Rajasthan

उदयपुर में हीरा बावड़ी हुई साफ, 3 ट्रैक्टर कचरा निकला, फिर से चमका यह पुराना जल स्रोत

Last Updated:April 21, 2026, 16:29 IST

Heera Baori Restoration : उदयपुर के तितरड़ी इलाके में स्थित हीरा बावड़ी, जो सालों से गंदगी में डूबी हुई थी, अब फिर से साफ और आकर्षक बन गई है. ‘जल संसाधन बचाओ अभियान’ के तहत ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर सफाई की और 3 ट्रैक्टर कचरा बाहर निकाला. यह पहल जल संरक्षण और जनभागीदारी का मजबूत उदाहरण बनकर उभरी है.

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उदयपुर : उदयपुर शहर के तितरड़ी इलाके में स्थित हीरा बावड़ी, जो लंबे समय से अनदेखी और गंदगी का शिकार बनी हुई थी, अब एक बार फिर अपने पुराने स्वरूप में लौटती नजर आ रही है. ‘जल संसाधन बचाओ अभियान’ के तहत सार संवाद मंच और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर इस ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई का बीड़ा उठाया और घंटों की कड़ी मेहनत के बाद इसे पूरी तरह साफ कर दिया.

तितरड़ी के ग्रामीण इस मुहिम में जुट गए थे. देखते ही देखते यह एक सामूहिक जनभागीदारी का उदाहरण बन गया. सफाई अभियान के दौरान बावड़ी के अंदर जमा सालों पुराना कचरा बाहर निकाला गया. इसमें प्लास्टिक की थैलियां, कांच की बोतलें, गंदगी और कीचड़ शामिल था, जो पानी के स्रोत को पूरी तरह से दूषित कर रहा था.

3 ट्रैक्टर कचरा निकला, बावड़ी चमकीग्रामीणों ने मिलकर करीब 3 ट्रैक्टर कचरा बाहर निकाला. यह नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया कि एक जल स्रोत किस तरह लापरवाही के कारण कचरे का ढेर बन चुका था. सफाई के बाद पूरी बावड़ी को पानी से धोया गया, जिससे उसका पुराना स्वरूप वापस नजर आने लगा. अब यहां न तो बदबू है और न ही गंदगी, बल्कि साफ-सुथरी बावड़ी लोगों को आकर्षित कर रही है.

हीरा बावड़ी बचाने ग्रामीणों की पहलसार संवाद मंच के सदस्यों ने बताया कि हीरा बावड़ी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार थी. लेकिन अब इसे बचाने और संवारने के लिए लोगों ने खुद आगे आकर जिम्मेदारी निभाई है. यह पहल न सिर्फ सफाई तक सीमित है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी संदेश देती है.

जल संरक्षण को लेकर ग्रामीणों का संकल्पतितरड़ी और फांदा के ग्रामीणों ने इस अभियान की जमकर सराहना की है. लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह सभी जल स्रोतों की देखभाल की जाए, तो पानी की कमी जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकता है. ग्रामीणों ने यह भी संकल्प लिया है कि वे भविष्य में इस बावड़ी को गंदा नहीं होने देंगे और समय-समय पर इसकी साफ-सफाई करते रहेंगे.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

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Location :

Udaipur,Rajasthan

First Published :

April 21, 2026, 16:29 IST

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