFI) राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी. कोटा लौटने पर अकादमी में उनका भव्य स्वागत किया गया. प्रशिक्षक जय कुमार सेन ने विश्वास जताया है कि अनुराग भविष्य में एशियन गेम्स और ओलंपिक जैसे मंचों पर देश के लिए पदक जीतेंगे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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