LIVE: चुनाव आयोग की दहलीज पर जाएगा पीएम मोदी को आतंकी कहने का मामला, बीजेपी ने खरगे के खिलाफ कर ली पूरी तैयारी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. खरगे ने एआईएडीएमके (AIADMK) पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्नादुराई की विचारधारा को मानने वाले लोग मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं जो समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखते. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के साथ जुड़कर एआईएडीएमके लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और पीएम मोदी की गुलाम बन गई है. हालांकि विवाद बढ़ता देख खरगे ने स्पष्ट किया कि उनका मतलब व्यक्तिगत आतंकवादी कहना नहीं बल्कि यह था कि प्रधानमंत्री हमेशा दूसरों को आतंकित करते हैं.
क्या है पूरा विवाद?दरअसल खरगे चेन्नई में एआईएडीएमके की आलोचना कर रहे थे. उन्होंने सवाल उठाया कि अन्नादुराई की विचारधारा को मानने वाले लोग पीएम मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? इसी दौरान उन्होंने कहा, “वह (मोदी) एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती.” खरगे ने आगे कहा कि AIADMK अब अपनी पहचान खो चुकी है और पीएम मोदी की मूक-गुलाम बन गई है.
Mallikarjun Kharge Terrorists Comment on PM Narendra Modi Live Updates
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. शाह ने इसे सार्वजनिक विमर्श के गिरते स्तर का नया रिकॉर्ड बताते हुए कहा कि यह बयान देश के लिए शर्मनाक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस नेता ने बीते 12 वर्षों में आतंकवाद पर पूरी तरह लगाम लगाई है, उन्हें ऐसा कहना अत्यंत निंदनीय है. शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह अपमान उन करोड़ों भारतीयों का अपमान है जो मोदी जी से प्यार और उनका समर्थन करते हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया है, भारत की जनता ने उसे करारा जवाब दिया है और इस बार भी जनता ही इसका उचित प्रत्युत्तर देगी.
भारतीय राजनीति में जुबानी जंग अब एक नए और बेहद तल्ख मोड़ पर पहुंच गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा की गई कथित आतंकवादी वाली टिप्पणी ने देशव्यापी राजनीतिक उबाल पैदा कर दिया है. इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. बुधवार, 22 अप्रैल 2026 की सुबह 10:30 बजे बीजेपी का एक हाई-प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल सीधे निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग) की दहलीज पर दस्तक देने जा रहा है. इस डेलिगेशन में देश के कद्दावर मंत्री और पार्टी के रणनीतिकार शामिल हैं, जो खरगे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उनके चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर सकते हैं.
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है. मालवीय ने इसे कांग्रेस का घटिया प्रदर्शन करार देते हुए कहा कि खरगे ने सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिरा दिया है. उनके अनुसार यह टिप्पणी न केवल खरगे के कद को कम करती है बल्कि कांग्रेस की उस सोची-समझी रणनीति को भी उजागर करती है जिसमें सार्थक बहस के बजाय भारत के सबसे लोकप्रिय नेता को गाली देना और बदनाम करना शामिल है. मालवीय ने कहा कि राजनीति में ऐसी बयानबाजी हताशा और विश्वसनीय विकल्पों की कमी को दर्शाती है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को ‘आतंकी’ कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के किसी नेता ने देश के प्रधानसेवक के प्रति घृणा भरी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया हो. यह कांग्रेस की पुरानी आदत रही है. लोकतंत्र में विरोध हो सकता है लेकिन देश के प्रधानमंत्री के प्रति ऐसी नफरत फैलाना बेहद शर्मनाक है. खड़गे जी को अपने इस बयान के लिए तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए.
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री मोदी पर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश’ और प्रयोग करार दिया है. वल्लभ ने कहा कि यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि कांग्रेस की लिखी हुई स्क्रिप्ट है जिसके तहत वे कभी हिंदुत्व को कुचलने की बात करते हैं तो कभी खास धर्म के लोगों को उकसाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है कि कैसे एक साधारण परिवार का व्यक्ति तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बन गया. वल्लभ के अनुसार कांग्रेस की यह नफरत उनकी राजनीतिक विफलता का नतीजा है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर तीखा प्रहार किया है. केसवन ने कहा कि खरगे की यह टिप्पणी कांग्रेस नेतृत्व की गहरी और बीमार मानसिकता को दर्शाती है. उन्होंने इन बयानों को अपमानजनक बताते हुए कहा कि देशभर में इसकी निंदा हो रही है. केसवन के अनुसार, कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही यह नफरत लोगों को याद दिलाती है कि राहुल गांधी की कांग्रेस भारत की एकता और संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा क्यों है. भाजपा ने इस बयान को लोकतंत्र का अपमान बताते हुए खरगे से सार्वजनिक माफी की मांग की है.
