हरियाणाः पूर्व कांग्रेस मंत्री ने ‘महिला मित्रों’ के नाम पर जारी 20 लाख ग्रांट अपने घर पर खर्च की, सुखबीर कटारिया समेत 5 पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज

Last Updated:April 29, 2026, 11:25 IST
हरियाणा के गुरुग्राम की अदालत के आदेश पर पुलिस ने सरकारी अनुदान के गलत इस्तेमाल के आरोप में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया और चार अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत केस दर्ज किया है. करीब 20 लाख रुपये की ग्रांट का गबन किया गया था.
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हरियाणा के पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया पर भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया गया है.
गुरुग्राम. हरियाणा के पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया पर भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया गया है. उन्होंने अपनी महिला मित्रों के नाम पर सरकार ग्रांट जारी करवाई औऱ फिर उसका इस्तेमाल अपने घर पर किया.
दरअसल, गुरुग्राम की एक अदालत के आदेश पर पुलिस ने सरकारी अनुदान के गलत इस्तेमाल के आरोप में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया और चार अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत केस दर्ज किया है. अ
धिकारियों ने बताया कि एक साल पहले सेक्टर-12 के ओम प्रकाश कटारिया ने याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया था कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मंत्री रहते अपने घर की मरम्मत के लिए करीब 20 लाख रुपये का अनुदान लिया. शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह अनुदान अनंत सिंह, शर्मिला देवी और बसंती देवी के नाम पर दिखाया गया, जबकि मकान असल में पूर्व मंत्री का था.
उन्होंने बताया कि अपने दावे के समर्थन में बिजली बिल समेत कई दस्तावेज अदालत में दिए गए हैं. शिकायतकर्ता ने बताया कि अदालत ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद पुलिस ने दो रिपोर्ट देकर पूर्व मंत्री को क्लीन चिट दे दी. लेकिन अदालत ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए और कहा कि अनुदानों की पुष्टि तो हुई, पर उनकी वैधता की सही जांच नहीं हुई. इसके बाद अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.
अदालत ने कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर अपराध है और निष्पक्ष जांच जरूरी है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत के निर्देश पर न्यू कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच चल रही है. कटारिया ने बताया कि इस मामले में दो बार एसआईटी बनी और उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है. पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि सभी सरकारी अनुदान डीसी और एसडीएम के सत्यापन के बाद ही मिलते हैं.
याचिका के अनुसार वर्ष 2013-14 में 3 लाख रुपये की ग्रांट आनंद को घर बनाने, वर्ष 2012-13 में एक लाख रुपए की ग्रांट शर्मिला को पति की दवा और कपड़ों के लिए दी गई. इस तरह वर्ष 2014-15 में 1.65 लाख रुपये की ग्रांट दवा और बच्चों की फीस के लिए, वर्ष 2014-15 में ही 50 हजार रुपए की ग्रांट कपड़ों के लिए दी गई. वर्ष 2014-15 में 10 लाख रुपए की ग्रांट प्रगति विकास समिति के नाम पर दी गई जो इसी मकान पर रजिस्टर्ड करवाई गई. मकान का बिजली का मीटर पिछले 20 साल से सुखबीर कटारिया के नाम पर है.
About the AuthorVinod Kumar Katwal
Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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Gurgaon,Gurgaon,Haryana
First Published :
April 29, 2026, 11:24 IST



