ज्यादा तला-भुना खाने से ही नहीं, इस वजह से भी बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल, दिल के मरीजों के लिए गर्मी की विशेष सावधानियां

Last Updated:June 23, 2026, 12:05 IST
Heart Patient Care During Summers: भीषण गर्मी में हार्ट पेशेंट्स को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए. चूंकि इनका दिल पहले से कमजोर होता है, ऐसे में बहुत अधिक गर्मी, पसीना, लू से समस्या बढ़ सकती है. इसके साथ ही ये भी जान लें कि कोलेस्ट्रॉल ज्यादा तला-भुना खाने से तो बढ़ता ही है साथ ही इस आदत की वजह से भी समस्या होती है.
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पटना. गर्मी का मौसम हृदय रोगियों के लिए विशेष सावधानी बरतने का समय माना जाता है. बढ़ता तापमान शरीर पर दबाव बढ़ाता है. इससे हार्ट मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है. आम लोगों को जहां अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है, वहीं हृदय रोगियों के लिए पानी का सेवन उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार संतुलित होना चाहिए. इसके अलावा खानपान में छोटी-छोटी लापरवाहियां भी नुकसान पहुंचा सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ तला-भुना भोजन ही कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाता, बल्कि कई अन्य आदतें भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं.
यही वजह है कि डॉक्टर गर्मियों के दौरान हार्ट मरीजों को विशेष निगरानी और जरूरी सलाह देते हैं. भीषण गर्मी में ऐसे मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन सी गलतियों से बचना चाहिए, इसे लेकर लोकल 18 ने जय प्रभा मेदांता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के कैथ लैब्स के डायरेक्टर डॉ. शाहीन अहमद से खास बातचीत की.
शरीर का तापमान नहीं झेल पाते हार्ट मरीजडॉ. शाहीन अहमद ने बताया कि गर्मी के मौसम में हृदय रोगियों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत होती है. अधिकांश हार्ट मरीज नियमित रूप से दवाइयों पर निर्भर रहते हैं. कई लोगों का हृदय पहले से कमजोर होता है. ऐसे में शरीर की गर्मी को कंट्रोल करने की क्षमता सामान्य लोगों की तुलना में कम हो सकती है.
हीट स्ट्रोक को बर्दाश्त करने की क्षमता काफी कम रहती है. यही कारण है कि तेज धूप और अत्यधिक तापमान का असर इन मरीजों पर जल्दी पड़ता है. अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती जाए तो वे हीट स्ट्रोक या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो सकते हैं. इसके चलते अस्पताल में भर्ती होने की नौबत भी आ सकती है.
कम पानी पर रहते हैं हार्ट मरीजडॉ. शाहीन अहमद ने बताया कि जहां गर्मियों में सामान्य लोगों को अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है, वहीं हृदय रोगियों के लिए पानी की मात्रा पर अक्सर कंट्रोल रखना पड़ता है. ऐसे में तेज गर्मी के दौरान उनके सामने शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है.
इसलिए हार्ट मरीजों को मौसम के अनुसार विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है. इसीलिए अपने डॉक्टर की सलाह से उन्हें गर्मियों में अपने रोजाना पानी के सेवन में आवश्यकतानुसार थोड़ा बदलाव करना चाहिए, ताकि शरीर में पानी का संतुलन बना रहे और किसी प्रकार की परेशानी न हो.
सिर्फ तला-भुना खाने से नहीं बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, ये भी है कारणडॉ. शाहीन अहमद के अनुसार, हृदय रोगियों को अपने खानपान को लेकर विशेष अनुशासन बनाए रखना चाहिए. तला-भुना भोजन और जंक फूड से जितना संभव हो दूरी बनाकर रखनी चाहिए. उन्होंने बताया कि कई लोगों की धारणा होती है कि कोलेस्ट्रॉल केवल फ्राइड फूड खाने से बढ़ता है, जबकि जरूरत से ज्यादा भोजन करना भी इसकी एक बड़ी वजह हो सकता है.
इसलिए चाहे भोजन कितना भी पौष्टिक क्यों न हो, उसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. हृदय रोगियों को अपने आहार में हरी सब्जियां, सलाद और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अधिक शामिल करना चाहिए, जबकि तले हुए और रिफाइंड खाद्य पदार्थों का सेवन न के बराबर करना चाहिए.
About the AuthorRaina Shukla
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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