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लुंगी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, इमोशन है! साउथ इंडिया की 6 तरह की लुंगियां जो हर संस्कृति की कहानी बयां करती हैं

Last Updated:April 27, 2026, 14:14 IST

Types of South Indian Lungi: दक्षिण भारतीय संस्कृति में लुंगी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि मर्यादा, सरलता और विरासत का प्रतीक है. केरल के सफ़ेद और सुनहरी किनारी वाले ‘मुंडू’ से लेकर तमिलनाडु की गरिमापूर्ण ‘वेष्टी’ तक, इसके कई रूप हैं जो अलग-अलग अवसरों के लिए बने हैं. जहाँ रोज़ाना इस्तेमाल के लिए सूती और चेक वाली लुंगियाँ अपनी आरामदायक बनावट के कारण लोकप्रिय हैं, वहीं शादियों और विशेष त्योहारों के लिए ‘सिल्क लुंगी’ या ‘कसावु मुंडू’ का चयन किया जाता है, जो पहनने वाले को एक शाही लुक देता है.

दक्षिण भारत की संस्कृति जितनी समृद्ध है उतना ही अनोखा यहाँ का पहनावा है. जब हम दक्षिण भारतीय परिधानों की बात करते हैं तो लुंगी का नाम सबसे ऊपर आता है. यह न केवल गर्मी और उमस भरे मौसम के लिए सबसे आरामदायक परिधान है, बल्कि यह यहाँ की सादगी और सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है. आज हम आपको लुंगी के उन 6 प्रमुख प्रकारों से रूबरू करा रहे हैं जो दक्षिण भारत के हर घर की पहचान हैं.

मुंडू: मुंडू केरल का सबसे पारंपरिक और प्रतिष्ठित परिधान है. यह अक्सर सादे सफेद या क्रीम रंग का होता है. इसे पहनना सम्मान का प्रतीक माना जाता है. किसी भी शुभ अवसर, धार्मिक कार्यक्रम या शादी में पुरुष मुंडू पहनकर अपनी जड़ों से जुड़ाव महसूस करते हैं. यह पूर्णता और शालीनता का उदाहरण है.

कासावु: कासावु, मुंडू का ही एक भव्य रूप है. इसके किनारों पर सुनहरे जरी का काम होता है, जो इसे बेहद आकर्षक बनाता है. केरल के त्योहारों जैसे ओणम या विशु के दौरान कासावु पहनना अनिवार्य सा हो जाता है. यह परिधान सादगी में भव्यता का अनूठा संगम है.

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कैली या साराम: तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के आम लोगों के बीच लुंगी को कैली या साराम कहा जाता है. रंग-बिरंगे चेक पैटर्न या धारियों वाली यह लुंगी दैनिक उपयोग के लिए सबसे मुफीद है. किसान हो या दुकानदार, आराम और सुविधा के लिए यह उनकी पहली पसंद है.

कावी मुंडू: केसरिया या गेरूए रंग की लुंगी को कावी मुंडू कहते हैं. यह रंग वैराग्य और अध्यात्म का प्रतीक है. इसे मुख्य रूप से मंदिरों में सेवा करने वाले पुजारी, साधु-संत या धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े लोग पहनते हैं. यह सादगी के साथ-साथ एक अनुशासित जीवनशैली को दर्शाता है.

प्रिंटेड और मॉडर्न लुंगी: आज के दौर में लुंगी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है. कॉटन फैब्रिक पर फ्लोरल प्रिंट, एब्सट्रैक्ट डिजाइन और आधुनिक पैटर्न वाली लुंगियाँ युवाओं में काफी लोकप्रिय हो रही हैं. वे पारंपरिक आराम को फैशन के साथ जोड़कर एक नया स्टाइल स्टेटमेंट बना रहे हैं.

सिल्क लुंगी: जब अवसर खास हो और व्यक्तित्व में चमक लानी हो, तो सिल्क लुंगी सबसे उपयुक्त विकल्प है. रेशमी कपड़े से बनी यह लुंगी अपनी कोमलता और चमक के लिए जानी जाती है. शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में दूल्हे या परिवार के मुख्य सदस्य इसे पहनकर एक शाही अनुभव देते हैं.

First Published :

April 27, 2026, 14:14 IST

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