शहजाद पूनावाला ने कहा, “ये मोहब्बत की दुकान नहीं है, नफरत के भाईजान हैं. खरगे जी ने पहले भी बीजेपी-आरएसएस के लोगों को जहरीला सांप बोला, सनातन विरोधी बयान दिए थे, मारने की बात की थी बीजेपी-आरएसएस के लोगों को. अब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ‘आतंकी’ कहा है. इन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री मोदी जी को किस प्रकार से गालियां दी हैं, रावण बोला है, और अब देश के प्रधानमंत्री को आतंकी, मतलब अफजल गुरु और याकूब को तो कांग्रेस पार्टी ‘शहीद’ बोलती है और देश के चुने हुए प्रधानमंत्री को आतंकी बोलती है.और ये पहली बार ऐसी बयानबाज़ी नहीं की गई है. 150 से ज़्यादा गालियां प्रधानमंत्री मोदी को दी गई हैं. उनकी माताजी को, उनके समाज को, उनके चायवाले होने पर, मतलब एक ओबीसी समाज से प्रधानमंत्री आते हैं तो उनको मारने की बातें ‘मोदी की मौत होगी’, ‘हिटलर की मौत मरेगा’, ‘कब्र खुदेगी’ अब उनकी तुलना आतंकी से. और वो भी उस दिन पर, जब हम पहलगाम के विक्टिम्स को याद कर रहे हैं.मतलब कि पहलगाम में जिन्होंने आतंकी हमला किया, उनको तो प्रियंका वाड्रा कांग्रेस ने क्लीनचिट दिया कि इनका कोई मजहबी मोटिव नहीं था. परंतु ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए और देश के प्रधानमंत्री को आतंकी बोल रहे हैं. ये वही लोग हैं जिन्होंने मर्सी पिटीशन लिखी अफजल और याकूब के लिए, जिन्होंने कसाब को बचाने की कोशिश की, कहा कि 26/11 हिंदुओं ने किया है. इस्लामिक जिहाद पर लीपापोती और देश के प्रधानमंत्री, संवैधानिक पदों को गाली—ये इनकी पहचान. संविधान का अपमान, नफ़रत के भाईजान, ये नहीं है.”
बवाल के बाद खरगे की सफाईजब इस बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं तो खरगे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “मेरा मतलब उन्हें आतंकवादी कहना नहीं था बल्कि यह था कि वह हमेशा लोगों और राजनीतिक दलों को ‘आतंकित’ करते हैं. ईडी, सीबीआई और आईटी जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं जिनका इस्तेमाल वह डराने के लिए करते हैं.”
चुनाव आयोग पर भी साधा निशानाखरगे ने पीएम मोदी पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के संसद में पारित न होने के बाद प्रधानमंत्री का राष्ट्र को संबोधित करना गलत है. उन्होंने चुनाव आयोग को बीजेपी की ‘विस्तारित शाखा’ करार देते हुए पक्षपात के आरोप लगाए.
मुख्य बिंदु
· विवादित टिप्पणी: मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल किया.
· सफाई का दौर: बाद में स्पष्ट किया कि वह पीएम की कार्यशैली (डराने-धमकाने) के संदर्भ में ‘आतंकित करने वाला’ कहना चाह रहे थे.
· संस्थाओं का दुरुपयोग: खरगे ने आरोप लगाया कि ED, CBI और IT के जरिए विपक्ष को डराया जा रहा है.
· महिला आरक्षण पर घेरा: उन्होंने सवाल उठाया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया?
· आचार संहिता का उल्लंघन: खरगे के अनुसार, चुनाव के बीच पीएम का संबोधन और परिसीमन (Delimitation) पर उनका रुख आचार संहिता का उल्लंघन है.
विश्लेषणमल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसमें वह बीजेपी को एक तानाशाह शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, आतंकवादी जैसे शब्द का चयन राजनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि बीजेपी इसे सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के अपमान और राष्ट्रवाद से जोड़कर जनता के बीच ले जा सकती है. खरगे की सफाई यह दर्शाती है कि कांग्रेस को इस शब्द के बैकफायर होने का डर है. वहीं, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के क्रियान्वयन में देरी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस दक्षिण भारत में क्षेत्रीय अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई को हवा दे रही है.
सवाल-जवाब मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ क्यों कहा?
खरगे ने एआईएडीएमके और बीजेपी के गठबंधन पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी की कार्यशैली की आलोचना की और आवेश में उन्हें ‘आतंकवादी’ कह दिया, जिसे बाद में उन्होंने ‘आतंकित करने वाला’ बताया.
खरगे ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने चुनाव आयोग को बीजेपी की एक शाखा की तरह काम करने वाला बताया और आरोप लगाया कि आयोग मतदाता सूची में हेरफेर और परिसीमन के प्रयासों को रोकने में विफल रहा है.
महिला आरक्षण बिल (2023) को लेकर कांग्रेस का क्या स्टैंड है?
खरगे का कहना है कि कांग्रेस ने 2023 में इस बिल का समर्थन किया था, लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन की शर्त रखकर अटका दिया है. कांग्रेस इसे मौजूदा 543 सीटों पर तुरंत लागू करने की मांग कर रही है.
खरगे ने प्रधानमंत्री के किस संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन बताया?
खरगे ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के संसद में विफल होने के बाद प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को दिए गए संबोधन को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है.



