KBC: 50 लाख वाला वो सवाल, तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का जवाब, अमिताभ बच्चन ने बजाई ताली वो अफसर भ्रष्ट निकली

Last Updated:May 01, 2026, 12:09 IST
‘कौन बनेगा करोड़पति सीजन 5’ में 50 लाख रुपए जीतने वाली महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार हो चुकी हैं. जब अमिता ने 50 लाख रुपए जीती थीं, तब अमिताभ ने खुशी जताई थी और उनके आगे के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी थीं. अमिता की इस जीत के चर्च पूरे मध्यप्रदेश में हुए थे और खूब चर्चा में रही थीं, लेकिन 2.5 करोड़ रुपए का घोटाल कर वह फंस गईं.
अमिता सिंह तोमर ने ‘केबीसी 5’ में 50 लाख रुपए जीते थे.
मुंबई. कौन बनेगा करोड़पति में लाखों और करोड़ों रुपए जीतने वाले लोगों के लिए अमिताभ बच्चन ने हमेशा ही तालियां बजाई हैं. उनके अच्छे भविष्य की कामनाएं की हैं और उन्हें आशीर्वाद दिया है. जीतने वालों ने पैसों से घर बनावाया, ईलाज करवाया या फिर अपनी जरूरतें पूरी कीं. लेकिन ‘केबीसी 5’ में 50 लाख रुपए जीतने वाली एक महिला को यह पैसे भी कम पड़ गए. वो भी कोई आम महिला नहीं, बल्कि तहसीलदार. उन्हें गिरफ्तार किया गया है. उनपर 2.5 करोड़ रुपए का घोटाले का आरोप है. महिला का नाम अमिता सिंह तोमर है
अमिता सिंह तोमर ने साल 2011 में केबीसी 5 में 50 लाख रुपए जीती थे. अमिताभ बच्चन ने तब केबीसी 5 की हॉट सीट पर बैठीं अमिता से सवाल पूछा था- ‘1857 के युद्ध में, ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के खिलाफ लड़ने वाली ब्रिटिश सेना की कमांडर कौन थीं?’ इसके लिए उन्हें ये चार विकल्प दिए गए थे- A – ह्यू रोज़, B – कर्नल नील, C – विलियम हॉडसन और D – जॉन निकोलसन.
अमिता सिंह तोमर 50 लाख के सवाल का जवाब सोचते हुए. (यूट्यूब वीडियोग्रैब)
अमिता सिंह तोमर ने ‘ए- ह्यू रोज़’ चुना और जीत गईं. इतनी बड़ी रकम जीतने पर उनकी पॉपुलैरिटी पूरे ग्वालियर में बढ़ गई थी. लेकिन साल 2021 में ग्वालियर के श्योपुर में आई बाढ़ के बाद राहत मुआवजे से उन्होंने लगभग 2.5 करोड़ रुपए का घोटाला किया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, श्योपुर के सरकारी रिकॉर्ड में बड़ौदा तहसील में 960 किसानों को लाभार्थी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था और सर्वे के बाद 24068720 रुपये आवंटित किए गए थे. जांचकर्ताओं का कहना है कि इस पैसे का बड़ा हिस्सा असली लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा, बल्कि 127 ऐसे बैंक खातों में चला गया, जिनका बाढ़ पीड़ितों से कोई लेना-देना नहीं था—ये खाते शिवपुरी और मानपुर जैसे दूर-दराज के कस्बों के लोगों के थे, और कुछ मामलों में वे पटवारियों के रिश्तेदार थे, जिन्होंने मुआवजा सूची तैयार की थी.
अमिता सिंह तोमर ने साल 2023 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने अपने पत्र में लिखा था, “पिछले पांच साल से मेरा अपमान हो रहा है. मुझे लगा था कि नए कलेक्टर के आने पर मुझे तहसील का चार्ज मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.” टाइम्स नाउ के मुताबिक, अमिता ने पांच साल तक अलग-अलग विभागों में काम किया, लेकिन उन्हें कोई विशेष जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी. 2023 में वे भूमि अभिलेख देखने वाली मुख्य अधिकारी के पद पर थीं.
About the Authorरमेश कुमारSenior Sub Editor
रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें
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